Operation NoVoice: प्ले स्टोर के ये एप्स बना देंगे आपको कंगाल, डिलीट करने के बाद भी फोन में छिपा रहता है वायरस
Google Play Store dangerous apps list:
साइबर सुरक्षा कंपनी McAfee ने एक बड़े एंड्रॉयड मैलवेयर अभियान ऑपरेशन नोवॉइज का खुलासा किया है। यह मैलवेयर गूगल प्ले स्टोर पर मौजूद 50 से ज्यादा एप्स में छिपा हुआ था, जिन्हें हटाए जाने से पहले 23 लाख से अधिक बार डाउनलोड किया जा चुका था। यह मैलवेयर डिवाइस में गहराई तक पहुंचकर रूट लेवल कंट्रोल हासिल कर सकता है।

विस्तार
McAfee NoVoice malware report:
साइबर सुरक्षा की दुनिया में ऑपरेशन नोवोइस ( Operation NoVoice) नाम के एक खतरनाक एंड्रॉयड मैलवेयर ने तहलका मचा दिया है। गूगल ने प्ले स्टोर से 50 से अधिक ऐप्स को हटा तो दिया है, लेकिन विशेषज्ञों का दावा है कि ये वायरस फोन के ऑपरेटिंग सिस्टम में इतनी गहराई तक घुस जाते हैं कि इन्हें पहचानना और हटाना नामुमकिन सा है।
एंड्रॉइड यूजर्स के लिए एक गंभीर साइबर खतरा सामने आया है। साइबर सुरक्षा कंपनी मैकफी (McAfee ) के शोधकर्ताओं ने एक बड़े पैमाने पर चल रहे मैलवेयर अभियान ऑपरेशन नोवोइस का पता लगाया है। इस अभियान के तहत गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध 50 से अधिक एप्स में खतरनाक मैलवेयर छिपा हुआ था। हालांकि अब गूगल ने इन सभी एप्स को प्लेटफॉर्म से हटा दिया है, लेकिन हटाने से पहले इन्हें 23 लाख (2.3 मिलियन) से अधिक बार डाउनलोड किया जा चुका था, जिससे लाखों यूजर्स के डिवाइस प्रभावित होने की आशंका है।
कैसे काम करता है यह?
सामान्य दिखने वाले एप्स का धोखा
ये 50 से ज्यादा अधिक एप्स प्ले स्टोर पर पूरी तरह से वैध लगते थे। ये वही काम करते थे जो इनके विज्ञापन में कहा गया था, जैसे फोटो मैनेज करना या गेम खिलाना। इसी वजह से यूजर्स को कभी शक नहीं हुआ और इन्हें 23 लाख से ज्यादा बार डाउनलोड कर लिया गया।
रूटकिट हमला:
फोन पर हैकर्स का राज
सुरक्षा एक्सपर्ट्स ने इसे रूटकिट हमला करार दिया है।रिमोट सर्वर से कनेक्शन: एप इंस्टॉल होते ही चुपके से हमलावरों के सर्वर से जुड़ जाता है।कस्टम एक्सप्लॉइट: फिर यह आपके फोन के हार्डवेयर और OS वर्जन की जानकारी भेजता है, जिसके आधार पर हैकर्स एक खास कोड भेजते हैं जो आपके फोन की सुरक्षा में सेंध लगा देता है।फुल कंट्रोल:एक बार सफल होने पर, मैलवेयर को रूट लेवल एक्सेस मिल जाता है। यानी हैकर आपके फोन की सिस्टम लाइब्रेरी बदल सकता है और आपके की ओर से खोले गए किसी भी एप में अपना कोड चला सकता है।फैक्ट्री रीसेट भी है बेअसर
आमतौर पर फोन को फॉर्मेट या फैक्ट्री रीसेट करने से वायरस हट जाते हैं, लेकिन ऑपरेशन नोवोइस को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह रीसेट के बाद भी बना रहे। McAfee के अनुसार, इससे पूरी तरह छुटकारा पाने के लिए डिवाइस के फर्मवेयर को फिर से इंस्टॉल करना पड़ेगा, जो एक तकनीकी प्रक्रिया है।
कौन है सबसे ज्यादा खतरे में?
यह वायरस मुख्य रूप से उन यूजर्स को निशाना बनाता है जो एंड्रॉयड के पुराने वर्जन इस्तेमाल कर रहे हैं या जिन्होंने लंबे समय से सिक्योरिटी पैच अपडेट नहीं किया है। हालांकि, नए डिवाइस भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं कहे जा सकते।
बचाव के तरीके: खुद को ऐसे रखें सुरक्षित
अनजान एप्स हटाएं
: अपने फोन की सेटिंग्स में जाकर एप्स की लिस्ट चेक करें। कोई भी ऐसा एप जिसे आपने इंस्टॉल नहीं किया या जिसकी जरूरत नहीं है, उसे तुरंत डिलीट करें।सॉफ्टवेयर अपडेट: हमेशा अपने फोन का ऑपरेटिंग सिस्टम और सिक्योरिटी पैच अपडेट रखें।प्ले प्रोटेक्ट: सुनिश्चित करें कि गूगल प्ले प्रोटेक्ट आपके फोन में इनेबल है।फर्मवेयर री-इंस्टॉल:अगर फोन अजीब व्यवहार कर रहा है, तो किसी प्रोफेशनल से फर्मवेयर फ्लैश करवा करवाएं।