एआई मचा सकता है तबाही: गूगल डीपमाइंड के रिसर्चर ने छोड़ी नौकरी, ट्रंप ने कहा- एआई से खतरा महज अफवाह
एआई की बढ़ती क्षमताओं और उससे जुड़े खतरों के बीच गूगल डीपमाइंड के रिसर्चर जोश एंगेल्स ने इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने सुरक्षा उपाय विफल होने पर बड़े नुकसान की चेतावनी दी। दूसरी ओर डोनाल्ड ट्रंप ने एआई से जुड़े खतरों को अफवाह बताया और उसे धीमा करने की कोशिशों को चीन से जुड़ी साजिश बताया है।

विस्तार
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की रफ्तार को लेकर टेक इंडस्ट्री में बहस लगातार तेज होती जा रही है। एक तरफ कंपनियां ज्यादा सक्षम एआई सिस्टम तैयार करने की होड़ में हैं, तो दूसरी ओर एआई रिसर्चर्स इसके संभावित खतरों को लेकर चिंता जता रहे हैं। अब गूगल डीपमाइंड के प्रमुख रिसर्चर जोश एंगेल्स ने एआई के खतरों को देखते हुए कंपनी की एजीआई सुरक्षा टीम छोड़ने का फैसला किया है।
'सुरक्षा कमजोर हुई, तो एआई मचाएगा तबाही'
- जोश एंगेल्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक पोस्ट में अपने इस्तीफे की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अब वह स्वतंत्र एआई सुरक्षा संगठन एमईटीआर से जुड़ेंगे। यह संगठन एआई सिस्टम की क्षमताओं और उनसे जुड़े संभावित जोखिमों का आकलन करने पर काम करता है।
- एंगेल्स का कहना है कि वह ऐसे समय में कंपनी से अलग हो रहे हैं, जब बड़ी एआई कंपनियों के बीच इंसानों से भी अधिक सक्षम सिस्टम विकसित करने की होड़ बढ़ती जा रही है। उनके मुताबिक, अगर इन सिस्टम पर लगाए गए सुरक्षा उपाय किसी स्तर पर विफल हो गए, तो भविष्य में बेहद सक्षम एआई से बहुत बड़े नुकसान का खतरा पैदा हो सकता है।
एआई को धीमा करने की मांग क्यों?
- एंगेल्स का फैसला अकेला मामला नहीं है। हाल के दिनों में एआई क्षेत्र से जुड़े कई विशेषज्ञों ने तकनीक के विकास की रफ्तार पर दोबारा विचार करने की जरूरत बताई है। पिछले सप्ताह एंथ्रोपिक और ओपनएआई से जुड़े रिसर्चर जैकब कॉक्सन ने भी इस्तीफा दिया था।
- उन्होंने एआई विकास के मौजूदा तौर-तरीकों को लेकर गंभीर चिंता जताई थी। उनके अनुसार, कंपनियां ऐसी तकनीक विकसित कर रही हैं जिसके खतरों को लेकर पर्याप्त सावधानी नहीं बरती जा रही। इन घटनाओं के बाद एआई से सुरक्षा और तेज इनोवेशन के बीच संतुलन को लेकर बहस और तेज हो गई है।
ट्रंप ने खतरे की आशंकाओं को बताया अफवाह
- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस बहस को लेकर अलग राय रखते हैं। लॉस एंजिल्स में आयोजित ऑल-इन समिट के दौरान एनवीडिया के सीईओ जेनसन हुआंग को ट्रंप का फोन आया। हुआंग ने फोन पर माइक लगाकर दर्शकों को उनके बीच चल रही बातचीत सुनाई। कॉल के दौरान ट्रंप ने एआई के विकास को धीमा करने की कोशिशों की आलोचना की।
- उन्होंने एआई से जुड़े बड़े खतरों की आशंकाओं को खारिज करते हुए इसे राजनीतिक सोच से प्रेरित बताया। ट्रंप ने यह भी कहा कि एआई की रफ्तार रोकने की कोशिशों से चीन को फायदा मिल सकता है। ट्रंप का मानना है कि अमेरिका को इस क्षेत्र में अपनी बढ़त बनाए रखनी चाहिए। अमेरिकी राष्ट्रपति के मुताबिक जरूरत से ज्यादा नियंत्रण प्रतिस्पर्धा को नुकसान पहुंचा सकता है।
जेनसन हुआंग ने भी किया समर्थन
- एनवीडिया प्रमुख जेनसन हुआंग ने भी ट्रंप के रुख से सहमति जताई। उन्होंने कहा कि एआई को लेकर जरूरत से ज्यादा डर पैदा करना सही नहीं है। हालांकि, इसी बातचीत में हुआंग ने जैकब कॉक्सन की तारीफ भी की। उन्होंने कहा कि अपनी चिंताओं को सामने रखने का साहस दिखाना महत्वपूर्ण है।
- उनके मुताबिक, किसी संगठन के भीतर जोखिमों को लेकर आवाज उठाने वाले कर्मचारियों की बातों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। यानी हुआंग एआई के भविष्य को लेकर अत्यधिक डर के खिलाफ हैं, लेकिन सुरक्षा से जुड़े सवाल उठाने वाले रिसर्चरों की भूमिका को भी अहम मानते हैं।
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