Meta: एक बार फिर कानूनी घेरे में मेटा, पूर्व एग्जीक्यूटिव ने ही खोल दिए कंपनी के अंदरूनी राज, जानें पूरा मामला

Jagriti
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीJagriti
Fri, 26 Jun 2026 10:12 AM IST
सार

Meta Lawsuit:

मेटा अपनी कमियों को छिपाने के लिए कानून और पैसों के दम पर पूर्व कर्मचारियों की आवाज जबरन दबा रही है... यह आरोप मेटा पर उसकी ही एक पूर्व पावरफुल एग्जीक्यूटिव ने लगाया है। कंपनी के भीतर के कई राज खोलने वाला यह विवाद अब फेडरल कोर्ट पहुंच चुका है। आइए, जानते हैं आखिर पूरा मामला क्या है? कंपनी पर ऐसे आरोप क्याें लग रहे हैं और विवाद की असली वजह क्या है? जानिए सबकुछ विस्तार से...

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Former Meta Executive Sues Company, Claims Tried Suppress Her Book
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : एआई जनरेटेड

    विस्तार

    Meta sued by former executive Sarah Wynne Williams:

    सोशल मीडिया दिग्गज मेटा एक बार फिर बड़े कानूनी विवादों में घिर गई है। इस बार कंपनी पर गंभीर आरोप लगाने वाली कोई प्रतिद्वंदी कंपनी नहीं, बल्कि उसकी ही एक पूर्व कर्मचारी है। एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, मेटा की एक पूर्व पावरफुल एग्जीक्यूटिव ने कैलिफोर्निया की फेडरल कोर्ट में अपनी ही पुरानी कंपनी के खिलाफ मुकदमा दायर किया है। आरोप है कि मेटा अपनी कमियों और अंदरूनी सच को छिपाने के लिए कानूनी कार्रवाई और आर्थिक दबाव का सहारा ले रही है। साथ ही, कंपनी उनकी किताब 'केयरलेस पीपल' (Careless People) को दबाने और उन्हें सार्वजनिक रूप से बोलने से रोक रही है। बृहस्पतिवार को दायर इस मुकदमे ने टेक इंडस्ट्री के भीतर होने वाले सीक्रेट समझौतों' की पोल खोलकर रख दी है।

    Careless People book Mark Zuckerberg secrets: क्या है पूरा मामला?

    • आरोप लगाने वाली सारा विन-विलियम्स ने 2011-2017 तक फेसबुक में ग्लोबल पॉलिसी डायरेक्ट के रूप में काम किया था। नौकरी छोड़ने के बाद उन्होंने एक किताब लिखी, जिसका नाम है केयरलेस पीपल (Careless People)।
    • इस बुक में उन्होंने कंपनी के अंदरूनी माहौल और कई अधिकारियाकें के व्यवहार से जुड़े गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
    • आपको बता दें इस किताब में सीईओ मार्क जकरबर्ग समेत अन्य अधिकारियों के कथित व्यवहार और चीन में कंपनी के हितों को बढ़ाने के लिए की गई कथित कोशिशों का भी उल्लेख किया गया है।

    किताब में क्या खुलासे हैं?

    • सारा ने अपनी इस बेस्टसेलिंग किताब में कंपनी के भीतर बिताए हुए कई चौंकाने वाले राज खाेलें हैं। उन्होंने मेटा के मुखिया मार्क जकरबर्ग और अन्य बड़े अधिकारियों के व्यवहार को बेहद क्रूर और परेशान करने वाला बताया है।
    • इतना ही नहीं, किताब में इस बात का भी जिक्र किया गया है कि कैसे जुकरबर्ग ने चीन के अधिकारियों और चीनी सरकार का पक्ष जीतने के लिए कथित तौर पर कई कोशिशें की थीं।

    गैग ऑर्डर, जासूसी और 40 लाख से ज्यादा का जुर्माना

    • मुकदमे में यह भी कहा गया कि मेटा ने उनकी इस किताब के मार्केट में आने के बाद से ही सारा-विलियम्स को पूरी तरह चुप कराने की पूरी कोशिश की है।
    • मेटा ने एक कड़ा 'नॉन-डिस्पैरेजमेंट एग्रीमेंट' (कंपनी की आलोचना न करने का समझौता) का हवाला देते हुए प्राइवेट आर्बिट्रेशन ऑर्डर हासिल कर लिया।
    • इसके तहत, सारा अगर एक बार भी कंपनी के खिलाफ कुछ बोलती हैं या अपनी किताब का प्रचार करती हैं, तो उन्हें हर उल्लंघन पर 50,000 अमेरिकी डॉलर यानी करीब 41.7 लाख रुपये का हर्जाना देना होगा।
    • मुकदमे में यह दावा किया गया है कि पिछले एक साल से मेटा के प्रतिनिधि सारा के हर पब्लिक इवेंट में शामिल होते हैं, उनकी तस्वीरें लेते हैं और कड़ी निगरानी रखते हैं।
    • वे यह रिकॉर्ड करना चाहते हैं कि सारा ने कहीं अपनी जुबान तो नहीं खोली। हद तो तब हो गई जब इस साल की शुरुआत में यूनाइटेड किंगडम के एक लिटरेचर फेस्टिवल में सारा एक पैनल का हिस्सा बनीं, जहां बाकी लोग मेटा की आलोचना कर रहे थे, लेकिन भारी आर्थिक जुर्माने के डर से सारा को वहां चुप्पी साधनी पड़ी।

    पूर्व एग्जीक्यूटिव ने कोर्ट से क्या मांग की?

    • अपनी बात रखते हुए पूर्व एग्जीक्यूटिव सारा विन-विलियम्स ने उत्तरी कैलिफोर्निया की फेडरल कोर्ट से मांग की है कि मेटा की ओर से उन पर थोपे गए इस आर्बिट्रेशन ऑर्डर को तुरंत हटाया जाए और उनके नौकरी छोड़ते वक्त हुए सेवरेंस एग्रीमेंट को पूरी तरह रद्द किया जाए।
    • सारा के वकीलों का तर्क है कि नौकरी से निकाले जाने के समय जो एग्रीमेंट उनसे साइन कराया गया था, वह पूरी तरह मानसिक और पेशेवर दबाव में लिया गया फैसला था।
    • मुकदमे में साफ लिखा है कि मेटा यह सब सिर्फ सारा को रोकने के लिए नहीं कर रही, बल्कि वह अपने बाकी कर्मचारियों के मन में भी खौफ पैदा करना चाहती है, ताकि भविष्य में कोई भी मेटा के अवैध और गलत तौर-तरीकों के खिलाफ सच बोलने की हिम्मत न कर सके।

    मेटा ने क्या कहा है?

    • दूसरी तरफ, मेटा ने इन सभी आरोपों को खारिज कर दिया। कंपनी ने सारा विन-विलियम्स पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि हमारी पूर्व कर्मचारी सिर्फ अपनी किताबें बेचने के लिए इस कानूनी प्रक्रिया का गलत इस्तेमाल कर रही हैं।
    • जबकि हकीकत यह है कि एक इंडिपेंडेंट आर्बिट्रेटर पहले ही यह फैसला दे चुका है कि उन्होंने उस एग्रीमेंट को तोड़ा है, जिसे उन्होंने वर्षों पहले कंपनी से एक मोटी सेवरेंस रकम स्वीकार करते समय खुद साइन किया था। उनकी इस किताब में लिखे गए दावे सच्चाई से कोसों दूर, अपमानजनक और पूरी तरह से झूठे हैं।
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