Social Media: फेसबुक अपनी निजता नीति में 26 जुलाई को जारी करेगा नए अपडेट
कई विशेषज्ञों का दावा है कि कैंब्रिज एनालिटिका जैसे मामलों के बाद मेटा व विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म दे रही कंपनियां भ्रामक शब्दावली व भाषा का उपयोग अपनी नीतियों में कर रहे हैं ताकि सरकारी कार्रवाई से बच सकें।

विस्तार
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म मेटा ने फेसबुक, मैसेंजर और इंस्टाग्राम के लिए निजता नीति अपडेट 26 जुलाई को जारी करने की घोषणा की है। कंपनी ने बृहस्पतिवार को बताया कि इस नीति को फिर से लिखा गया है ताकि इसे यूजर्स को आसानी और साफ ढंग से समझाया जा सके।
इसके अनुसार यूजर्स की जानकारियां, डाटा व सूचनाएं फेसबुक व मेटा कंपनी कैसे उपयोग करते हैं, इसी निजता नीति से तय होता है। हाल में कई यूरोपीय देशों, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और खुद भारत की सरकार ने उसे इस नीति को लेकर कड़े निर्देश दिए हैं ताकि नागरिकों की निजता सुरक्षित रख सकें।
कई विशेषज्ञों का दावा है कि कैंब्रिज एनालिटिका जैसे मामलों के बाद मेटा व विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म दे रही कंपनियां भ्रामक शब्दावली व भाषा का उपयोग अपनी नीतियों में कर रहे हैं ताकि सरकारी कार्रवाई से बच सकें।
वहीं फेसबुक की एक पूर्व कर्मचारी फ्रांसेस हॉगैन ने तो दस्तावेजी साक्ष्यों के साथ अमेरिकी सीनेट में साबित किया था कि किस प्रकार फेसबुक न केवल लोकतांत्रिक देशों में भ्रामक प्रचार, झूठ और फर्जी खबरों के जरिए जनमत को बहुत व्यापक स्तर पर प्रभावित कर रहा है, बल्कि म्यांमार और कई अफ्रीकी देशों में हिंसा फैलाने का माध्यम भी बन चुका है।