Facebook: क्या हट जाएगा फेसबुक का ‘Like’ और ‘Comment’ बटन? जानिए कंपनी ने क्यों लिया ये बड़ा फैसला

नीतीश कुमार
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीनीतीश कुमार
Wed, 12 Nov 2025 11:28 AM IST
सार

Facebook Like Button:

सोशल मीडिया पर सबसे पहचानने योग्य आइकन में से एक ‘Facebook Like’ बटन जल्द ही बाहरी वेबसाइट्स से गायब होने वाला है। मेटा ने घोषणा की है कि फरवरी 2026 से फेसबुक के लाइक और कमेंट बटन किसी भी बाहरी वेबसाइट पर काम नहीं करेंगे।

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facebook like comment button plugin removal from website
facebook new - फोटो : Adobe Stock

    विस्तार

    फेसबुक का प्रसिद्ध ‘Like’ बटन, जिसे सोशल मीडिया की पहचान कहा जाता है, अब धीरे-धीरे इतिहास बनने जा रहा है। मेटा ने घोषणा की है कि 10 फरवरी 2026 से बाहरी वेबसाइट्स जैसे ब्लॉग, न्यूज़ साइट्स और शॉपिंग पोर्टल्स पर मौजूद फेसबुक के Like और Comment बटन को बंद कर दिया जाएगा। ये वही बटन हैं जिनके जरिए यूजर्स अपने फेसबुक अकाउंट से किसी वेबसाइट की पोस्ट को ‘लाइक’ करते या कमेंट करते थे।

    हालांकि, फेसबुक एप या वेबसाइट के अंदर का लाइक बटन पूरी तरह पहले की तरह काम करता रहेगा। यूजर्स पोस्ट, फोटो, वीडियो या रील्स पर पहले की तरह ही रिएक्शन दे सकेंगे। यह बदलाव केवल उन वेबसाइट्स के लिए है जो फेसबुक के इन सोशल प्लगइन्स का इस्तेमाल करती हैं।

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    क्यों हटाया जा रहा है एक्सटर्नल Like बटन

    मेटा के अनुसार, यह फैसला उसके डेवलपर टूल्स को सरल और आधुनिक बनाने की दिशा में एक कदम है। फेसबुक के ये एम्बेडेड लाइक और कमेंट प्लगइन्स पिछले एक दशक से ज्यादा समय से सक्रिय हैं। जब वेबसाइट्स फेसबुक से ट्रैफिक और एंगेजमेंट के लिए काफी हद तक निर्भर थीं, तब इन टूल्स का खूब इस्तेमाल होता था।

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    अब स्थिति बदल चुकी है। डेटा प्राइवेसी के कड़े नियम, शेयरिंग पॉलिसीज में बदलाव और नए सोशल प्लेटफॉर्म्स के आने से इन प्लगइन्स की अहमियत घटती गई है। मेटा का मानना है कि पुराने टूल्स को बनाए रखना अब किसी काम का नहीं है, इसलिए इन्हें धीरे-धीरे हटाया जा रहा है।

    Like बटन हटने के बाद क्या होगा

    मेटा ने साफ किया है कि फरवरी 2026 के बाद भी वेबसाइट्स पर कोई तकनीकी समस्या नहीं आएगी। जिन साइट्स पर ये प्लगइन मौजूद हैं, वहां यह बटन बस 0x0 पिक्सल के रूप में रेंडर होंगे, यानी दिखेंगे ही नहीं। साइट के डिजाइन या फंक्शन पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। डेवलपर्स को तुरंत कोई कदम उठाने की जरूरत नहीं है, लेकिन मेटा ने सलाह दी है कि भविष्य में इन कोड्स को हटा देना बेहतर रहेगा ताकि वेबसाइट्स तेजी से लोड हों और साफ दिखे।

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