आर्थिक सर्वेक्षण 2024-25: देश के अधिकांश जिलों में 5G रोलआउट से डिजिटल कनेक्टिविटी को मिला बढ़ावा
सर्वे में कहा गया, "डिजिटल कनेक्टिविटी ने इस वित्तीय वर्ष में डिजिटल समावेशन, तकनीकी नवाचार और नियामक सुधारों में महत्वपूर्ण प्रगति की है, जो डिजिटल इंडिया की सरकार की दृष्टि के अनुरूप है।" सर्वे के अनुसार, वर्तमान में 783 में से 779 जिलों में 5G सेवाएं उपलब्ध हैं।

विस्तार
आर्थिक सर्वेक्षण 2024-25 के अनुसार, देश के अधिकांश जिलों में 5G सेवाओं के विस्तार और दूरसंचार अवसंरचना (टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर) को सुधारने के लिए की गई नीतियों से भारत में डिजिटल कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिला है। बता दें कि आर्थिक सर्वेक्षण, वित्त मंत्रालय के आर्थिक विभाग द्वारा तैयार किया जाता है और मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) के मार्गदर्शन में संपन्न होता है। यह केंद्रीय बजट से पहले प्रस्तुत की जाने वाली वार्षिक रिपोर्ट है, जो अर्थव्यवस्था की मौजूदा स्थिति का विश्लेषण करती है।
भारतनेट प्रोजेक्ट के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में कनेक्टिविटी
शुक्रवार को संसद में प्रस्तुत किए गए इस दस्तावेज में कहा गया कि भारतनेट परियोजना के माध्यम से टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े सुधार किए जा रहे हैं। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों, गांवों, पूर्वोत्तर राज्यों, सीमावर्ती इलाकों और द्वीपों में ब्रॉडबैंड एक्सेस को बढ़ाना है। सर्वे में कहा गया, "डिजिटल कनेक्टिविटी ने इस वित्तीय वर्ष में डिजिटल समावेशन, तकनीकी नवाचार और नियामक सुधारों में महत्वपूर्ण प्रगति की है, जो डिजिटल इंडिया की सरकार की दृष्टि के अनुरूप है।" सर्वे के अनुसार, वर्तमान में 783 में से 779 जिलों में 5G सेवाएं उपलब्ध हैं।
भारतनेट परियोजना के तहत (दिसंबर 2024 तक)
- 6.92 लाख किमी ऑप्टिकल फाइबर केबल (OFC) बिछाई जा चुकी है।
- 2.14 लाख ग्राम पंचायतों में सेवा उपलब्ध (5,032 सैटेलाइट से), 12.04 लाख फाइबर-टू-द-होम (FTTH) कनेक्शन स्थापित।
पूर्वोत्तर क्षेत्र में मोबाइल सेवा विस्तार
- 1,358 साइटों से अब तक कनेक्टिविटी न मिलने वाले गांवों और राजमार्गों को सेवा दी जा रही है।
- अरुणाचल प्रदेश और असम: 671 टावर, 1,178 गांव कवर।
- मेघालय: 433 टावर, 622 गांव और 3 राजमार्ग कवर।
द्वीपों में ऑप्टिकल फाइबर और 5G सेवाएं
- अंडमान और निकोबार द्वीप समूह: 205 Gbps बैंडविड्थ के साथ सबमरीन ऑप्टिकल फाइबर केबल (OFC) परियोजना पूरी।
- सैटेलाइट बैंडविड्थ: 2 Gbps से बढ़ाकर 4 Gbps।
- लक्षद्वीप में 1,869 किमी लंबी सबमरीन OFC परियोजना जनवरी 2024 में पूरी, जिससे 5G और FTTH सेवाएं चालू।