दूरसंचार विभाग ने ट्राई से Whatsapp,Singal जैसे मैसेजिंग एप को रेगुलेट करने के लिए मांगी राय

विशाल मैथिल
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीविशाल मैथिल
Wed, 31 Aug 2022 08:18 PM IST
सार

टेलीकॉम ऑपरेटर्स का कहना है कि इंटरनेट कॉलिंग और मैसेजिंग एप को भी टेलीकॉम कंपनियों के बराबर लाइसेंस फीस का भुगतान करना चाहिए।

विज्ञापन
DoT seeks Trais view to regulate internet calling messaging apps like WhatsApp Signal
दूरसंचार विभाग - फोटो : social media

    विस्तार

    दूरसंचार विभाग ने भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) से इंटरनेट कॉलिंग और मैसेजिंग एप को रेगुलेट करने के लिए राय मांगी है। दूरसंचार विभाग के एक अधिकारी ने बुधवार को जानकारी देते हुए कहा कि दूरसंचार विभाग व्हाट्सएप, सिग्नल, गूगल मीट जैसे इंटरनेट कॉलिंग और मैसेजिंग एप को अच्छे से रेगुलेट करने के लिए एक ढांचा तैयार कर रही है और इसके लिए ट्राई से इस बारे में विचार मांगे गए हैं।

    बता दें कि दूरसंचार विभाग ने पिछले हफ्ते 2008 में जारी इंटरनेट टेलीफोनी पर ट्राई की एक सिफारिश को समीक्षा के लिए वापस भेज दिया था। जिसके बाद दूरसंचार विभाग द्वारा ट्राई को नई टेक्नोलॉजी और इसमें तकनीकी बदलाव से संबंधित व्यापक संदर्भ के साथ आने के लिए निर्देश दिए गए थे। अधिकारी के अनुसार दूरसंचार विभाग ने ट्राई की इंटरनेट टेलीफोनी सिफारिश को अस्वीकार कर दिया था और अब ट्राई से इंटरनेट टेलीफोनी और ओवर-द-टॉप (OTT) के लिए भी व्यापक संदर्भ मांगे गए हैं।

    विज्ञापन

    समान सेवा-समान नियम को लागू करने की हो रही मांग

    दरअसल, टेलीकॉम ऑपरेटर्स सरकार से इंडस्ट्री में समान सेवा-समान नियम के सिद्धांत को लागू करने की मांग कर रहे हैं। टेलीकॉम ऑपरेटर्स का कहना है कि इंटरनेट कॉलिंग और मैसेजिंग एप को भी टेलीकॉम कंपनियों के बराबर लाइसेंस फीस का भुगतान करना चाहिए।

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    ट्राई ने टेलीकॉम ऑपरेटर्स को दी थी रियायत

    बता दें कि 2008 में ट्राई ने आईएसपी को सामान्य टेलीफोन नेटवर्क पर कॉल सहित इंटरनेट टेलीफोनी प्रदान करने की अनुमति देने की सिफारिश की थी। ट्राई ने कहा था कि इसके लिए आईएसपी को इंटरकनेक्शन शुल्क का भुगतान और सुरक्षा एजेंसियों की आवश्यकता के अनुसार वैध अवरोधन उपकरण को स्थापित करना चाहिए। हालांकि, सरकार द्वारा ने एप्स द्वारा दी जा रही कॉल और मैसेजिंग सेवा पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया। इसके बाद 2016-17 में भी टेलीकॉम ऑपरेटर्स ने समान सेवा-समान नियम के सिद्धांत को लागू करने के मुद्दे को उठाया था। हालांकि, ट्राई ने टेलीकॉम ऑपरेटर्स की बात मानते हुए इंटरकनेक्ट उपयोग शुल्क को कुछ कम जरूर कर दिया था। जबकि कॉलिंग और मैसेजिंग एप को कॉलिंग के लिए इंटरकनेक्ट उपयोग जैसा चार्ज नहीं देना पड़ता।

    Login or Signup
    अपना शहर चुनें