PM-WANI: क्या अब सफर के दौरान मिलेगा कुछ घंटों वाला सस्ता वाई-फाई डेटा? जानें इन दो बड़े बदलावों के बारे में
DoT PM-WANI:
टेलीकॉम विभाग (DoT) ने PM-WANI पब्लिक वाई-फाई सर्विस को और आसान बनाने के लिए दो बड़े बदलाव किए हैं। अब यूजर्स को कुछ मिनटों या घंटों की जरूरत के हिसाब से छोटे और सस्ते सैशे डेटा पैक्स मिलेंगे। इसके अलावा, QR कोड स्कैन करके लैपटॉप-टैबलेट में वाई-फाई कनेक्ट करना पहले से ज्यादा सुरक्षित हो जाएगा और नेटवर्क के नाम में 'PM-WANI' लिखा होने से असली हॉटस्पॉट को पहचानना भी आसान होगा।

विस्तार
अगर आप अक्सर सफर के दौरान, रेलवे स्टेशन या किसी पब्लिक जगह पर वाई-फाई इस्तेमाल करते हैं तो आपके लिए एक काम की अपडेट है। टेलीकॉम विभाग (DoT) ने PM-WANI (पब्लिक वाई-फाई) सर्विस को और बेहतर व आसान बनाने के लिए दो नए नोटिफिकेशन जारी किए हैं। इंडस्ट्री संस्था ब्रॉडबैंड इंडिया फोरम (BIF) ने सरकार के इन कदमों का स्वागत किया है। PM-WANI सरकार की एक पहल है जिसका मकसद लोगों तक सस्ता और तेज पब्लिक ब्रॉडबैंड इंटरनेट पहुंचाना है। आइए समझते हैं कि इन दो नए नियमों से आम यूजर और वाई-फाई लगाने वालों को क्या फायदा होगा।
1. अब मिलेंगे छोटे और सस्ते सैशे (Sachet) डेटा प्लान्स
पहले नोटिफिकेशन में सरकार ने सर्विस प्रोवाइडर्स (PDOs और PDOAs) को छोटे ड्यूरेशन वाले इंटरनेट पैक्स लाने की सलाह दी है।
किसे होगा फायदा:
यह उन लोगों के लिए काम का है जिन्हें सिर्फ कुछ मिनटों या घंटों के लिए इंटरनेट चाहिए। उदाहरण के लिए उन यात्रियों के लिए ये उपयोगी है जो रोज सफर करते हैं। साथ ही स्टूडेंट्स या किसी मॉल में आए लोगों के लिए फायदेमंद हो सकता है।
कमाई भी बढ़ेगी:
BIF के प्रेसिडेंट टीवी रामचंद्रन ने साफ किया कि पब्लिक वाई-फाई का दायरा सिर्फ मासिक प्लान्स के दम पर नहीं बढ़ाया जा सकता। छोटे और सस्ते पैक्स आने से ज्यादा लोग इसका इस्तेमाल करेंगे। इससे हॉटस्पॉट लगाने वाले छोटे दुकानदारों और प्रोवाइडर्स की आय भी बढ़ेगी।
2. लैपटॉप और टैबलेट के लिए QR कोड से लॉगिन
दूसरा बदलाव तकनीक और नेटवर्क की पहचान से जुड़ा है:
QR बेस्ड ऑथेंटिकेशन:
अगर आप अपने स्मार्टफोन पर PM-WANI वाई-फाई का इस्तेमाल कर रहे हैं तो अब आप सीधे एक QR कोड स्कैन करके अपने लैपटॉप या टैबलेट पर भी सुरक्षित तरीके से इंटरनेट चला सकेंगे। इससे नेटवर्क एक्सेस करना ज्यादा सेफ और आसान हो जाएगा।
आसानी से पहचाने जाएंगे नेटवर्क:
अक्सर पब्लिक जगहों पर कई सारे वाई-फाई नेटवर्क होते हैं, जिससे असली नेटवर्क पहचानने में दिक्कत होती है। अब सरकार ने सभी PM-WANI हॉटस्पॉट्स का नाम (SSID) एक स्टैंडर्ड तरीके से रखने का नियम बनाया है। हर नेटवर्क के नाम में PM-WANI ब्रांडिंग होगी, जिससे यूजर्स इसे तुरंत पहचान लेंगे।
BIF के मुताबिक, ये नए बदलाव PM-WANI के मूल आइडिया के बिल्कुल समान हैं। यह सिस्टम खासतौर पर छोटे कारोबारियों, किराना स्टोर वालों, VLEs (विलेज लेवल एंटरप्रेन्योर) और स्टार्टअप्स को ध्यान में रखकर बनाया गया है। फाइबर और मोबाइल नेटवर्क की तरह ही, PM-WANI भी देश भर में इंटरनेट कनेक्टिविटी को मजबूत करने का एक अहम हिस्सा बन सकता है।