Digital India Mission: डिजिटल इंडिया मिशन के 10 साल पूरे, कैसा रहा सरकार का रिपोर्ट कार्ड?

सुयश पांडेय
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीसुयश पांडेय
Fri, 12 Dec 2025 04:34 PM IST
सार

डिजिटल इंडिया मिशन के 10 साल पूरे होने पर सरकार ने राज्यसभा में अपनी उपलब्धियों का विस्तृत ब्यौरा पेश किया। रिपोर्ट के अनुसार, हाई-स्पीड इंटरनेट, डिजिटल सेवाएं और रोजगार अब दूर-दराज के गांवों तक पहुंच चुके हैं। देशभर में 5.67 लाख CSC सक्रिय हैं।

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Digital India Report Card: High-Speed Internet, Jobs, and Digital Services Reach Villages Across the Country
Digital India - फोटो : Amar Ujala

    विस्तार

    Digital India Achievement: जुलाई 2015 में शुरू हुए 'डिजिटल इंडिया' विजन के तहत भारत ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच की डिजिटल खाई को पाटने में बड़ी कामयाबी हासिल की है। इस अभियान का असर अब सुदूर गांवों और पहाड़ी इलाकों में साफ दिखने लगा है। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने राज्यसभा में सरकार की डिजिटल उपलब्धियों का ब्यौरा दिया। आइए जानते हैं कि कैसे डिजिटल इंडिया ने ग्रामीण भारत की तस्वीर बदली है।

    1. CSC बना गांवों में डिजिटल सेवाओं का 'पावरहाउस'

    कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) ग्रामीण भारत में डिजिटल सेवाओं की रीढ़ बन गए हैं। ग्राम स्तर के उद्यमी (VLEs) इन केंद्रों के जरिए बैंकिंग से लेकर सरकारी दस्तावेज तक की सेवाएं दे रहे हैं। आंकड़ों की बात करें तो अक्तूबर 2025 तक देश में 5.67 लाख CSC सक्रिय हैं। इनमें से 4.41 लाख सेंटर सीधे ग्राम पंचायत स्तर पर काम कर रहे हैं। इन केंद्रों के माध्यम से ग्रामीणों को 800 से अधिक सरकारी और बिजनेस सेवाएं मिल रही हैं।

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    2. गांव-गांव तक पहुंचा भारतनेट (BharatNet) इंटरनेट

    दूरदराज के इलाकों में ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी पहुंचाने के लिए 'भारतनेट परियोजना' गेम-चेंजर साबित हुई है। अक्तूबर 2025 तक 2,14,843 ग्राम पंचायतें इंटरनेट सेवा के लिए तैयार हो चुकी हैं। इसके जरिए गांवों में वाई-फाई हॉटस्पॉट (Wi-Fi Hotspots) और फाइबर-टू-द-होम (FTTH) कनेक्शन दिए जा रहे हैं। इनसे डिजिटल इकोनॉमी को बढ़त मिली है।

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    3. दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल साक्षरता अभियान

    गांव के लोगों को कंप्यूटर और स्मार्टफोन चलाना सिखाने के लिए सरकार ने 'प्रधानमंत्री ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान' (PMGDISHA) चलाया था। इस योजना के तहत देश भर में 6.39 करोड़ ग्रामीणों को डिजिटल ट्रेनिंग दी गई। यह योजना 31 मार्च 2024 को सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी है और इसने करोड़ों परिवारों को डिजिटल दुनिया से जोड़ा है।

    4. फ्यूचर स्किल्स प्राइम से छोटे शहरों के युवाओं को मिली नई उड़ान

    युवाओं को नई टेक्नोलॉजी (जैसे एआई, बिग डाटा) सिखाने के लिए सरकार ने NASSCOM के साथ मिलकर 'फ्यूचरस्किल्स प्राइम' प्रोग्राम चलाया है। अब तक 15.78 लाख से ज्यादा युवाओं ने इसमें नामांकन कराया है। खास बात ये है कि इसमें शामिल होने वाले 85% युवा टियर-2 और टियर-3 शहरों यानी कि छोटे शहरों से हैं। महिला सशक्तिकरण के तहत इसमें 41% महिलाएं भी शामिल हैं।

    5. अन्य प्रमुख डिजिटल हथियार

    मंत्री जितिन प्रसाद ने बताया कि डिजिटल इंडिया सिर्फ इंटरनेट तक सीमित नहीं है, बल्कि इसने आम आदमी की जिंदगी आसान बनाई है। इनमें ये सेवाएं शामिल हैं:

    • डिजिलॉकर (DigiLocker): दस्तावेजों को सुरक्षित रखने के लिए एप
    • यूपीआई (UPI): कैशलेस लेनदेन के लिए, जो आज दुनिया भर में चर्चा का विषय है
    • उमंग एप (UMANG App): मोबाइल पर सरकारी सेवाओं के लिए
    • जीईएम पोर्टल (GeM Portal): सरकारी खरीद में पारदर्शिता लाने के लिए

    भारत में पूर्वोत्तर और असम जैसे पहाड़ी राज्यों में भी STPI (सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया) और NIC (नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर) के जरिए तकनीक को हर घर तक पहुंचाने का काम तेजी से चल रहा है।

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