Starlink: सैटेलाइट स्पेक्ट्रम पर TRAI की सिफारिशों पर सवाल, DCC ने मांगा स्पष्टीकरण
डिजिटल कम्युनिकेशंस कमीशन (DCC) ने सैटेलाइट कम्युनिकेशन स्पेक्ट्रम से जुड़ी TRAI की सिफारिशों पर कुछ बिंदुओं को स्पष्ट करने की मांग की है। इसमें स्पेक्ट्रम चार्ज और शहरी-ग्रामीण क्षेत्रों के अलग-अलग शुल्क को लेकर सवाल उठाए गए हैं।

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दूरसंचार विभाग की सबसे बड़ी नीति-निर्माता संस्था डिजिटल कम्युनिकेशंस कमीशन (DCC) ने मंगलवार को बैठक कर TRAI की सैटेलाइट स्पेक्ट्रम से जुड़ी सिफारिशों की समीक्षा की। बैठक में तय किया गया कि कुछ बिंदुओं पर TRAI से और स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।
गौरतलब है कि TRAI ने इसी साल मई में सिफारिश दी थी कि सैटेलाइट कम्युनिकेशन कंपनियों, जैसे Starlink, को सरकार को अपने समायोजित सकल राजस्व (AGR) का 4% स्पेक्ट्रम चार्ज देना होगा। यह दर उन कंपनियों की अपेक्षा से कहीं ज्यादा है, जिन्होंने कम शुल्क की मांग की थी।
साथ ही, TRAI ने कहा था कि शहरी क्षेत्रों में सैटेलाइट आधारित ब्रॉडबैंड इंटरनेट सेवाएं देने वाले ऑपरेटर्स को प्रति यूजर सालाना 500 रुपये अतिरिक्त शुल्क देना होगा। हालांकि, ग्रामीण इलाकों में यह अतिरिक्त शुल्क लागू नहीं होगा।
सूत्रों के मुताबिक, DCC अब TRAI को इन सिफारिशों के कुछ हिस्से वापस भेजेगा ताकि अस्पष्ट बिंदुओं पर स्पष्टता मिल सके। इससे सरकार को आगे की नीति तय करने में मदद मिलेगी।
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