क्राउडस्ट्राइक: कंप्यूटर हैक होने से बचाने वाले सॉफ्टवेयर के अपडेट से थमी दुनिया; सिस्टम बार-बार हुआ रीस्टार्ट

ज्योति भास्कर
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीज्योति भास्कर
Sat, 20 Jul 2024 08:26 AM IST
सार

कंप्यूटरों को हैकिंग से बचाने वाले सॉफ्टवेयर के एक अपडेट ने ऑनलाइन चलने वाली दुनिया की रफ्तार थाम दी। रिपोर्ट के मुताबिक क्राउडस्ट्राइक अपने सुरक्षा सॉफ्टवेयर को स्वचालित रूप से चुपचाप अपडेट करता है।

CrowdStrike paused world  software update to protects computers from getting hacked microsoft malfunction
क्राउडस्ट्राइक (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : फ्री-पिक

    विस्तार

    दुनियाभर के हवाई अड्डों पर लंबी कतारों में हाथ से लिखे जा रहे बोर्डिंग पास लिए लाखों लोग साइबर सुरक्षा फर्म क्राउडस्ट्राइक को खरीखोटी सुना रहे थे। इसी कंपनी की एक गलती ने पूरी दुनिया को डायस्टोपियन साइंस फिक्शन फिल्मों के अंदाज में ठप कर दिया। स्काई न्यूज जैसे वैश्विक प्रसारक का लाइव प्रसारण रुक गया। एटीएम, वेंडिंग मशीन, पॉइंट ऑफ सेल (पीओएस) की सेवाएं ठप हो गईं। अस्पतालों में मरीजों के प्रबंधन के लिए इस्तेमाल होने वाले सॉफ्टवेयर बंद हो गए। ओलंपिक खेल समिति का कामकाज रुक गया। शुक्रवार को शायद ही कोई ऐसा देश रहा होगा, जहां इस कंपनी की चर्चा नहीं हुई होगी।

    क्राउडस्ट्राइक की स्थापना 2011 में हुई...

    यह क्लाउड-आधारित साइबर सुरक्षा प्लेटफॉर्म है, जिसका सॉफ्टवेयर फाल्फन सेंसर दुनिया की सबसे बड़ी (फॉर्च्यून 500) कंपनियों को अपने कंप्यूटरों और नेटवर्क को हैकरों और बाहरी सुरक्षा खतरों से बचाने में मदद करता है। इसके लिए क्राउडस्ट्राइक का सॉफ्टवेयर कंप्यूटर सिस्टम पर अपने दिशानिर्देशों को चलाने का व्यापक विशेषाधिकार लेता है। इसमें बूटलोडर व ऑपरेटिंग सिस्टम जैसे संवेदनशील क्षेत्र भी शामिल हैं। यह इसलिए होता है, ताकि कोर और क्रिटिकल फंक्शन पर अगर किसी तरह का हमला हो, तो उसे तुरंत रोका जा सके।

    माइक्रोसॉफ्ट का विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम बार-बार होने लगा रीस्टार्ट

    शुक्रवार सुबह जब माइक्रोसॉफ्ट का फाल्कन सेंसर सॉफ्टवेयर अपडेट हुआ, तो इसमें कुछ इस तरह की गड़बड़ी आ गई, जिससे माइक्रोसॉफ्ट का विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम बार-बार रीस्टार्ट होने लगा। खामी से क्लाउड विंडोज आधारित कंप्यूटर ठप हो गए।

    बड़े हवाईअड्डों पर लगी यात्रियों की भीड़...

    दिल्ली, मुंबई, बंगलूरू, चेन्नई, कोलकाता जैसे बड़े हवाई यातायात केंद्रों पर माइक्रोसॉफ्ट आउटेज की वजह से यात्रियों को भारी पेरशानी हुई। खासतौर पर बोर्डिंग पास के लिए लंबी कतारें लगीं, ऑनलाइन चेक इन नहीं होने की वजह से हर जगह चेक इन व चेक आउट मैनुअली किया गया, जिससे भी यात्रियों को अपनी बारी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा।

    यह पहली बार नहीं है...

    • 2016 में क्राउडस्ट्राइक के विश्लेषकों ने दावा किया था कि अमेरिका की डेमोक्रेटिक पार्टी का राष्ट्रीय अधिवेशन डाटा उल्लंघन का शिकार हुआ था।
    • जांच के बाद क्राउडस्ट्राइक ने दावा किया था कि रूसी ऑपरेटिव के दो समूहों ने एक डेमोक्रेटिक पार्टी के सर्वर को हैक किया था।

    क्लाउड कंप्यूटिंग ऐसी व्यवस्था है, जिसमें केंद्रीय सॉफ्टवेयर या प्रोग्राम को एक सर्वर पर रखा जाता है। इसका इस्तेमाल एकसाथ कई जगह कई कंप्यूटरों के जरिये किया जाता है। सरल शब्दों में कहें तो क्लाउड कंप्यूटिंग इंटरनेट के जरिये कंप्यूटिंग सेवाओं की डिलीवरी है। इसमें सर्वर, स्टोरेज, डेटाबेस, नेटवर्किंग शामिल हैं।

    • अमेजन वेब सर्विस...32% हिस्सेदारी
    • माइक्रोसॉफ्ट एज्यूर...23% हिस्सेदारी
    • गूगल क्लाउड...10% हिस्सेदारी

    -यतींद्र लवानिया

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