Cloudflare: क्या AI एजेंट्स बनेंगे छोटे व्यापारियों का काल? क्लाउडफ्लेयर के सीईओ की इस चेतावनी ने उड़ाई नींद

Nitish Kumar
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीNitish Kumar
Wed, 24 Jun 2026 02:47 PM IST
सार

AI एजेंट्स लोगों की जगह खरीदारी और फैसले लेने लगेंगे तो छोटे कारोबारों के लिए ग्राहकों तक पहुंचना मुश्किल हो सकता है। क्लाउडफ्लेयर के सीईओ मैथ्यू प्रिंस का मानना है कि इससे बड़ी कंपनियां और मजबूत होंगी, जबकि नए और छोटे बिजनेस के लिए बाजार में टिकना चुनौती बन सकता है।

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क्लाउडफ्लेयर के सीईओ ने दी चेतावनी - फोटो : अमर उजाला (एआई जनरेटेड)

    विस्तार

    आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आज हमारे काम करने, खरीदारी करने और जानकारी जुटाने के तरीके को पूरी तरह से बदल रहा है। लेकिन जैसे-जैसे यह तकनीक अधिक स्मार्ट और सक्षम होती जा रही है, इंडस्ट्री के कई दिग्गजों के माथे पर चिंता की लकीरें गहरी होने लगी हैं। उनका मानना है कि यह तकनीकी क्रांति छोटी कंपनियों के लिए एक बड़ा संकट खड़ी कर सकती है। इसी कड़ी में क्लाउडफ्लेयर (Cloudflare) के सीईओ मैथ्यू प्रिंस ने एक गंभीर चिंता जताते हुए कहा है कि भविष्य में 'एआई एजेंट्स' छोटे कारोबारों को पूरी तरह से बर्बाद कर सकते हैं।छोटे कारोबारों के सामने नई चुनौतीमैथ्यू प्रिंस का कहना है कि अगर भविष्य में AI एजेंट्स लोगों की ओर से खरीदारी और फैसले लेने लगते हैं, तो छोटे बिजनेस के लिए खुद को ग्राहकों तक पहुंचाना बेहद कठिन हो जाएगा। उन्होंने कहा, "कल्पना कीजिए कि आप एक छोटा कारोबार चला रहे हैं और आपको किसी AI एजेंट को यह भरोसा दिलाना है कि वह आपके यहां से खरीदारी करे। यह काम बेहद मुश्किल होगा।"

    उनका मानना है कि इससे पहले से स्थापित बड़ी कंपनियों को और ज्यादा फायदा मिलेगा, जबकि नए कारोबारों के लिए बाजार में जगह बनाना कठिन हो जाएगा।

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    आखिर AI एजेंट होते क्या हैं?

    प्रिंस की चिंता AI एजेंट्स को लेकर है, जिन्हें मौजूदा AI चैटबॉट्स से कहीं ज्यादा उन्नत माना जा रहा है। आज के अधिकांश AI टूल्स केवल सवालों के जवाब देते हैं, लेकिन AI एजेंट्स खुद से काम पूरा कर सकते हैं। यूजर सिर्फ उन्हें एक काम सौंपेगा और बाकी प्रक्रिया AI अपने आप संभाल लेगा।

    उदाहरण के लिए, अगर कोई व्यक्ति AI एजेंट से कहे कि उसे सबसे अच्छी क्वालिटी के आम सबसे कम कीमत पर खरीदकर घर पहुंचा दिए जाएं, तो एजेंट इंटरनेट पर खोज करेगा, अलग-अलग कीमतों की तुलना करेगा, भुगतान करेगा और डिलीवरी भी तय कर देगा। इस दौरान यूजर को बीच में दखल देने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

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    बड़े ब्रांड्स का होगा बाजार पर कब्जा

    मैथ्यू प्रिंस का मानना है कि तकनीक का यह बदलाव बड़े और स्थापित ब्रांड्स के पक्ष में जाएगा। जब इंटरनेट पर प्रोडक्ट खोजने, तुलना करने और खरीदने का काम मशीनें करेंगी, तो छोटे व्यापारियों को तवज्जो नहीं मिलेगी। जिन ब्रांड्स की ऑनलाइन मौजूदगी पहले से मजबूत है और जिनके पास असीमित संसाधन हैं, वे सारा फायदा बटोर ले जाएंगे। प्रिंस चेतावनी देते हैं कि अगर बाजार में नए लोगों के लिए कोई जगह ही नहीं बचेगी, तो आने वाले समय में आपको एक भयंकर एकाधिकार देखने को मिलेगा।

    कंपनियां अभी से कर रही हैं तैयारी

    AI एजेंट्स का दौर अभी दूर की बात नहीं लग रहा। कई कंपनियां पहले ही अपने सिस्टम को इस बदलाव के लिए तैयार कर रही हैं। फाइनेंशियल सर्विसेज कंपनी मॉर्गन स्टेनली ने अपने शेयरवर्क्स और इक्विटी एज प्लेटफॉर्म में बदलाव शुरू कर दिए हैं। कंपनी अब ग्राहकों को ऐसे AI एजेंट्स इस्तेमाल करने की सुविधा दे रही है जो सीधे इन प्लेटफॉर्म्स से बातचीत कर सकें और जरूरी जानकारी हासिल कर सकें।

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