टेक्नोलॉजी का कमाल: धरती से स्पेस स्टेशन पहुंचा AI चैटबॉट, अंतरिक्ष यात्रियों की कर रहा मदद

नीतीश कुमार
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीनीतीश कुमार
Mon, 25 Aug 2025 02:14 PM IST
सार

AI Chatbot In Space:

अंतरिक्ष में चीन ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। चीनी अंतरिक्ष यात्री अब अपने साथ एक नए साथी के साथ काम कर रहे हैं, जिसका नाम 'वुकोंग AI' है। यह चैटबॉट अंतरिक्ष यात्रियों को उनके मिशन में मदद करने के लिए डिजाइन किया गया है।

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china unveils wukong ai chatbot on tiangong space station
चीन के स्पेस स्टेशन पहुंचा एआई चैटबॉट - फोटो : AI

    विस्तार

    एआई चैटबॉट अब धरती पर ही नहीं अब स्पेस में भी अपने पैर जमाने लगा है। हाल ही में चीन ने अपने तियांगोंग अंतरिक्ष स्टेशन पर एक नया AI चैटबॉट तैनात किया है, जिसे 'वुकोंग एआई' नाम दिया गया है। यह नाम एक प्रसिद्ध चीनी पौराणिक कथा 'मंकी किंग' से लिया गया है, जो चतुराई, अनुकूलन क्षमता और ज्ञान की खोज का प्रतीक है।

    मिशन में कैसे मदद करेगा वुकोंग एआई

    यह चैटबॉट नेविगेशन, टैक्टिकल प्लानिंग और जटिल परिस्थितियों में तेजी से जानकारी उपलब्ध कराने में सक्षम है। पिछले महीने लाइव होने के बाद इसने तीन ताइकॉनॉट्स को 6.5 घंटे लंबे स्पेसवॉक के दौरान सहयोग दिया, जिसमें स्टेशन का निरीक्षण और स्पेस डेब्रिस प्रोटेक्शन डिवाइस लगाना शामिल था।

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    दो मॉड्यूल वाला सिस्टम

    वुकोंग एआई को दो हिस्सों में डिजाइन किया गया है। पहला मॉड्यूल स्पेस स्टेशन पर है जो ताइकॉनॉट्स को सीधे सहायता करता है, जबकि दूसरा ग्राउंड मॉड्यूल पृथ्वी पर है, जो गहन विश्लेषण कर समर्थन प्रदान करता है। दोनों के तालमेल से यह सिस्टम हर मिशन के हिसाब से खुद को ढाल सकता है।

    घरेलू एआई मॉडल पर आधारित

    चीन की सरकारी न्यूज एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, वुकोंग एआई को चीन के घरेलू ओपन-सोर्स एआई मॉडल पर बनाया गया है। इसे एयरोस्पेस फ्लाइट डेटा पर विशेष रूप से प्रशिक्षित किया गया है ताकि यह चीन की मानवयुक्त अंतरिक्ष योजनाओं में अहम भूमिका निभा सके।

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    बढ़ती स्पेस रेस में चीन की चाल

    यह पहली बार है जब चीन ने अपने स्पेस स्टेशन पर लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLM) तैनात किया है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब भारत समेत एशियाई देशों के बीच अंतरिक्ष प्रतिस्पर्धा तेज हो गई है। हाल ही में अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा (NASA) ने भी चंद्रमा पर न्यूक्लियर रिएक्टर लगाने की योजना को आगे बढ़ाया है।

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