सावधान: पब्लिक प्लेस में फोन चार्ज करने से खाली हो सकता है बैंक अकाउंट, जानें क्या है 'जूस जैकिंग' स्कैम?

Suyash Pandey
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीेSuyash Pandey
Tue, 30 Jun 2026 04:50 PM IST
सार

Public Charging Scam Explained:

एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन या कैफे जैसे पब्लिक चार्जिंग स्टेशनों पर फोन चार्ज करना आपकी सबसे बड़ी गलती साबित हो सकती है। जूस जैकिंग स्कैम के जरिए साइबर अपराधी आपके फोन का डेटा, बैंकिंग डिटेल्स और निजी जानकारी चुरा सकते हैं। जानिए यह स्कैम कैसे काम करता है और इससे बचने के सबसे आसान तरीके।

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Charging Your Phone at Public USB Ports? Here's How Juice Jacking Can Hack Your Device
फोन चार्ज करने की ये एक गलती पड़ सकती है भारी! - फोटो : एआई

    विस्तार

    आजकल सफर करते समय पावर बैंक या अपना चार्जर साथ ले जाना हम अक्सर भूल जाते हैं। ऐसे में एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, होटल या किसी कैफे में लगे फ्री चार्जिंग स्टेशन बड़े काम आते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अनजान जगह पर फोन चार्ज करने की आपकी यह छोटी सी आदत आपको बड़ा नुकसान पहुंचा सकती है?

    जी हां, सिर्फ फोन को चार्जिंग पर लगाने से आपका पर्सनल डेटा, सीक्रेट चैट्स, तस्वीरें और यहां तक कि बैंक अकाउंट भी हैकर्स के हाथ लग सकता है। टेक्नोलॉजी की दुनिया में इस खतरे को जूस जैकिंग कहा जाता है। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि यह कैसे काम करता है और आप इससे कैसे बच सकते हैं।

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    क्या है जूस जैकिंग स्कैम?

    दरअसल, आपके फोन को चार्ज करने वाली USB केबल के दो काम होते हैं- पहला बैटरी चार्ज करना और दूसरा डेटा ट्रांसफर करना। हैकर्स इसी बात का फायदा उठाते हैं। वे पब्लिक चार्जिंग पोर्ट्स या वहां लगी केबल्स के साथ छेड़छाड़ करके उनमें एक हैकिंग डिवाइस या वायरस फिट कर देते हैं।

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    कैसे चुराया जाता है आपका डेटा?

    जैसे ही आप अपना फोन उस पब्लिक चार्जिंग पोर्ट से कनेक्ट करते हैं, फोन तो चार्ज होने लगता है, लेकिन साथ ही हैकर्स बिना आपकी जानकारी के आपके स्मार्टफोन में मौजूद सारी बैंक डिटेल्स, पासवर्ड्स और पर्सनल फोटो दूर बैठे ही चुरा लेते हैं। कई बार वे फोन में खतरनाक मैलवेयर या वायरस भी भेज देते हैं, जिससे आपका पूरा फोन उनके कंट्रोल में आ जाता है।

    इस बात का रखें खास ख्याल

    अगर किसी पब्लिक चार्जिंग स्टेशन पर फोन कनेक्ट करने के बाद आपकी स्क्रीन पर "Allow this device", "Trust this computer" या डेटा एक्सेस से जुड़ा कोई पॉप-अप आता है, तो तुरंत अलर्ट हो जाएं। इसका सीधा मतलब है कि वह पोर्ट सुरक्षित नहीं है। ऐसी स्थिति में गलती से भी किसी परमिशन को अलाउ न करें और तुरंत अपना फोन वहां से हटा लें।

    जूस जैकिंग स्कैम से कैसे बचें?

    अपने डेटा और बैंक अकाउंट को सुरक्षित रखने के लिए इन आसान टिप्स को फॉलो करें:

    अपना चार्जर हमेशा साथ रखें:

    सफर के दौरान हमेशा अपना अडैप्टर और केबल साथ लेकर चलें। फोन को USB पोर्ट की बजाय सीधे दीवार वाले सॉकेट से चार्ज करना सबसे सुरक्षित है।पावर बैंक का इस्तेमाल करें:यात्रा पर निकलने से पहले अपना पावर बैंक फुल चार्ज कर लें और जरूरत पड़ने पर सिर्फ उसी का इस्तेमाल करें।प्राइवेसी केबल का इस्तेमाल:बाजार में ऐसे USB डेटा ब्लॉकर्स आते हैं जो केबल के डेटा ट्रांसफर वाले हिस्से को ब्लॉक कर देते हैं और सिर्फ पावर को ही पास होने देते हैं। पब्लिक प्लेस पर चार्ज करते समय इनका इस्तेमाल बहुत काम आता है।फोन को स्विच ऑफ करके चार्ज करें:अगर बहुत इमरजेंसी हो और कोई विकल्प न हो, तो अपने स्मार्टफोन को पूरी तरह स्विच ऑफ कर दें और उसके बाद ही पब्लिक पोर्ट से चार्ज करें।

    थोड़ी सी सावधानी आपको बड़े नुकसान से बचा सकती है। फ्री या पब्लिक चार्जिंग के चक्कर में अपने फोन का कीमती और प्राइवेट डेटा दांव पर न लगाएं।

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