बजट 2022: BSNL को मिले 44,720 करोड़, VRS के लिए भी मिलेगा अलग से फंड
पग्रेडेशन के लिए 44,720 करोड़ रुपये के अलावा सरकार ने वॉलेंटरी रिटायरमेंट स्कीम के लिए भी BSNL को 7,443.57 रुपये की अतिरिक्त वित्तीय सहायता देने का एलान किया है।

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घाटे में चल रही सरकारी टेलीकॉम कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) को सरकार ने 44,720 करोड़ रुपये देने का एलान किया है। इसकी घोषणा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2022-23 के भाषण में की। बजट के मुताबिक इस पैसे को BSNL की 4जी सर्विस और कंपनी के पुनर्गठन में इस्तेमाल किया जाएगा।
अपग्रेडेशन के लिए 44,720 करोड़ रुपये के अलावा सरकार ने वॉलेंटरी रिटायरमेंट स्कीम के लिए भी BSNL को 7,443.57 रुपये की अतिरिक्त वित्तीय सहायता देने का एलान किया है। जीएसटी पेमेंट के लिए भी 3,550 करोड़ रुपये दिए जाएंगे।
वॉलेंटरी रिटायरमेंट स्कीम के लिए के मिले पैसे का इस्तेमाल BSNL और MTNL दोनों के लिए होगा। यह वित्तीय मदद उस 69,000 करोड़ रुपये के रिलीफ पैकेज से अलग है जिसे अक्टूबर 2019 में दिया गया था।
दिसंबर 2021 में BSNL की मौजूदा हालत के लिए द्रमुक सांसद दयानिधि मारन ने सरकार को जिम्मेदार ठहराया था। मारन ने लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान कहा कि बीएसएनएल की 4 जी और 5 जी सेवाएं गायब हैं और इसके लिए सिर्फ-और-सिर्फ सरकार को दोषी है।
मारन ने आगे कहा कि पूर्व दूरसंचार मंत्री ने आश्वासन दिया था कि बीएसएनएल और महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड (एमटीएनएल) दोनों ही यूजर्स को 4जी और 5जी सेवाएं देने में सक्षम होंगे, लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हुआ। इसका जवाब कौन देगा?
मारन ने कहा कि बीएसएनएल के ग्राहक रिलायंस जियो के साथ जा रहे हैं जिसका समर्थन सरकार करती है। मारन ने यहां तक कह दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीरों का इस्तेमाल जियो के विज्ञापन के लिए होता है। मारन के इस बयान के बाद लोकसभा में हंगामा हो गया। इसके बाद अध्यक्ष ओम बिरला ने मारन को टोकते हुए कहा कि सांसद केवल अपने-अपने राज्यों और निर्वाचन क्षेत्रों या नीतिगत मामलों से संबंधित प्रश्न पूछें।