मोबाइल यूजर्स सावधान: हैकर्स ले रहे गाने का सहारा, खतरे में हैं करोड़ों एंड्रॉयड स्मार्टफोन
फोन के ऑडियो फॉरमैट के सिक्योरिटी में समस्या की वजह से लगभग 67 प्रतिशत एंड्रॉयड स्मार्टफोन सिक्योरिटी अटैक के खतरे में आ गए थे।

विस्तार
एंड्रॉयड स्मार्टफोन यूजर्स के लिए परेशानी वाली एक खबर सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एंड्रॉयड स्मार्टफोन में अब एक और नई दिक्कत का पता चला है। रिपोर्ट के मुताबिक फोन के ऑडियो फॉरमैट के सिक्योरिटी में समस्या की वजह से लगभग 67 प्रतिशत एंड्रॉयड स्मार्टफोन सिक्योरिटी अटैक के खतरे में आ गए थे। इसकी जानकारी इस हफ्ते चेक प्वाइंट रिसर्च के रिसर्चर्स ने दी है। उनके मुताबिक, बीते साल भी इस तरह की समस्या आई थी, तब इसे एक पैच के साथ ठीक कर दिया गया था, लेकिन खतरा टला नहीं था। लाखों एंड्रॉयड स्मार्टफोन अभी भी इस परेशानी का शिकार हो सकते थे, जिससे यूज़र्स को खतरा हो सकता था।
रिपोर्ट में बताया गया कि एंड्रॉयड फोन की खामियों का आसानी से फायदा उठाया जा सकता था। इनके कारण अटैकर एक गाना (मीडिया फ़ाइल) मोबाइल फोन यूजर को भेज सकता था और जब पीड़ित द्वारा उस गाने को बजाया जाता था, तो वह मीडिया फ़ाइल विशेषाधिकार प्राप्त मीडिया सेवा में कोड इंजेक्ट कर सकता था। इसके बाद अटैकर वो सब कुछ देख सकता था जो मोबाइल फोन यूजर अपने फोन पर देखता है।
चेक प्वाइंट रिसर्च के रिसर्चर्स ने इस खामी का पता लगाने के लिए ऐपल लॉसलेस ऑडियो कोडेक का प्रयोग किया। चेक प्वाइंट रिसर्च के रिसर्चर्स के मुताबिक, एएलएसी फाइल में खामियों का इस्तेमाल करके साइबर एक्सपर्ट डिवाइस पर रिमोट कोड एक्जीक्यूशन अटैक कर सकते हैं।
चेक प्वाइंट रिसर्च के रिसर्चर्स ने बताया कि इस तरह का अटैक साइबर अपराधी को स्मार्टफोन के कैमरे तक पहुंचने में सक्षम बनाता है। इतना ही नहीं, ये किसी भी मीडिया फाइल को मैलवेयर से संक्रमित कर सकता है।
चेक प्वाइंट रिसर्च ने मीडियाटेक और क्वालकॉम को खामी के बारे में सभी डिटेल भेजी थी, जिन्होंने पिछले साल दिसंबर में अपने संबंधित सुरक्षा पैच के साथ समस्या को ठीक करने के लिए कदम उठाया था।