AI Coding Boom: भारत में 20% कोडिंग अब एआई के भरोसे; क्या हम सही दिशा में हैं?

सुयश पांडेय
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीसुयश पांडेय
Fri, 23 Jan 2026 07:43 PM IST
सार

कोडिंग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है और 2024 के अंत तक अमेरिका में नया लिखा जाने वाला करीब 29% कोड एआई की मदद से तैयार होने लगा है। भारत में भी तेजी से बढ़ोतरी हुई है और अब लगभग 20% कोडिंग एआई की मदद से होती है। हालांकि नई रिसर्च बताती है कि एआई का असली फायदा अनुभवी प्रोग्रामर्स को ज्यादा मिल रहा है, जबकि नए या कम अनुभव वाले कोडर्स की उत्पादकता में उतना सुधार नहीं दिखता।

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AI Coding Boom: Study Finds Experienced Developers Gain More Productivity Than Beginners
AI Coding Boom - फोटो : X

    विस्तार

    आजकल कोडिंग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल बहुत तेजी से बढ़ रहा है। 2024 के आखिर तक अमेरिका में नया लिखा जाने वाला करीब एक-तिहाई कोड एआई की मदद से तैयार होने लगा है। लेकिन एक नई रिसर्च में सामने आया है कि इसका असली फायदा सिर्फ अनुभवी प्रोग्रामर्स को मिल रहा है, जबकि नए या कम अनुभव वाले कोडर्स को उतना फायदा नहीं हो पा रहा। यह जानकारी गिटहब (दुनिया का सबसे बड़ा कोडिंग प्लेटफॉर्म) पर किए गए डाटा विश्लेषण से सामने आई है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि भारत भी तेजी से एआई-आधारित कोडिंग अपना रहा है और कई पश्चिमी देशों के करीब पहुंच रहा है।

    भारत और दुनिया में एआई कोडिंग का हाल

    यह अध्ययन ऑस्ट्रिया के कॉम्प्लेक्सिटी साइंस हब और नीदरलैंड्स की युट्रेक्ट यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका में एआई से बनने वाला कोड 29% तक पहुंच गया है। ये 2022 में यह सिर्फ 5% था। फ्रांस में 24% और जर्मनी में 23% कोडिंग एआई से हो रही है। भारत में भी तेजी से बढ़ोतरी हुई है और अब लगभग 20% कोडिंग एआई की मदद से होती है। रूस 15% और चीन 12% पर हैं, यानी थोड़ा पीछे हैं।

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    नए और अनुभवी प्रोग्रामर्स में फर्क

    रिपोर्ट में एक दिलचस्प बात सामने आई। कम अनुभव वाले प्रोग्रामर्स अपने कोड का करीब 37% हिस्सा एआई से लिखवा रहे हैं। अनुभवी प्रोग्रामर्स एआई का इस्तेमाल लगभग 27% तक कर रहे हैं। लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि उत्पादकता (काम की रफ्तार और गुणवत्ता) में सुधार सिर्फ अनुभवी प्रोग्रामर्स में दिखा, नए लोगों में नहीं। शोधकर्ता सिमोन डेनियोटी के अनुसार, नए कोडर्स को एआई से बहुत कम फायदा मिलता है और एआई 'सबको बराबर मौका' देने की जगह अनुभवी और नए लोगों के बीच का अंतर और बढ़ा सकता है। एक अन्य विशेषज्ञ जोहान्स वाक्स ने कहा कि अनुभवी डेवलपर्स एआई का इस्तेमाल सिर्फ आसान काम जल्दी करने के लिए नहीं करते, बल्कि नई लाइब्रेरी और नए टूल्स सीखने और प्रयोग करने के लिए भी करते हैं, जिससे उनकी क्षमता और बढ़ जाती है।

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    यह स्टडी कैसे की गई?

    शोधकर्ताओं ने गिटहब पर करीब 1,60,000 डेवलपर्स और 3 करोड़ (30 मिलियन) से ज्यादा पायथन कोड योगदान का विश्लेषण किया। उन्होंने एक खास एआई मॉडल से यह पहचाना कि कौन-सा कोड एआई टूल्स (जैसे चैटजीपीटी या गिटहब कोपायलट) की मदद से लिखा गया है। गिटहब हर बदलाव (जोड़ना, हटाना, सुधारना) रिकॉर्ड करता है, इसलिए शोधकर्ताओं को यह समझने में आसानी हुई कि दुनिया भर में एआई से कोडिंग कितनी तेजी से बढ़ रही है।

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