लोगों के बैंक अकाउंट में रोज लग रही है सेंध, बचाने के लिए सरकार की क्या है प्लानिंग?

प्रदीप पांडे
टेक डेस्क, अमर उजालाप्रदीप पांडे
Sun, 24 Nov 2019 10:53 AM IST
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Indian financial system on hackers target what government is doing
cyber crime - फोटो : amar ujala

    बीते महीने तमिलनाडु स्थित भारत के सबसे बड़े परमाणु संयंत्र कोडनकुलम में हुए साइबर अटैक ने सुर्खियां बटोरी थीं। इस खबर के फैलने के बाद इस बात पर चर्चा होने लगी है कि क्या भारत किसी भी साइबर हमले के लिए पूरी तरह तैयार है, क्या वह अपने महत्वपूर्ण आधारभूत ढांचों को हानि पहुंचने वाले डिजिटल हमलों से बचा सकता है? इस बहस ने एक और बड़े मुद्दे को हवा दे दी है, क्या भारत डेबिट कार्ड हैकर और दूसरे वित्तीय फ्रॉड से बचने के लिए तैयार है, क्योंकि ये भारत के करोड़ों लोगों का मुद्दा है। आइए इसे विस्तार से समझते हैं कि कैसे आम लोगों के खाते से पैसे गायब किए जा रहे हैं...

    RBI
    RBI

    पिछले ही महीने, भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंकों को एक चेतावनी दी है। यह चेतावनी सिंगापुर स्थित साइबर सिक्यूरिटी फर्म ग्रुप-आईबी की चेतावनी के बाद आया है जिसमें कहा गया था कि करीब 12 लाख डेबिट कॉर्ड के डिटेल्स ऑनलाइन उपलब्ध हैं। बीते साल, हैकरों ने पुणे के कोस्मो बैंक के खातों से 90 करोड़ रुपये की फर्जी ढंग से निकासी कर ली थी, ऐसा उन्होंने बैंक के डाटा सप्लायर पर साइबर हमले करके किया था।

    साइबर सुरक्षा
    साइबर सुरक्षा - फोटो : amar ujala

    साइबर हमलों का कितना खतरा?

    ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन के साइबर इनिशिएटिव के प्रमुख अरुण सुकुमार ने बीबीसी को बताया, "भारत की फाइनेंशियल सिस्टम पर हमला करना आसान है क्योंकि हम अभी भी ट्रांजैक्शन के लिए स्विफ्ट जैसे इंटरनेशनल बैंकिंग नेटवर्क पर निर्भर हैं। इंटरनेशनल गेटवेज की वजह से हमला करना आसान है।" साइबर सिक्यूरिटी कंपनी सायमनटेक की एक रिपोर्ट बताती है कि ऐसे साइबर हमलों के लिए शीर्ष तीन ठिकानों में भारत एक है।

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