E-Commerce: ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर अब नहीं चलेगा ‘झांसे का खेल’, सरकार ने डार्क पैटर्न्स पर लगाई रोक
Dark Pattern In Online Shopping:
ऑनलाइन शॉपिंग में छिपे ‘डार्क पैटर्न्स’ अब उपभोक्ताओं को गुमराह नहीं कर पाएंगे। केंद्र सरकार ने ई-कॉमर्स कंपनियों को इन भ्रामक तरीकों को हटाने का निर्देश दिया है, जिससे ग्राहक सुरक्षित और पारदर्शी खरीदारी कर सकें।

ऑनलाइन शॉपिंग के बढ़ते चलन के साथ लोगों को लुभाने के लिए ई-कॉमर्स कंपनियां भ्रामक ऑफर्स और झूठे मैसेज का सहारा लेने लगी थीं। सरकार ने अब इसपर लगाम कसते हुए कंपनियों को 'डार्क पैटर्न्स' हटाने का आदेश जारी किया है।
क्या होते हैं डार्क पैटर्न्स?
डार्क पैटर्न्स वे डिजिटल डिजाइन या यूजर इंटरफेस तकनीकें होती हैं, जिनका उद्देश्य उपभोक्ताओं को भ्रमित करना या उन्हें अनजाने में खरीदारी, सब्सक्रिप्शन या अतिरिक्त भुगतान के लिए मजबूर करना होता है। सरकार ने इन्हें उपभोक्ता हितों के खिलाफ मानते हुए पूरी तरह खत्म करने के निर्देश दिए हैं।
केंद्र सरकार ने सभी ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स को अपनी वेबसाइट और मोबाइल एप्स से ऐसे सभी डिज़ाइन एलिमेंट्स हटाने के लिए 90 दिन का समय दिया है। इस दौरान कंपनियों को अपने इंटरफेस को उपभोक्ता के अनुकूल बनाना होगा।
अब इन हथकंडों पर लगेगी लगाम
कंपनियां अब ‘सीमित समय ऑफर’, ‘अभी नहीं खरीदा तो चूक जाओगे’, ‘फेक रिव्यू’, ‘छूट खत्म होने वाली है’ जैसे संदेशों से ग्राहकों को नहीं फंसा सकेंगी। इसके अलावा, ग्राहक की सहमति के बिना किसी भी सेवा की सब्सक्रिप्शन शुरू करना भी नियमों के दायरे में आ गया है।
उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने ऐसे 13 भ्रामक तरीकों की सूची जारी की है, जिनका उपयोग प्रतिबंधित रहेगा। इसका उद्देश्य ग्राहकों को अधिक पारदर्शिता, भरोसे और जागरूकता के साथ ऑनलाइन खरीदारी का अनुभव देना है।