Apple vs Meta: एपल का मेटा पर बड़ा आरोप, कहा- आईफोन यूजर्स की जासूसी करना चाहते है कंपनी

प्रदीप पाण्डेय
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्लीप्रदीप पाण्डेय
Thu, 19 Dec 2024 02:46 PM IST
सार

Apple vs Meta: रिपोर्ट में कहा गया, "इसमें संदेशों और ईमेल को पढ़ना, फोन कॉल्स को ट्रैक करना, एप्स के उपयोग की निगरानी करना, फोटो और फाइल्स को स्कैन करना, कैलेंडर इवेंट्स की समीक्षा करना, पासवर्ड लॉग करना और अन्य चीजें शामिल हो सकती हैं।"

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Apple vs Meta Apple big allegation on Meta said company wants to spy on iPhone users
Apple vs Meta - फोटो : अमर उजाला

    Apple और Facebook की पैरेंट कंपनी Meta के बीच एक बार फिर टकराव बढ़ गया है। iPhone बनाने वाली कंपनी ने Meta पर आरोप लगाया है कि Facebook और Instagram की पैरेंट कंपनी ने Apple के सॉफ्टवेयर टूल्स तक पहुंच प्राप्त करने के लिए कई अनुरोध किए हैं, जिनसे यूजर्स की गोपनीयता और सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। यह बयान दोनों तकनीकी दिग्गजों के बीच बढ़ती प्रतिद्वंद्विता को दर्शाता है।

    Apple
    Apple - फोटो : अमर उजाला

    यूरोपीय संघ का डिजिटल मार्केट्स एक्ट (DMA)

    यूरोपीय संघ का डिजिटल मार्केट्स एक्ट (DMA) जो पिछले साल प्रभाव में आया के तहत Apple को अपनी प्रतिस्पर्धी कंपनियों और एप डेवलपर्स को अपनी सेवाओं को Apple के इकोसिस्टम के साथ एकीकृत करने की अनुमति देनी होगी, अन्यथा उसे अपनी वैश्विक वार्षिक राजस्व का 10% तक जुर्माना भुगतना पड़ सकता है।

    Facebook
    Facebook - फोटो : FREEPIK

    Apple का आरोप: Facebook और Instagram ने अन्य एप्स से ज्यादा एक्सेस मांगा

    Apple ने कहा कि Meta ने अब तक 15 इंटरऑपरेबिलिटी (परस्पर संवाद) अनुरोध भेजे हैं, जो किसी अन्य कंपनी से अधिक हैं और इन अनुरोधों में Apple की तकनीक तक व्यापक पहुंच की मांग की गई है। Apple के एक रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी ने यह भी चिंता जताई कि Meta के कई अनुरोध डिवाइस की कार्यप्रणाली को इस तरह बदल सकते हैं जिससे यूजर्स की गोपनीयता और सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। विशेष रूप से, Apple ने यह बताया कि ये बदलाव Meta के अपने बाहरी उपकरणों, जैसे स्मार्ट ग्लास और वर्चुअल रियलिटी हेडसेट (जैसे Meta Quest) से संबंधित नहीं लगते हैं।

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