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Ukraine: 'बाहरी बिजली आपूर्ति रुकने से यूक्रेनी परमाणु संयंत्र पर बढ़ा खतरा', जेलेंस्की और IAEA ने दी चेतावनी
Wed, 01 Oct 2025 03:21 PM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कीव।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कीव।
Published by: निर्मल कांत
Updated Wed, 01 Oct 2025 03:21 PM IST
सार
Ukraine: आईएईए प्रमुख और यूक्रेनी राष्ट्रपति ने आगाह किया है कि युद्ध के कारण जापोरिझिया के परमाणु संयंत्र में बिजली की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। यूक्रेन के पास चार परमाणु संयंत्र हैं, लेकिन जापोरिझिया ही एकमात्र है जो रूसी कब्जे में है।
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यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की
- फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
यूक्रेनी राष्ट्रपति और संयुक्त राष्ट्र की परमाणु एजेंसी के प्रमुख ने रूस के कब्जे वाले यूक्रेन के दक्षिण में स्थित जापोरिझिया परमाणु ऊर्जा संयंत्र में सुरक्षा जोखिम बढ़ने की चेतावनी दी है। यह संयंत्र में एक हफ्ते से अधिक समय से बाहरी बिजली की आपूर्ति नहीं हो पा रही है, क्योंकि उसके आसपास युद्ध जारी है।
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के महानिदेशक राफाएल मारियानो ग्रोसी ने बताया कि कूलिंग प्रणाली के लिए आपातकालीन डीजल जनरेटर बिजली प्रदान कर रहे हैं, जो संयंत्र के छह बंद रिएक्टरों और उपयोग किए गए ईंधन के लिए जरूरी है। उन्होंने कहा कि यूरोप के सबसे बड़े परमाणु संयंत्र के लिए फिलहाल कोई तात्कालिक खतरा नहीं है। लेकिन यह परमाणु सुरक्षा के लिहाज से स्पष्ट रूप से एक टिकाऊ स्थिति नहीं है।
ये भी पढ़ें: मानवाधिकार हनन को लेकर यूएनएचआरसी में बेनकाब हुआ पाकिस्तान, बलूचिस्तान संकट पर भी जताई गई चिंता
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राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि बैकअप जनरेटरों को इतने लंबे समय तक कभी चलाने की जरूरत नहीं पड़ी थी। उन्होंने मंगलवार देर शाम स्थिति को गंभीर बताया और कहा, जनरेटर और संयंत्र इसके लिए डिजाइन नहीं किए गए थे।जापोरिझिया दुनिया के दस सबसे बड़े परमाणु संयंत्रों में से एक है और युद्ध के बीच इसका भविष्य एक संभावित परमाणु संकट का खौफ पैदा कर रहा है। 24 फरवरी 2022 को यूक्रेन पर बड़े पैमाने पर आक्रमण शुरू होने के कुछ दिनों बाद रूसी सैनिकों ने इसे कब्जे में ले लिया था।
आईएईए ने युद्ध के दौरान नाभिकीय सुविधाओं तक पहुंच बनाए रखने की कोशिश की है और खतरों के बारे में चेतावनी दी है। लेकिन दोनों पक्षों को नाराज नहीं करना चाहते। यूक्रेन के पास चार परमाणु संयंत्र हैं, लेकिन जापोरिझिया ही एकमात्र है जो रूसी कब्जे में है। ग्रोसी ने कहा कि जापोरिझिया को आपातकालीन जनरेटर अब तक अतिरिक्त दबाव को संभाल रहे हैं।
ये भी पढ़ें: 'गाजा में मदद लेकर जा रहे जहाजी बेड़े के पीछे हमास का हाथ', इस्राइली विदेश मंत्रालय का बड़ा दावा
उन्होंने मंगलवार देर रात एक बयान में कहा, रिएक्टर यूनिट और इस्तेमाल किए गए ईंधन की वर्तमान स्थिति स्थिर है जब तक कि आपातकालीन डीजल जनरेटर आवश्यक सुरक्षा कार्यों और कूलिंग के लिए पर्याप्त बिजली प्रदान कर रहे हैं। आईएईए की टीम ने संयंत्र में बताया कि उनके पास ईंधन भंडार हैं जो जनरेटरों को दस से अधिक दिनों तक चलाने के लिए पर्याप्त हैं और नियमित बाहरी आपूर्ति इस स्तर को बनाए रखती है।
ग्रोसी ने कहा, फिर भी बाहरी बिजली की आपूर्ति बहाल होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि वह संयंत्र को जल्दी से ग्रिड से जोड़ने के लिए रूसी और यूक्रेनी अधिकारियों के संपर्क में हैं। रूस के आक्रमण के बीच जापोरिझिया कई बार गोलीबारी में घिर चुका है।
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अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के महानिदेशक राफाएल मारियानो ग्रोसी ने बताया कि कूलिंग प्रणाली के लिए आपातकालीन डीजल जनरेटर बिजली प्रदान कर रहे हैं, जो संयंत्र के छह बंद रिएक्टरों और उपयोग किए गए ईंधन के लिए जरूरी है। उन्होंने कहा कि यूरोप के सबसे बड़े परमाणु संयंत्र के लिए फिलहाल कोई तात्कालिक खतरा नहीं है। लेकिन यह परमाणु सुरक्षा के लिहाज से स्पष्ट रूप से एक टिकाऊ स्थिति नहीं है।
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राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि बैकअप जनरेटरों को इतने लंबे समय तक कभी चलाने की जरूरत नहीं पड़ी थी। उन्होंने मंगलवार देर शाम स्थिति को गंभीर बताया और कहा, जनरेटर और संयंत्र इसके लिए डिजाइन नहीं किए गए थे।जापोरिझिया दुनिया के दस सबसे बड़े परमाणु संयंत्रों में से एक है और युद्ध के बीच इसका भविष्य एक संभावित परमाणु संकट का खौफ पैदा कर रहा है। 24 फरवरी 2022 को यूक्रेन पर बड़े पैमाने पर आक्रमण शुरू होने के कुछ दिनों बाद रूसी सैनिकों ने इसे कब्जे में ले लिया था।
आईएईए ने युद्ध के दौरान नाभिकीय सुविधाओं तक पहुंच बनाए रखने की कोशिश की है और खतरों के बारे में चेतावनी दी है। लेकिन दोनों पक्षों को नाराज नहीं करना चाहते। यूक्रेन के पास चार परमाणु संयंत्र हैं, लेकिन जापोरिझिया ही एकमात्र है जो रूसी कब्जे में है। ग्रोसी ने कहा कि जापोरिझिया को आपातकालीन जनरेटर अब तक अतिरिक्त दबाव को संभाल रहे हैं।
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उन्होंने मंगलवार देर रात एक बयान में कहा, रिएक्टर यूनिट और इस्तेमाल किए गए ईंधन की वर्तमान स्थिति स्थिर है जब तक कि आपातकालीन डीजल जनरेटर आवश्यक सुरक्षा कार्यों और कूलिंग के लिए पर्याप्त बिजली प्रदान कर रहे हैं। आईएईए की टीम ने संयंत्र में बताया कि उनके पास ईंधन भंडार हैं जो जनरेटरों को दस से अधिक दिनों तक चलाने के लिए पर्याप्त हैं और नियमित बाहरी आपूर्ति इस स्तर को बनाए रखती है।
ग्रोसी ने कहा, फिर भी बाहरी बिजली की आपूर्ति बहाल होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि वह संयंत्र को जल्दी से ग्रिड से जोड़ने के लिए रूसी और यूक्रेनी अधिकारियों के संपर्क में हैं। रूस के आक्रमण के बीच जापोरिझिया कई बार गोलीबारी में घिर चुका है।