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ईरान: परमाणु वैज्ञानिक मोहसेन नम आंखों से सम्मान के साथ हुए सुपुर्द-ए-खाक, रक्षामंत्री ने कही यह बात
Tue, 01 Dec 2020 04:41 AM IST
देव कश्यप
एजेंसी, तेहरान
एजेंसी, तेहरान
Published by: देव कश्यप
Updated Tue, 01 Dec 2020 04:41 AM IST
सार
- अमेरिका परमाणु हथियारों का शास्त्रागार, इस्राइल भी इसमें पीछे नहीं
- घटनास्थल से मिले हथियारों पर इस्राइली लोगों पर संदेह और भी बढ़ा
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Mohsen Fakhrizadeh
- फोटो : Foreignpolicy.com
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विस्तार
परमाणु वैज्ञानिक मोहसेन फखरीजादेह को सोमवार को उत्तरी तेहरान के इमामजादेह सालेह मस्जिद परिसर में नम आंखों से सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। रक्षा मंत्रालय के क्षेत्र में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर देने के साथ कुरान पढ़ी गई और दूसरी धार्मिक प्रक्रियाओं को पूरा किया गया। स्टेट टीवी ने उनके ताबूत को दिखाते हुए अंतिम संस्कार का प्रसारण भी किया।
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ईरान के रक्षा मंत्री आमिर हतामी भी मोहसेन के अंतिम संस्कार में मौजूद रहे। मोहसेन को सुपुर्द-ए-खाक करने से पहले रक्षामंत्री ने उनके ताबूत को चूमा और अपना सिर उनके सामने झुका दिया। इसके बाद उन्होंने कहा कि मोहसेन की हत्या ने पूरे ईरान को एकजुट कर दिया है। अब पूरा ईरान पूरी शिद्दत से आपके काम को दोगुनी ताकत से आगे बढ़ाएगा। हतामी ने कहा कि अमेरिका परमाणु हथियारों का शास्त्रागार है और इस्राइल भी इसमें कहीं पीछे नहीं है जो मानवता के लिए सबसे बड़ा खतरा है। परमाणु वैज्ञानिक को पूरे ईरान ने नम आंखों से विदाई दी।
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ईरान वैज्ञानिक की हत्या का बदला जरूर लेगा
रक्षामंत्री हतामी ने कहा है कि ईरान इस हत्याकांड का बदला जरूर लेगा ईरान को वैज्ञानिक की हत्या का शक इस्राइल पर है हालांकि इस्राइल ने इसपर कुछ भी कहने से मना कर दिया है। मोहसेन ने ही वर्ष 2000 में इस्लामिक रिपब्लिक मिलिट्री न्यूक्लियर प्रोग्राम की शुरुआत की थी। ईरान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी ने सोमवार को इस्राइल पर आरोप लगाया कि उसने इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की मदद से परमाणु वैज्ञानिक को दूर से ही मार गिराया।
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वैज्ञानिक को जिस हथियार से मारा वो इस्राइल में बना था
ईरान के परमाणु वैज्ञानिक मोहसेन फखरीजादेह को मारने के लिए जो हथियार इस्तेमाल किया गया वो इस्राइल में बना था। ईरान के अंग्रेजी भाषा के टीवी चैनल ये ने दावा किया है। सूचना के अनुसार घटनास्थल से जो हथियार बरामद किया गया है उसपर जो लोगो लगा है वो इस्राइली मिलिट्री इंडस्ट्री की ओर इशारा कर रहा है। मीडिया रिपोर्ट के बाद इस्राइल के इंटेलिजेंस मंत्री एली कोहेन ने रेडियो को बताया कि उन्हें नहीं पता है कि इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
परमाणु शक्तिशाली बनने के लिए ईरान ने संसद में पास किया बिल
परमाणु वैज्ञानिक मोहसेन फखरीजादेह की हत्या से आहत ईरान खुद को परमाणु शक्तिशाली राष्ट्र बनाने की दिशा में एक कदम और आगे बढ़ गया है। संसदीय समिति के प्रवक्ता अबोलफज्ल अमुई ने बताया कि संसद में परमाणु परीक्षण को लेकर जो भी प्रतिबंध हैं उसे हटाने को लेकर बिल पास हुआ है।
ईरान की संसद में राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति ने रविवार को बैठक के दौरान परमाणु प्रतिबंधों को हटाने के लिए विचार विमर्श किया। इसके लिए तीन अनुच्छेदों को अनुमति दी है। इस दौरान विदेश मंत्रालय, सेंट्रल बैंक और पार्लियामेंट्री रिसर्च सेंटर के प्रतिनिधि भी बैठक में शामिल थे। जानकारी के अनुसार जिन तीन अनुच्छेदों पर चर्चा हुई है और अगर उन्हें स्वीकार किया जाता है तो ईरान के परमाणु क्रियाकलापों में तेजी आ सकती है। बिल में बेहतर यूरोनियम की क्षमता 20 फीसदी या इससे अधिक करनी है जिसका प्रयोग आमतौर पर उच्च स्तरीय श्रेणी के हथियारों में होता है। अभी ईरान के पास यूरेनियम की क्षमता करीब चार फीसदी है।
न्यूक्लियर रिएक्टर दोबारा शुरू करने पर बात
बैठक के दौरान बिल में अराक न्यूक्लियर रिएक्टर को दोबारा शुरू करने पर भी चर्चा हुई है। योजना है कि इसे फिर से नया रूप दिया जाएगा लेकिन इसका प्रयोग ज्वाइंट कॉम्प्रिहेनसिव प्लान ऑफ एक्शन (जेसीपीओए) के तहत हथियारों के उत्पादन में नहीं होगा और न ही नया परमाणु रिएक्टर बनेगा। इसके अलावा तेहरान अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के सुरक्षा मानकों से भी खुद को दूर रख सकता है। रविवार को संसद की बैठक में इसके लिए 232 वोट पक्ष जबकि 14 विरोध में पड़े।