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US: पश्चिम एशिया में अमेरिका क्यों भेज रहा 2500 मरीन सैनिक? जानें होर्मुज संकट के बीच ट्रंप का फैसला कितना अहम
Sat, 14 Mar 2026 02:22 AM IST
Himanshu Singh Chandel
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: Himanshu Singh Chandel
Updated Sat, 14 Mar 2026 02:22 AM IST
सार
होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने मध्य पूर्व में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाने का फैसला किया है। अमेरिका करीब 2,500 मरीन सैनिकों और उभयचर हमला जहाज यूएसएस ट्रिपोली को क्षेत्र में भेज रहा है। यह तैनाती ईरान से जुड़े खतरों और समुद्री जहाजों पर हमलों की आशंका के बीच की जा रही है।
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पश्चिम एशिया में संघर्ष
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने बड़ा सैन्य कदम उठाया है। ईरान की ओर से होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर बढ़ते हमलों और खतरों के बाद अमेरिका ने मध्य पूर्व में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाने का फैसला किया है। अमेरिकी रक्षा विभाग ने लगभग 2,500 मरीन सैनिकों और एक उभयचर युद्धपोत को क्षेत्र में भेजने की मंजूरी दी है। माना जा रहा है कि यह कदम समुद्री मार्गों की सुरक्षा और क्षेत्र में तेजी से प्रतिक्रिया देने की क्षमता बढ़ाने के लिए उठाया गया है।
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अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने संयुक्त राज्य सेंट्रल कमांड के अनुरोध को मंजूरी देते हुए मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट को ईरान के करीब तैनात करने का आदेश दिया है। इस योजना के तहत करीब 2,500 मरीन सैनिकों को मध्य पूर्व भेजा जा रहा है। इनके साथ कम से कम एक उभयचर हमला जहाज भी क्षेत्र में पहुंचेगा। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है।
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मध्य पूर्व में किन सैनिकों और जहाजों को भेजा जा रहा है?
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार इस तैनाती में 31वीं मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट के सैनिक शामिल हैं। इनके साथ उभयचर हमला जहाज यूएसएस ट्रिपोली को भी मध्य पूर्व के लिए रवाना किया जा रहा है। यह जहाज सैनिकों, हेलीकॉप्टरों और सैन्य उपकरणों को लेकर समुद्री अभियानों में तेजी से कार्रवाई करने में सक्षम माना जाता है। इस तैनाती को क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ताकत में बड़ा इजाफा माना जा रहा है।
मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट की क्या भूमिका होती है?
मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट आमतौर पर लगभग 2500 मरीन सैनिकों का एक विशेष दल होता है। इसे संकट की स्थिति में तुरंत प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार रखा जाता है। यह दल समुद्र से हमला करने, आपातकालीन सैन्य अभियान चलाने और अस्थिर क्षेत्रों में तेजी से समर्थन देने में सक्षम होता है। इसलिए इसे दुनिया के किसी भी संकटग्रस्त इलाके में जल्दी तैनात किया जा सकता है।
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ये सैनिक कहां से भेजे जा रहे हैं?
माना जा रहा है कि इन सैनिकों को अमेरिका के कैलिफोर्निया स्थित मरीन कॉर्प्स एयर ग्राउंड कॉम्बैट सेंटर ट्वेंटी नाइन पाम्स से तैनात किया जा रहा है। यह अमेरिका के सबसे बड़े मरीन प्रशिक्षण केंद्रों में से एक है। यहां से प्रशिक्षित सैनिकों को संकट के समय अलग-अलग क्षेत्रों में भेजा जाता है।
होर्मुज जलडमरूमध्य इतना अहम क्यों है?
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक माना जाता है। इस रास्ते से दुनिया के बड़े हिस्से का कच्चा तेल समुद्री जहाजों के जरिए भेजा जाता है। हाल के समय में यहां जहाजों पर हमले और खतरे बढ़ने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है। अगर इस मार्ग में बाधा आती है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं और वैश्विक व्यापार भी प्रभावित हो सकता है।
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