फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   WHO alert on cough syrup death issue medical advisory urge immidiate action

WHO: कफ सीरप से हुई मौतों पर डब्लूएचओ सख्त, सभी देशों को जारी किया अलर्ट

Tue, 24 Jan 2023 08:49 AM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नितिन गौतम Updated Tue, 24 Jan 2023 08:49 AM IST
सार

WHO: डब्लूएचओ ने कहा है कि अपने-अपने बाजार से ऐसी दवाईयों के सर्कुलेशन को रोकें, जिनमें जहरीले तत्व हैं।

विज्ञापन
WHO alert on cough syrup death issue medical advisory urge immidiate action
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने जारी किया अलर्ट - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने दुनिया के सभी देशों से अपील की है कि वह दूषित दवाईयों के प्रति तुरंत और सख्त कार्रवाई करें। बता दें कि हाल के समय में खांसी की दवाई से कई बच्चों की मौत के मामले सामने आए हैं। डब्लूएचओ ने सोमवार को एक बयान जारी कर बताया कि करीब 5 साल के 300 से ज्यादा बच्चों की जांबिया, इंडोनेशिया, उज्बेकिस्तान में मौत हुई। इनकी मौत का कारण किडनी की खराबी रहा और इसका ताल्लुक दूषित दवाई से था। डब्लूएचओ ने कहा कि खांसी के कुछ सीरप में डाइएथिलीन ग्लाइकोल और एथीलीन ग्लाइकोल की मात्रा ज्यादा पाई गई है, जो बच्चों में किडनी की खराबी का कारण बनी। 

विज्ञापन


बता दें कि डाइएथिलीन ग्लाइकोल और एथीलीन ग्लाइकोल जहरीले रसायन होते हैं, जो कि बेहद कम मात्रा में भी जानलेवा साबित हो सकते हैं। डब्लूएचओ का कहना है कि ये तत्व दवाईयों में कभी नहीं होने चाहिए। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अपने सभी 194 सदस्य देशों से अपील की है कि वह अपने-अपने देश में दूषित दवाईयों के खिलाफ कार्रवाई करें, ताकि ऐसी और मौतों को रोका जा सके।  
विज्ञापन


डब्लूएचओ ने जारी किए ये अलर्ट
डब्लूएचओ ने कहा है कि अपने-अपने बाजार से ऐसी दवाईयों के सर्कुलेशन को रोकें, जिनमें जहरीले तत्व हैं और जो मौत का कारण बन सकते हैं। 

डब्लूएचओ ने कहा है कि बाजार में मिलने वाले सभी मेडिकल उत्पाद, किसी सक्षम अथॉरिटी से अप्रूव होने चाहिए और उनके पास ऑथराइज्ड लाइसेंस भी होना चाहिए। 

सभी सदस्य देशों को अपने अपने देश में दवाईयों की मैन्यूफैक्चरिंग साइट्स पर अंतरराष्ट्रीय मानकों के हिसाब से जांच के प्रावधान करने चाहिए।

डब्लूएचओ के अनुसार, मेडिकल उत्पादों के मार्केट सर्विलांस की सुविधा होनी चाहिए।  इसमें अनौपचारिक बाजार भी शामिल है। 

विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि खराब दवाईयों के मैन्यूफैक्चर और डिस्ट्रिब्यूटरों से निपटने के लिए देशों में पर्याप्त कानून होने चाहिए।  

बता दें कि उज्बेकिस्तान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बीते माह अपने एक बयान में बताया था कि समरकंद में कम से कम 18 बच्चों की मौत खांसी सीरप पीने की वजह से हुई है। उज्बेकिस्तान का आरोप था कि भारत में निर्मित खांसी सीरप पीने से बच्चों की मौत हुई है। भारतीय कंपनी की इस दवाई में कथित तौर पर एथीलीन ग्लाइकोल की मौजूदगी थी। अफ्रीकी देश जांबिया में भी बीते दिनों कफ सीरप पीने से 70 बच्चों की मौत का मामला सामने आया था। इन कफ सीरप में भी एथीलीन ग्लाइकोल और डाइ एथीलीन ग्लाइकोल पाए गए थे। 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed