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Manmohan Singh: 'मनमोहन सिंह के विजन के बिना भारत-अमेरिका में इतना सहयोग संभव नहीं था', व्हाइट हाउस का बयान

Sat, 28 Dec 2024 10:37 AM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: नितिन गौतम Updated Sat, 28 Dec 2024 10:37 AM IST
सार

व्हाइट हाउस से जारी बयान में कहा गया है कि 'आज संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत के बीच सहयोग का अभूतपूर्व स्तर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की रणनीतिक दृष्टि और राजनीतिक साहस के बिना संभव नहीं होता।' 

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पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह - फोटो : पीटीआई

विस्तार

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निधन पर दुख जताते हुए उन्हें सच्चा राजनेता बताया। व्हाइट हाउस की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि भारत और अमेरिका के बीच आज जिस तरह का सहयोग है, वह मनमोहन सिंह के विजन के बिना संभव नहीं था। मनमोहन सिंह साल 2004 से 2014 तक 10 साल तक भारत के प्रधानमंत्री रहे। गुरुवार रात को 92 साल की उम्र में मनमोहन सिंह का निधन हो गया।
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बाइडन ने मनमोहन सिंह को बताया सच्चा राजनेता
व्हाइट हाउस से जारी बयान में कहा गया है कि 'आज संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत के बीच सहयोग का अभूतपूर्व स्तर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की रणनीतिक दृष्टि और राजनीतिक साहस के बिना संभव नहीं होता। अमेरिका-भारत असैन्य परमाणु समझौते को आगे बढ़ाने से लेकर इंडो-पैसिफिक भागीदारों के बीच पहला क्वाड सम्मेलन शुरू करने में मदद करने तक, उन्होंने पथ-प्रदर्शक की भूमिका निभाई, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए हमारे राष्ट्रों और दुनिया को मजबूत करती रहेगी। वे एक सच्चे राजनेता थे। एक समर्पित लोक सेवक। और सबसे बढ़कर, वे एक दयालु और विनम्र व्यक्ति थे।'
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मनमोहन सिंह भारत-अमेरिका के संबंधों को मानते थे अहम
निवर्तमान अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें साल 2008 में सीनेट की विदेश समिति के अध्यक्ष और 2009 में उनकी संयुक्त राज्य अमेरिका की आधिकारिक राजकीय यात्रा के दौरान उपराष्ट्रपति के रूप में मनमोहन सिंह से मिलने का मौका मिला था। बाइडन ने कहा कि 'उन्होंने 2013 में नई दिल्ली में भी मेरी मेज़बानी की थी। हमने उस वक्त भी इसे लेकर चर्चा की थी कि अमेरिका-भारत संबंध दुनिया में सबसे महत्वपूर्ण संबंधों में से एक हैं। हमारे देश सभी लोगों के लिए गरिमा और असीमित क्षमता का भविष्य खोल सकते हैं।'
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बाइडन ने कहा कि 'इस कठिन समय के दौरान, हम उस दृष्टिकोण के लिए फिर से प्रतिबद्ध हैं जिसके लिए पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अपना जीवन समर्पित किया। मैं और प्रथम महिला जिल बाइडन पूर्व प्रथम महिला गुरशरण कौर, उनके तीन बच्चों और भारत के सभी लोगों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं।

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