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Gulf of Mexico: पत्रकार को ट्रंप-मोदी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में जाने से क्यों रोका गया; कार्रवाई की वजह क्या?

Fri, 14 Feb 2025 11:22 AM IST
पवन पांडेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: पवन पांडेय Updated Fri, 14 Feb 2025 11:22 AM IST
सार

Gulf of Mexico: पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक समाचार एजेंसी के पत्रकार को जाने से रोक दिया गया। जिसके बाद मचे बवाल पर व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा, 'हम यह तय करेंगे कि किन मीडिया संस्थानों को राष्ट्रपति से सवाल पूछने की अनुमति होगी।'

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White House blocks a reporter from Trump-Modi news conference because of Gulf of Mexico fight, News in hindi
ट्रंप-मोदी की प्रेस कॉन्फ्रेंस - फोटो : ANI

विस्तार

व्हाइट हाउस ने गुरुवार को एक पत्रकार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में जाने से रोक दिया। बता दें कि, व्हाइट हाउस का यह फैसला एपी और ट्रंप प्रशासन के बीच चल रहे विवाद को और बढ़ाने वाला माना जा रहा है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब एपी ने राष्ट्रपति ट्रंप की तरफ से 'मैक्सिको की खाड़ी' का नाम बदलकर 'अमेरिका की खाड़ी' करने के फैसले को स्वीकार नहीं किया।  
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व्हाइट हाउस पत्रकार संघ ने किया एपी का समर्थन
एपी की वरिष्ठ उपाध्यक्ष और कार्यकारी संपादक जूली पेस ने इसे चिंताजनक और अमेरिकी संविधान के पहले संशोधन का सीधा उल्लंघन बताया। उन्होंने कहा, यह प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला है। हम प्रशासन से इस तरह की कार्रवाई तुरंत रोकने की अपील करते हैं। मामले में व्हाइट हाउस पत्रकार संघ के अध्यक्ष यूजीन डेनियल्स ने भी एपी का समर्थन करते हुए कहा कि मीडिया को इस तरह से रोकना सरकार की मनमानी दर्शाता है। उन्होंने कहा, 'सरकार के खिलाफ रिपोर्टिंग करने की वजह से पत्रकारों को बाहर करना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के खिलाफ है।'
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व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव ने लगाया आरोप
इधर, व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने बुधवार को कहा कि राष्ट्रपति को यह तय करने का अधिकार है कि कौन से पत्रकार व्हाइट हाउस में प्रवेश कर सकते हैं। उन्होंने एपी पर झूठ फैलाने का आरोप लगाया और कहा, 'हम यह तय करेंगे कि किन मीडिया संस्थानों को राष्ट्रपति से सवाल पूछने की अनुमति होगी।'
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कहां से शुरू हुआ विवाद?
डोनाल्ड ट्रंप ने सत्ता में आते ही कई नाम बदलने के आदेश दिए थे। उन्होंने अलास्का के प्रसिद्ध पर्वत डेनाली का नाम फिर से माउंट मैकिनले कर दिया था और मैक्सिको की खाड़ी को अमेरिका की खाड़ी नाम दिया था। एपी ने माउंट मैकिनले का नाम बदलने को स्वीकार किया, क्योंकि यह पूरी तरह अमेरिकी सीमा के भीतर है। लेकिन मैक्सिको की खाड़ी का नाम बदलने से इनकार कर दिया, क्योंकि इसका कुछ हिस्सा मैक्सिको की सीमा में भी आता है।  


गूगल और एप्पल मैप ने नाम बदला
बता दें कि, गूगल मैप और एप्पल मैप ने अब इस जलक्षेत्र का नाम बदलकर अमेरिका की खाड़ी कर दिया है। इस बीच, मैक्सिको की राष्ट्रपति ने कहा है कि वह इस बदलाव को लेकर गूगल पर कानूनी कार्रवाई करने पर विचार कर रही हैं।
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