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US: अमेरिका ने ग्रीन क्लाइमेट फंड से हटने का किया एलान, कहा- कट्टरपंथी संगठनों को नहीं मिलेगी मदद

Thu, 08 Jan 2026 09:54 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन। Published by: निर्मल कांत Updated Thu, 08 Jan 2026 09:54 PM IST
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US withdraws from Green Climate Fund won't fund radical organisations
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट - फोटो : एएनआई (फाइल)
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने गुरुवार को घोषणा की कि अमेरिका तत्काल प्रभाव से हरित जलवायु कोष (जीसीएफ) से बाहर हो रहा है। बेसेंट ने कहा कि यह फैसला डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की अंतरराष्ट्रीय जलवायु प्रतिबद्धताओं से दूरी बनाने की व्यापक नीति को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि हरित जलवायु कोष अमेरिका की प्राथमिकताओं के अनुरूप नहीं है। 
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बेसेंट ने ऑनलाइन जारी एक बयान में कहा कि अमेरिका अब जीसीएफ जैसे संगठनों को समर्थन नहीं देगा। उन्होंने तर्क दिया कि इन संगठनों का एजेंडा प्रशासन के उस नजरिये से टकराता है, जिसमें सस्ती और भरोसेमंद ऊर्जा तक पहुंच को आर्थिक विकास और गरीबी घटाने के लिए जरूरी माना जाता है।
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वित्त मंत्रालय ने कहा कि यह कदम प्रशासन के पहले लिए गए उस फैसले के बाद उठाया गया है, जिसमें अमेरिका संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन फ्रेमवर्क कन्वेंशन (यूएनएफसीसीसी) से बाहर निकला था। इस वापसी के तहत अमेरिका जीसीएफ के बोर्ड से भी हट जाएगा। 


वित्त मंत्रालय के अनुसार, प्रशासन का फोकस विकास की बुनियाद के रूप में सभी प्रकार की सस्ती और विश्वसनीय ऊर्जा को बढ़ावा देने पर बना हुआ है। उसने यह भी कहा कि जीसीएफ को यूएनएफसीसीसी के लक्ष्यों को समर्थन देने के लिए बनाया गया था, इसलिए इसमें अमेरिका की निरंतर भागीदारी अब मौजूदा नीतिगत उद्देश्यों के अनुरूप नहीं है।

यह घोषणा ऐसे समय में की गई है, जब एक साल से भी कम समय पहले जीसीएफ ने जलवायु से सबसे अधिक प्रभावित देशों में परियोजनाओं को मंजूरी देने का रिकॉर्ड बनाया था। जीसीएफ ने इस उपलब्धि का श्रेय अपने आंतरिक सुधारों को दिया था, जिनका मकसद नौकरशाही में होने वाली देरी को कम करना था। इसमें जॉर्डन में बड़े स्तर की समुद्री जल शोधन परियोजना जैसी पहलों में हुई प्रगति भी शामिल थी।

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