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मदद: अमेरिका ने ताइवान को 25 लाख कोविड-19 वैक्सीन की खुराक भेजी

Sun, 20 Jun 2021 05:47 AM IST
देव कश्यप वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: देव कश्यप Updated Sun, 20 Jun 2021 05:47 AM IST
सार

  • अमेरिका ने ताइवान को भेजी 25 लाख वैक्सीन की खुराक
  • संयुक्त राष्ट्र की 'कोवाक्स' पहल के तहत अमेरिका वैक्सीन की 2.5 करोड़ खुराकें जिन देशों को देगा उनमें ताइवान भी शामिल है।

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US sends 2.5 million Covid19 vaccine doses to Taiwan
कोरोना टीका (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : पीटीआई

विस्तार

संयुक्त राज्य अमेरिका ने शनिवार को घोषणा की कि बीजिंग जो कि ताइवान को अपना क्षेत्र होनो का दावा करता है, वैक्सीन की अस्वीकृति की संभावना के चलते ताइवान को 25 लाख (2.5 मिलियन) कोविड वैक्सीन की खुराक भेजी जा रहा है। दरअसल, ताइवान ने शिकायत की थी कि चीन महामारी के बीच टीकों को प्राप्त करने के उसके प्रयास में बाधा उत्पन्न कर रहा है। 

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ताइवान कोविड-19 रोधी टीके की कमी का सामना कर रहा है और अमेरिका-चीन रिश्तों में ताइवान का भूराजनीतिक महत्व है। चीन ने इस महीने की शुरुआत में रोष व्यक्त किया था, जब अमेरिकी सीनेटरों ने ताइवान का दौरा किया और वाशिंगटन और बीजिंग के बीच तनाव के बीच वैक्सीन दान की घोषणा की थी। 
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विदेश विभाग के प्रवक्ता नेड प्राइस ने एक ट्वीट में लिखा, 'कार्रवाई का समय! हमारी तरफ से दी जाने वाली 25 लाख वैक्सीन की खुराक ताइवान के रास्ते में है।' अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की ताइवान यात्रा के दौरान घोषित टीकों की संख्या का यह लगभग तीन गुना है। ताइपे ने बीजिंग पर पर्याप्त खुराक हासिल करने के उसके प्रयासों में बाधा डालने का आरोप लगाया है। 
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गौरतलब है कि चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी ने कभी भी ताइवान को नियंत्रित नहीं किया है, लेकिन इस द्वीप को चीन अपने क्षेत्र के हिस्से के रूप में देखता है और यदि आवश्यक हुआ तो एक दिन इसे बलपूर्वक जब्त करने की कसम खाई है। बीजिंग ने हाल के वर्षों में ताइवान पर आर्थिक, सैन्य और राजनयिक दबाव डाला है और इसे विश्व स्वास्थ्य संगठन जैसे अंतरराष्ट्रीय निकायों से बाहर रखा है। ऐसे में अमेरिका ताइवान का सबसे बड़ा सहयोगी बना हुआ है, लेकिन वह ताइवान के साथ पूर्ण राजनयिक संबंध नहीं रखता है क्योंकि वह आधिकारिक तौर पर बीजिंग को मान्यता देता है। 

ताइवान के राष्ट्रपति साई इंग वेन ने ट्विटर पर लिखा, 'दोस्ती के इस चलते-फिरते संकेत के लिए अमेरिका को धन्यवाद। ये टीके ताइवान को सुरक्षित और स्वस्थ रखने की दिशा में एक लंबा रास्ता तय करेंगे।'
 
बता दें कि जून के पहले सप्ताह में इलिनोई से डेमोक्रेटिक पार्टी की सांसद टैमी डकवर्थ अपने दो अन्य सहयोगियों डेलावेयर से डेमोक्रेटिक पार्टी के क्रिस्टोफर कून्स और अलास्का से रिपब्लिकन पार्टी के सांसद डैन सुलिवन के साथ ताइवान पहुंची थीं। तीनों सांसदों ने ताइवान में करीब तीन घंटे बिताए। उन्होंने कहा कि यह यात्रा लोकतांत्रिक द्वीप के प्रति अमेरिका के दोनों दलों का समर्थन प्रदर्शित करती है।

अकेला नहीं छोड़ेगा अमेरिका
डकवर्थ ने अमेरिकी सैन्य विमान पर सवार होने से पहले हवाई अड्डे पर कहा, 'मैं यहां आपको बताने के लिए आई हूं कि अमेरिका आपको अकेला नहीं छोड़ेगा। इस महामारी के समय में और इसके बाद भी हम लोग ताइवान के लोगों की जरूरतों में उनके साथ खड़े रहेंगे।' उन्होंने कहा, 'हम लोग यहां एक मित्र के नाते आए हैं क्योंकि हम जानते हैं कि ताइवान इस वक्त चुनौती का सामना कर रहा है। यही कारण है कि हम तीनों के लिए यहां द्विदलीय रूप में होना विशेष रूप से महत्वपूर्ण हो जाता है।'


कोवाक्स के तहत पहुंचेगी मदद
अमेरिका से 2.5 करोड़ टीके की खुराक पाने वाले देशों की सूची में पिछले सप्ताह ताइवान को भी शामिल किया गया है। बाइडन प्रशासन ने कहा कि टीकों की आठ करोड़ खुराक में से पहली किस्त के तहत ये टीके दुनिया के देशों में बांटे जायेंगे। ताइवान समेत कम आय वाले अधिकतर देशों को टीके की ये खुराकें संयुक्त राष्ट्र समर्थित 'कोवाक्स' पहल के तहत दी जाएंगी।

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