G20: शिखर सम्मेलन में घोषणापत्र न अपनाने की अमेरिका की मांग, दक्षिण अफ्रीका ने कहा-निर्णय सभी सदस्यों पर निर्भ
अमेरिका इस साल के जी20 समिट में शामिल नहीं होगा और चाहता है कि कोई आधिकारिक घोषणा न हो। हालांकि, दक्षिण अफ्रीका के शेरपा क्सोलिसा माभोंगो ने कहा कि यह निर्णय केवल अध्यक्ष पर निर्भर नहीं करता। जी 20 में 19 देश, यूरोपीय संघ और अफ्रीकी संघ शामिल हैं, इसलिए सभी की सहमति जरूरी है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दक्षिण अफ्रीका इस साल जी20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। ऐसे में अब इसमें अमेरिका की भूमिका को लेकर चर्चा तेज हो गई है। एक ओर जहां राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस सम्मेलन में आने से पूरी तरह मना कर दिया। इसके बाद अमेरिका अब इस बात पर भी जोर दे रहा है कि दक्षिण अफ्रीका के जोहानसबर्ग में होने वाले जी20 ग्लोबल लीडर्स समिट से पहले इस साल कोई आधिकारिक घोषणा न हो। दूसरी ओर दक्षिण अफ्रीका के सम्मेलन में प्रतिनिधि जी20 शेरपा क्सोलिसा माभोंगो का कहना है कि यह निर्णय केवल दक्षिण अफ्रीका पर निर्भर नहीं करता, बल्कि सभी जी20 देशों की सहमति जरूरी है।
इस मामले में जानकारी देते हुए माभोंगो ने कहा कि हमें अमेरिका से सूचना मिली कि वे इस बैठक में शामिल नहीं होंगे और उनकी इच्छा है कि कोई घोषणा न हो। लेकिन जी20 के अध्यक्ष होने के नाते यह सिर्फ हमारे निर्णय पर नहीं है। जी20 में 19 देश, यूरोपीय संघ और अफ्रीकी संघ शामिल हैं। कोई भी देश सीधे हमसे यह नहीं कह सकता कि घोषणा न हो।
ये भी पढ़ें:- Indonesia: भूस्खलन के बाद लापता 34 लोगों की तलाश कर रहा बचाव दल, अब तक 18 की हो चुकी मौत
शेरपा पर हुई बैठ का आधार
उन्होंने बताया कि रविवार से शेरपा हुई शेर्पा बैठक में इस अनुरोध को लेकर कोई समस्या नहीं आई और बैठक का माहौल सकारात्मक है। माभोंगो ने कहा कि बैठक में सहयोग का भाव है और सभी चाहते हैं कि समिट के अंत में एक महत्वपूर्ण परिणाम निकल सके। अब तक कोई बड़ी चुनौती नहीं आई है। अमेरिका इस बैठक में नहीं है, यह उनका विकल्प है। हम कोई बड़ी समस्या नहीं देख रहे।
माभोंगो ने इस बात पर भी जोर दिया कि दक्षिण अफ्रीका ने इस साल जी20 के एजेंडे पर बहुत कुछ रखा है, लेकिन यह उनका अधिकार है। उन्होंने बताया कि जब दक्षिण अफ्रीका ने 1 दिसंबर, 2024 को जी20 की अध्यक्षता संभाली, तो चार मुख्य प्राथमिकताए तय की गईं। उन्होंने कहा कि अमेरिका जब 2026 में अध्यक्षता संभालेगा, तो उनके पास भी यही अधिकार होगा।
ये भी पढ़ें:- Bangladesh Crisis: 'भारत शेख हसीना को तुरंत वापस भेजे'; सजा-ए-मौत के एलान पर उपजे तनाव के बीच बोला पड़ोसी देश