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Indonesia: भूस्खलन के बाद लापता 34 लोगों की तलाश कर रहा बचाव दल, अब तक 18 की हो चुकी मौत
Mon, 17 Nov 2025 09:41 PM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जकार्ता
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, जकार्ता
Published by: निर्मल कांत
Updated Mon, 17 Nov 2025 09:41 PM IST
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भूस्खलन (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : पीटीआई
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इंडोनेशिया के जावा द्वीप पर दो अलग-अलग भूस्खलनों में 18 लोगों की मौत हो गई और लगभग 34 लोग लापता हैं। सोमवार को बचावकर्मी मिट्टी और मलबे के ढेर को हटाकर लापता लोगों की तलाश कर रहे थे। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी (बीएनपीबी) के प्रवक्ता अब्दुल मुहारी ने बताया कि गुरुवार रात मूसलाधार बारिश के कारण सिलाकाप जिले के तीन गांवों में भूस्खलन हुआ, जिसमें कई घर दब गए। मरने वालों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है। सात लोग अभी भी लापता हैं।
सिलाकाप के पांच प्रभावित इलाकों में 500 से ज्यादा बचावकर्मी, 22 खुदाई मशीनें और 18 स्निफर डॉग्स लगाए गए हैं। सोमवार को खोज अभियान का पांचवां दिन था। इसी तरह का एक और भूस्खलन शनिवार शाम मध्य जावा के बंजरनेगारा जिले में हुआ, जहां पहाड़ियों से तेजी से उतरी मिट्टी ने 30 से अधिक घरों को ढक दिया। 800 से ज्यादा लोग सुरक्षित जगहों पर चल गए।
ये भी पढ़ें: पिता की हत्या...निर्वासन, देश लौटने पर प्रतिबंध से सजा-ए-मौत के फैसले तक, जानें शेख हसीना का सियासी सफर
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मुहारी ने बताया कि बंजरनेगारा से सोमवार को दो और शव बरामद किए गए और 27 लोग अब भी लापता हैं। स्थानीय अधिकारी उन लोगों को सुरक्षित सरकारी शिविरों में ले जाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, जो भूस्खलन के खतरे वाले पहाड़ों की ओर भाग गए थे।
बीएनपीबी की ओर से जारी तस्वीरों में देखा गया कि बचावकर्मी और मशीनें कीचड़ में बदल चुकी धान के सीढ़ीनुमा खेतों और मलबे में दबे घरों को खोद रहे हैं, जहां मोटी मिट्टी, चट्टानें और उखड़े हुए पेड़ बिखरे पड़े हैं। इंडोनेशिया में भारी बारिश के मौसम में भूस्खलन और बाढ़ आम बात है, क्योंकि 17,000 द्वीपों वाले इस देश में करोड़ों लोग पहाड़ी और नदी किनारे के उपजाऊ क्षेत्रों में रहते हैं।
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सिलाकाप के पांच प्रभावित इलाकों में 500 से ज्यादा बचावकर्मी, 22 खुदाई मशीनें और 18 स्निफर डॉग्स लगाए गए हैं। सोमवार को खोज अभियान का पांचवां दिन था। इसी तरह का एक और भूस्खलन शनिवार शाम मध्य जावा के बंजरनेगारा जिले में हुआ, जहां पहाड़ियों से तेजी से उतरी मिट्टी ने 30 से अधिक घरों को ढक दिया। 800 से ज्यादा लोग सुरक्षित जगहों पर चल गए।
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मुहारी ने बताया कि बंजरनेगारा से सोमवार को दो और शव बरामद किए गए और 27 लोग अब भी लापता हैं। स्थानीय अधिकारी उन लोगों को सुरक्षित सरकारी शिविरों में ले जाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, जो भूस्खलन के खतरे वाले पहाड़ों की ओर भाग गए थे।
बीएनपीबी की ओर से जारी तस्वीरों में देखा गया कि बचावकर्मी और मशीनें कीचड़ में बदल चुकी धान के सीढ़ीनुमा खेतों और मलबे में दबे घरों को खोद रहे हैं, जहां मोटी मिट्टी, चट्टानें और उखड़े हुए पेड़ बिखरे पड़े हैं। इंडोनेशिया में भारी बारिश के मौसम में भूस्खलन और बाढ़ आम बात है, क्योंकि 17,000 द्वीपों वाले इस देश में करोड़ों लोग पहाड़ी और नदी किनारे के उपजाऊ क्षेत्रों में रहते हैं।
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