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'इस अंतहीन युद्ध का अंत हो': किर्गिस्तान में पुतिन से बोले मिले पीएम मोदी, गले मिल ब्रिक्स का दिया न्योता
Mon, 31 Aug 2026 07:43 PM IST
प्रशांत तिवारी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: प्रशांत तिवारी
Updated Mon, 31 Aug 2026 07:43 PM IST
सार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को रूस-यूक्रेन संघर्ष को तत्काल समाप्त करने की अपील करते हुए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से कहा कि अब ‘अंतहीन युद्ध’ से आगे बढ़कर युद्ध के अंत की दिशा में कदम उठाने का समय है। मोदी ने कहा कि इस संघर्ष का शांतिपूर्ण समाधान पूरी मानवता की साझा प्राथमिकता है।
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पीएम मोदी और व्लादिमीर पुतिन
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
एससीओ शिखर सम्मेलन से इतर बिश्केक में सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की अहम मुलाकात हुई। मोदी ने रूस-यूक्रेन संघर्ष के तत्काल और शांतिपूर्ण समाधान की अपील करते हुए कहा कि अब ‘अंतहीन युद्ध’ से आगे बढ़कर युद्ध के अंत की दिशा में कदम उठाने चाहिए। उन्होंने शांति के लिए भारत के निरंतर समर्थन को दोहराया। दोनों नेताओं ने यूक्रेन के अलावा व्यापार, निवेश, ऊर्जा और उर्वरक सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर भी चर्चा की। यह मुलाकात पुतिन की आगामी भारत यात्रा और वार्षिक BRICS शिखर सम्मेलन से पहले हुई है।
मोदी ने शांति के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराई
किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में एससीओ शिखर सम्मेलन से इतर पुतिन के साथ मुलाकात के दौरान मोदी ने कहा कि युद्ध का हर गुजरता दिन मानवता को पीछे धकेल रहा है। उन्होंने कहा कि भारत, जो महात्मा गांधी और भगवान बुद्ध की धरती है, शांति की दिशा में किए जा रहे हर प्रयास का समर्थन करता है और आगे भी ऐसा करता रहेगा। दोनों नेताओं के बीच यूक्रेन संघर्ष के अलावा व्यापार और निवेश के क्षेत्र में जारी सहयोग पर भी विस्तार से चर्चा हुई। ऊर्जा और उर्वरक सुरक्षा समेत कई अन्य महत्वपूर्ण मुद्दे भी बातचीत के केंद्र में रहे।
'भारत शांति के हर प्रयास का समर्थन करता है'
बैठक की शुरुआत में प्रसारित अपने संबोधन में मोदी ने कहा, 'हम यूक्रेन मुद्दे पर चर्चा करते रहे हैं। जब पिछली बार हमारी मुलाकात हुई थी, तब आपने मुझे इस मामले के सभी पहलुओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी थी। जैसा कि आप जानते हैं, भारत शांति की दिशा में किए जा रहे सभी प्रयासों का समर्थन करता है और आगे भी करता रहेगा।'
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‘युद्ध का हर दिन मानवता को पीछे धकेलता है’
मोदी ने कहा,'युद्ध का हर दिन मानवता को पीछे धकेलता है, जबकि शांति की दिशा में उठाया गया हर कदम मानवता में नई उम्मीद और उत्साह भरता है। हमें अंतहीन युद्ध से दूर हटकर युद्ध के अंत की ओर बढ़ना चाहिए।'यह मानवता के कल्याण के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। सभी मुद्दों का जल्द से जल्द शांतिपूर्ण समाधान मानवता की पुकार है और यही भारत का संदेश है। गांधी और बुद्ध की धरती का एक ही संदेश है- शांति का मार्ग।'
BRICS शिखर सम्मेलन से पहले अहम मुलाकात
मोदी और पुतिन की यह बातचीत ऐसे समय में हुई है, जब रूसी राष्ट्रपति एक सप्ताह से कुछ अधिक समय बाद भारत की यात्रा पर आने वाले हैं। पुतिन वार्षिक BRICS शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए नई दिल्ली पहुंचेंगे।
मोदी ने पुतिन की पिछली भारत यात्रा को किया याद
प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले साल पुतिन की भारत यात्रा का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, 'पिछले साल आपकी भारत यात्रा बेहद सफल और वास्तव में यादगार रही थी। हमारे लिए यह संतोष की बात है कि हमारा सहयोग लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है और हम दोनों देशों के लोगों के कल्याण के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।”
राष्ट्रीय हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर
मोदी ने कहा कि राष्ट्रीय हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देना भारत और रूस का साझा दृष्टिकोण रहा है। उन्होंने कहा, 'राष्ट्रीय हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देना हमारा साझा दृष्टिकोण रहा है और भविष्य में भी यही हमारा मार्गदर्शक सिद्धांत बना रहेगा।'
ये भी पढ़ें: ‘26’ का खौफनाक संयोग: नेपाल की बाढ़ से चेरनोबिल और मुंबई हमले तक; इस तारीख ने देखीं दुनिया की बड़ी त्रासदियां
पुतिन ने भारत-रूस साझेदारी को बताया विशेष
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि भारत और रूस के संबंधों में विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त साझेदारी के आधार पर लगातार मजबूती आई है। उन्होंने दोनों देशों के बीच जारी सहयोग और मजबूत होते द्विपक्षीय संबंधों पर संतोष जताया।
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मोदी ने शांति के लिए भारत की प्रतिबद्धता दोहराई
किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में एससीओ शिखर सम्मेलन से इतर पुतिन के साथ मुलाकात के दौरान मोदी ने कहा कि युद्ध का हर गुजरता दिन मानवता को पीछे धकेल रहा है। उन्होंने कहा कि भारत, जो महात्मा गांधी और भगवान बुद्ध की धरती है, शांति की दिशा में किए जा रहे हर प्रयास का समर्थन करता है और आगे भी ऐसा करता रहेगा। दोनों नेताओं के बीच यूक्रेन संघर्ष के अलावा व्यापार और निवेश के क्षेत्र में जारी सहयोग पर भी विस्तार से चर्चा हुई। ऊर्जा और उर्वरक सुरक्षा समेत कई अन्य महत्वपूर्ण मुद्दे भी बातचीत के केंद्र में रहे।
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'भारत शांति के हर प्रयास का समर्थन करता है'
बैठक की शुरुआत में प्रसारित अपने संबोधन में मोदी ने कहा, 'हम यूक्रेन मुद्दे पर चर्चा करते रहे हैं। जब पिछली बार हमारी मुलाकात हुई थी, तब आपने मुझे इस मामले के सभी पहलुओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी थी। जैसा कि आप जानते हैं, भारत शांति की दिशा में किए जा रहे सभी प्रयासों का समर्थन करता है और आगे भी करता रहेगा।'
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‘युद्ध का हर दिन मानवता को पीछे धकेलता है’
मोदी ने कहा,'युद्ध का हर दिन मानवता को पीछे धकेलता है, जबकि शांति की दिशा में उठाया गया हर कदम मानवता में नई उम्मीद और उत्साह भरता है। हमें अंतहीन युद्ध से दूर हटकर युद्ध के अंत की ओर बढ़ना चाहिए।'यह मानवता के कल्याण के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। सभी मुद्दों का जल्द से जल्द शांतिपूर्ण समाधान मानवता की पुकार है और यही भारत का संदेश है। गांधी और बुद्ध की धरती का एक ही संदेश है- शांति का मार्ग।'
BRICS शिखर सम्मेलन से पहले अहम मुलाकात
मोदी और पुतिन की यह बातचीत ऐसे समय में हुई है, जब रूसी राष्ट्रपति एक सप्ताह से कुछ अधिक समय बाद भारत की यात्रा पर आने वाले हैं। पुतिन वार्षिक BRICS शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए नई दिल्ली पहुंचेंगे।
मोदी ने पुतिन की पिछली भारत यात्रा को किया याद
प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले साल पुतिन की भारत यात्रा का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, 'पिछले साल आपकी भारत यात्रा बेहद सफल और वास्तव में यादगार रही थी। हमारे लिए यह संतोष की बात है कि हमारा सहयोग लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है और हम दोनों देशों के लोगों के कल्याण के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।”
राष्ट्रीय हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर
मोदी ने कहा कि राष्ट्रीय हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देना भारत और रूस का साझा दृष्टिकोण रहा है। उन्होंने कहा, 'राष्ट्रीय हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देना हमारा साझा दृष्टिकोण रहा है और भविष्य में भी यही हमारा मार्गदर्शक सिद्धांत बना रहेगा।'
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पुतिन ने भारत-रूस साझेदारी को बताया विशेष
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि भारत और रूस के संबंधों में विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त साझेदारी के आधार पर लगातार मजबूती आई है। उन्होंने दोनों देशों के बीच जारी सहयोग और मजबूत होते द्विपक्षीय संबंधों पर संतोष जताया।