{"_id":"6949db13d95217111c0b8ca7","slug":"us-president-donald-trump-announces-plans-for-new-navy-battleship-2025-12-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"US: ट्रंप ने नौसेना के लिए नए युद्धपोत बनाने की योजना का किया एलान; फिर दोहराया भारत-PAK संघर्ष रोकने का दावा","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
US: ट्रंप ने नौसेना के लिए नए युद्धपोत बनाने की योजना का किया एलान; फिर दोहराया भारत-PAK संघर्ष रोकने का दावा
Tue, 23 Dec 2025 05:28 AM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन।
Published by: निर्मल कांत
Updated Tue, 23 Dec 2025 05:28 AM IST
सार
US: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नौसेना के लिए नए और बड़े युद्धपोत बनाने की योजना का एलान किया है। उन्होंने दावा किया कि यह अब तक का सबसे तेज, सबसे बड़ा और सबसे ताकतवर युद्धपोत होगा। ट्रंप ने इस दावे को भी दोहराया कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष को रोका।
विज्ञापन
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप
- फोटो : एएनआई (फाइल)
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी नौसेना के लिए एक नए और बड़े युद्धपोत के निर्माण की महत्वकांक्षी योजना का एलान किया। इसे उन्होंने 'बैटलशिप' कहा है। यह योजना उनके उस विचार का हिस्सा है, जिसके तहत वह एक गोल्डन फ्लीट बनाना चाहते हैं।
फ्लोरिडा के मार-ए-लागो रिसॉर्ट में घोषणा करते हुए ट्रंप ने कहा, ये सबसे तेज, सबसे बड़े और अब तक बने किसी भी युद्धपोत से सौ गुना ज्यादा ताकतवर होंगे। ट्रंप के मुताबिक यह जहाज द्वितीय विश्व युद्ध के दौर के आयोवा-श्रेणी के युद्धपोत से ज्यादा लंबा और बड़ा होगा। इसमें हाइपरसोनिक मिसाइलें, रेल गन और हाई-पावर लेजर लगाए जाएंगे, जो सभी ऐसी तकनीकें हैं जिन पर नौसेना अभी काम कर रही है।
ये भी पढ़ें: जेलेंस्की बोले- अमेरिका के नेतृत्व वाली शांति वार्ता में हुई ठोस प्रगति, चुनौतियां बरकरार
विज्ञापन
केवल एक महीने पहले ही नौसेना ने एक नए छोटे युद्धपोत के निर्माण की अपनी योजना को रद्द कर दिया था। इसकी वजह बढ़ती देरी और लागत में इजाफा बताया गया। इसके बजाय नौसेना ने हाल तक बनाए जा रहे कोस्ट गार्ड कटर के संशोधित संस्करण को अपनाने का फैसला किया। नौसेना अपने अन्य नए डिजाइन वाले फोर्ड-क्लास एयरक्राफ्ट कैरियर और कोलंबिया-श्रेणी के जहाजों को भी समय और बजट के भीतर पूरा नहीं कर पाई है।
इतिहास में 'बैटलशिप' शब्द एक खास तरह के जहाज के लिए इस्तेमाल होता रहा है। ये बड़े, भारी कवच वाले जहाज होते थे, जिनमें विशाल तोपें लगी होती थीं और इन्हें दूसरे जहाजों या तट पर मौजूद ठिकानों पर हमला करने के लिए बनाया जाता था। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान ऐसे जहाज सबसे ज्यादा अहम थे और अमेरिका के सबसे बड़े आयोवा-श्रेणी के युद्धपोत का वजन करीब 60,000 टन था।
ये भी पढ़ें: पीएम मोदी के विशेष दूत बनकर कोलंबो पहुंचे एस जयशंकर, आज करेंगे श्रीलंकाई नेतृत्व से मुलाकात
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद आधुनिक नौसेनाओं में युद्धपोतों की भूमिका तेजी से कम होती गई और उनकी जगह एयरक्राफ्ट कैरियर और लंबी दूरी की मिसाइलों ने ले ली। 1980 के दशक में अमेरिकी नौसेना ने चार आयोवा-श्रेणी के युद्धपोतों को क्रूज मिसाइलों, एंटी-शिप मिसाइलों और आधुनिक रडार से लैस किया, लेकिन 1990 के दशक तक इन सभी को सेवा से हटा दिया गया।
ट्रंप लंबे समय से नौसेना के बेड़े के कुछ पहलुओं को लेकर अपनी मजबूत राय रखते आए हैं। कई बार वह आधुनिकीकरण की जगह पुरानी तकनीक को बनाए रखने के पक्ष में रहे हैं। अपने पहले कार्यकाल के दौरान उन्होंने नौसेना के नए विमानवाहक पोत (एयरक्राफ्ट कैरियर) से लड़ाकू विमान लॉन्च करने के लिए आधुनिक इलेक्ट्रोमैग्नेटिक सिस्टम की बजाय भाप से चलने वाले कैटापल्ट सिस्टम पर लौटने की मांग की थी, लेकिन यह प्रयास सफल नहीं हुआ।
राष्ट्रपति ट्रंप ने फिर किया आठ युद्ध खत्म करने का दावा
व्हाइट हाउस में ट्रंप ने एक बार फिर आठ संघर्षों को खत्म करने का दावा किया है। उन्होंने दोहराया, राष्ट्रपति (व्लादिमीर) पुतिन और राष्ट्रपति (वोलोदिमिर) जेलेंस्की के बीच गहरी दुश्मनी है..मैंने आठ युद्ध सुलझाए हैं। थाईलैंड और कंबोडिया के बीच तनाव कम होने लगा है। लेकिन मुझे लगता है कि हमने स्थिति को काफी हद तक संभाल लिया है। हमने पाकिस्तान और भारत के बीच संभावित परमाणु युद्ध को रोका। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने दस मिलियन, शायद इससे भी अधिक लोगों की जान बचाई। आठ विमानों को मार गिराया गया। वह युद्ध भड़कने वाला था। एकमात्र युद्ध जिसे मैंने अभी तक नहीं सुलझाया है, वह है रूस-यूक्रेन।
विज्ञापन
फ्लोरिडा के मार-ए-लागो रिसॉर्ट में घोषणा करते हुए ट्रंप ने कहा, ये सबसे तेज, सबसे बड़े और अब तक बने किसी भी युद्धपोत से सौ गुना ज्यादा ताकतवर होंगे। ट्रंप के मुताबिक यह जहाज द्वितीय विश्व युद्ध के दौर के आयोवा-श्रेणी के युद्धपोत से ज्यादा लंबा और बड़ा होगा। इसमें हाइपरसोनिक मिसाइलें, रेल गन और हाई-पावर लेजर लगाए जाएंगे, जो सभी ऐसी तकनीकें हैं जिन पर नौसेना अभी काम कर रही है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: जेलेंस्की बोले- अमेरिका के नेतृत्व वाली शांति वार्ता में हुई ठोस प्रगति, चुनौतियां बरकरार
विज्ञापन
केवल एक महीने पहले ही नौसेना ने एक नए छोटे युद्धपोत के निर्माण की अपनी योजना को रद्द कर दिया था। इसकी वजह बढ़ती देरी और लागत में इजाफा बताया गया। इसके बजाय नौसेना ने हाल तक बनाए जा रहे कोस्ट गार्ड कटर के संशोधित संस्करण को अपनाने का फैसला किया। नौसेना अपने अन्य नए डिजाइन वाले फोर्ड-क्लास एयरक्राफ्ट कैरियर और कोलंबिया-श्रेणी के जहाजों को भी समय और बजट के भीतर पूरा नहीं कर पाई है।
इतिहास में 'बैटलशिप' शब्द एक खास तरह के जहाज के लिए इस्तेमाल होता रहा है। ये बड़े, भारी कवच वाले जहाज होते थे, जिनमें विशाल तोपें लगी होती थीं और इन्हें दूसरे जहाजों या तट पर मौजूद ठिकानों पर हमला करने के लिए बनाया जाता था। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान ऐसे जहाज सबसे ज्यादा अहम थे और अमेरिका के सबसे बड़े आयोवा-श्रेणी के युद्धपोत का वजन करीब 60,000 टन था।
ये भी पढ़ें: पीएम मोदी के विशेष दूत बनकर कोलंबो पहुंचे एस जयशंकर, आज करेंगे श्रीलंकाई नेतृत्व से मुलाकात
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद आधुनिक नौसेनाओं में युद्धपोतों की भूमिका तेजी से कम होती गई और उनकी जगह एयरक्राफ्ट कैरियर और लंबी दूरी की मिसाइलों ने ले ली। 1980 के दशक में अमेरिकी नौसेना ने चार आयोवा-श्रेणी के युद्धपोतों को क्रूज मिसाइलों, एंटी-शिप मिसाइलों और आधुनिक रडार से लैस किया, लेकिन 1990 के दशक तक इन सभी को सेवा से हटा दिया गया।
ट्रंप लंबे समय से नौसेना के बेड़े के कुछ पहलुओं को लेकर अपनी मजबूत राय रखते आए हैं। कई बार वह आधुनिकीकरण की जगह पुरानी तकनीक को बनाए रखने के पक्ष में रहे हैं। अपने पहले कार्यकाल के दौरान उन्होंने नौसेना के नए विमानवाहक पोत (एयरक्राफ्ट कैरियर) से लड़ाकू विमान लॉन्च करने के लिए आधुनिक इलेक्ट्रोमैग्नेटिक सिस्टम की बजाय भाप से चलने वाले कैटापल्ट सिस्टम पर लौटने की मांग की थी, लेकिन यह प्रयास सफल नहीं हुआ।
राष्ट्रपति ट्रंप ने फिर किया आठ युद्ध खत्म करने का दावा
व्हाइट हाउस में ट्रंप ने एक बार फिर आठ संघर्षों को खत्म करने का दावा किया है। उन्होंने दोहराया, राष्ट्रपति (व्लादिमीर) पुतिन और राष्ट्रपति (वोलोदिमिर) जेलेंस्की के बीच गहरी दुश्मनी है..मैंने आठ युद्ध सुलझाए हैं। थाईलैंड और कंबोडिया के बीच तनाव कम होने लगा है। लेकिन मुझे लगता है कि हमने स्थिति को काफी हद तक संभाल लिया है। हमने पाकिस्तान और भारत के बीच संभावित परमाणु युद्ध को रोका। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने दस मिलियन, शायद इससे भी अधिक लोगों की जान बचाई। आठ विमानों को मार गिराया गया। वह युद्ध भड़कने वाला था। एकमात्र युद्ध जिसे मैंने अभी तक नहीं सुलझाया है, वह है रूस-यूक्रेन।
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन