Russia Ukraine War: यूक्रेन को सुरक्षा की गारंटी देने पर अमेरिका तैयार, ट्रंप बोले- अब शांति समझौता दूर नहीं
US Ukraine Peace Talks: अमेरिका ने रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म करने के लिए शांति वार्ता में यूक्रेन को सुरक्षा गारंटी देने पर सहमति जताई है। बर्लिन में हुई बातचीत में अमेरिका और यूरोप ने मिलकर मजबूत सुरक्षा ढांचा तैयार करने का संकेत दिया। हालांकि जमीन और नाटो सदस्यता पर मतभेद अब भी है।
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रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने की दिशा में अहम संकेत देते हुए अमेरिका ने यूक्रेन को शांति समझौते के तहत सुरक्षा गारंटी देने पर सहमति जता दी है। बर्लिन में हुई ताजा बातचीत के बाद अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि करीब चार साल से चल रहे युद्ध को समाप्त करने के लिए जमीन तैयार हो रही है। इस बातचीत में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की और अमेरिका के दूतों के बीच कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रंप के दूतों और यूक्रेनी नेतृत्व के बीच सुरक्षा गारंटी और क्षेत्रीय मुद्दों पर मतभेद काफी हद तक कम हुए हैं। अमेरिका ने स्पष्ट किया कि यूक्रेन को दी जाने वाली सुरक्षा गारंटी अनिश्चित समय तक खुली पेशकश नहीं रहेगी। राष्ट्रपति ट्रंप ने भी कहा कि अब शांति समझौते के पहले से कहीं ज्यादा करीब पहुंच गए हैं और यूरोपीय देशों का भी पूरा समर्थन मिल रहा है।
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सुरक्षा गारंटी का ढांचा
यूरोपीय नेताओं और अमेरिका ने मिलकर यूक्रेन को “मजबूत सुरक्षा गारंटी” देने पर सहमति जताई है। इसके तहत यूरोप की अगुवाई में एक बहुराष्ट्रीय बल बनाने का प्रस्ताव है, जिसे अमेरिका का समर्थन मिलेगा। यह बल यूक्रेन के भीतर काम करेगा, सेना के पुनर्निर्माण में मदद करेगा, हवाई सुरक्षा मजबूत करेगा और समुद्री रास्तों को सुरक्षित बनाएगा। प्रस्ताव में यूक्रेन की सेना को शांति काल में करीब आठ लाख सैनिकों तक सीमित रखने की बात भी शामिल है।
भूमि और नाटो पर मतभेद
शांति वार्ता में सबसे बड़ी अड़चन यूक्रेन की जमीन और नाटो सदस्यता को लेकर है। यूक्रेन ने साफ कहा है कि वह रूस को अपनी जमीन देने के पक्ष में नहीं है। रूस चाहता है कि यूक्रेन पूर्वी डोनबास क्षेत्र से अपनी सेना हटाए। जेलेंस्की ने संकेत दिया है कि यदि अमेरिका और पश्चिमी देश नाटो जैसी सुरक्षा गारंटी दें, तो यूक्रेन नाटो सदस्यता पर पुनर्विचार कर सकता है, हालांकि उसकी प्राथमिकता अब भी नाटो में शामिल होना ही है।
अमेरिका और यूरोप की भूमिका
अमेरिका की ओर से पेश दस्तावेज में सुरक्षा गारंटी को पहले से ज्यादा स्पष्ट किया गया है। जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने इसे अब तक का सबसे ठोस प्रस्ताव बताया। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि शांति योजना के करीब 90 प्रतिशत बिंदुओं पर सहमति बन चुकी है। रूस ने भी संकेत दिए हैं कि उसे यूक्रेन के यूरोपीय संघ में शामिल होने पर आपत्ति नहीं है, लेकिन नाटो सदस्यता को वह अब भी खतरा मानता है।
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