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US: न्यूयॉर्क सीनेट में भारतीय संविधान का सम्मान, 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर प्रस्ताव पारित
Fri, 16 May 2025 10:50 AM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: नितिन गौतम
Updated Fri, 16 May 2025 10:50 AM IST
सार
जेरेमी कूपर ने कहा कि 'यह दिन सिर्फ़ भारत में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में मनाया जाना चाहिए। पूरी दुनिया में भारतीय अपने समुदायों में स्थायी प्रभाव डाल रहे हैं। यह हमारे साझा इतिहास, संस्कृति और विरासत का जश्न मनाने और उस पर विचार करने के लिए एक साथ आने का अवसर है।'
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न्यूयॉर्क सीनेट
- फोटो : आधिकारिक वेबसाइट न्यूयॉर्क सीनेट
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विस्तार
अमेरिकी राज्य न्यूयॉर्क की सीनेट में औपचारिक रूप से भारतीय संविधान की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर इसका सम्मान करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया गया। प्रस्ताव में भारतीय संविधान को राष्ट्र के रूप में भारत की निरंतर प्रगति के लिए एक मार्गदर्शक ढांचे के रूप में मान्यता दी गई है और देश के लोकतांत्रिक मूल्यों का जश्न मनाया गया। न्यूयॉर्क स्टेट सीनेटर जेरेमी कूनी ने यह प्रस्ताव पेश किया। जेरेमी कूनी वर्तमान में न्यूयॉर्क स्टेट सीनेट में सेवारत भारतीय मूल के एकमात्र सदस्य हैं। कूनी के प्रस्ताव को बुधवार को एक समारोह में पारित किया गया। इस कार्यक्रम में न्यूयॉर्क में भारत के महावाणिज्यदूत बिनय प्रधान के साथ-साथ न्यूयॉर्क में भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लोग भी शामिल हुए।
'भारत ही नहीं पूरी दुनिया में मनाया जाना चाहिए भारतीय संविधान का जश्न'
जेरेमी कूनी ने कहा, 'मैं भारतीय संविधान की 75वीं वर्षगांठ के सम्मान में यह प्रस्ताव पेश कर रहा हूं, यह भारतीय स्वतंत्रता और उन कई बहादुर भारतीयों का जश्न मनाने का समय है, जिन्होंने अपने देशवासियों की भलाई के लिए अपनी जान जोखिम में डाल दी।' जेरेमी कूपर ने कहा कि 'यह दिन सिर्फ़ भारत में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में मनाया जाना चाहिए। पूरी दुनिया में भारतीय अपने समुदायों में स्थायी प्रभाव डाल रहे हैं। यह हमारे साझा इतिहास, संस्कृति और विरासत का जश्न मनाने और उस पर विचार करने के लिए एक साथ आने का अवसर है।' पूर्व में, भारतीय स्वतंत्रता, गणतंत्र दिवस, प्रमुख त्योहारों और अन्य अवसरों के पर कई प्रस्ताव पेश किए गए हैं, लेकिन यह पहली बार है कि भारतीय संविधान की स्मृति में कोई प्रस्ताव अमेरिका में किसी विधायी निकाय में पेश किया गया और अपनाया गया है।
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कूनी ने भारत से अपने संबंधों को किया याद
कूनी ने भारत के कोलकाता में एक अनाथालय से गोद लिए जाने और न्यूयॉर्क के रोचेस्टर में एक अकेली मां द्वारा पाले जाने से लेकर अपनी यात्रा के बारे में भी बताया। कूनी ने कहा कि 'यह वर्षगांठ मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से भी विशेष महत्व रखती है। जैसा कि सीनेट में मेरे कई सहकर्मी जानते हैं, मुझे कलकत्ता के एक अनाथालय से गोद लिया गया था और अपने पूरे जीवन में, मैंने भारत और अपने समुदाय में भारतीयों के साथ एक मजबूत संबंध बनाए रखने के लिए बहुत मेहनत की है। वह संबंध आज भी जारी है क्योंकि हम भारतीय संविधान की 75वीं वर्षगांठ मना रहे हैं।' भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा कि 'यह प्रस्ताव भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों और संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ स्वतंत्रता, न्याय और समानता के लिए इसकी साझा प्रतिबद्धता का जश्न मनाता है। यह साझा लोकतांत्रिक आदर्शों और सांस्कृतिक संबंधों का जश्न मनाता है।'
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'भारत ही नहीं पूरी दुनिया में मनाया जाना चाहिए भारतीय संविधान का जश्न'
जेरेमी कूनी ने कहा, 'मैं भारतीय संविधान की 75वीं वर्षगांठ के सम्मान में यह प्रस्ताव पेश कर रहा हूं, यह भारतीय स्वतंत्रता और उन कई बहादुर भारतीयों का जश्न मनाने का समय है, जिन्होंने अपने देशवासियों की भलाई के लिए अपनी जान जोखिम में डाल दी।' जेरेमी कूपर ने कहा कि 'यह दिन सिर्फ़ भारत में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में मनाया जाना चाहिए। पूरी दुनिया में भारतीय अपने समुदायों में स्थायी प्रभाव डाल रहे हैं। यह हमारे साझा इतिहास, संस्कृति और विरासत का जश्न मनाने और उस पर विचार करने के लिए एक साथ आने का अवसर है।' पूर्व में, भारतीय स्वतंत्रता, गणतंत्र दिवस, प्रमुख त्योहारों और अन्य अवसरों के पर कई प्रस्ताव पेश किए गए हैं, लेकिन यह पहली बार है कि भारतीय संविधान की स्मृति में कोई प्रस्ताव अमेरिका में किसी विधायी निकाय में पेश किया गया और अपनाया गया है।
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कूनी ने भारत से अपने संबंधों को किया याद
कूनी ने भारत के कोलकाता में एक अनाथालय से गोद लिए जाने और न्यूयॉर्क के रोचेस्टर में एक अकेली मां द्वारा पाले जाने से लेकर अपनी यात्रा के बारे में भी बताया। कूनी ने कहा कि 'यह वर्षगांठ मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से भी विशेष महत्व रखती है। जैसा कि सीनेट में मेरे कई सहकर्मी जानते हैं, मुझे कलकत्ता के एक अनाथालय से गोद लिया गया था और अपने पूरे जीवन में, मैंने भारत और अपने समुदाय में भारतीयों के साथ एक मजबूत संबंध बनाए रखने के लिए बहुत मेहनत की है। वह संबंध आज भी जारी है क्योंकि हम भारतीय संविधान की 75वीं वर्षगांठ मना रहे हैं।' भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा कि 'यह प्रस्ताव भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों और संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ स्वतंत्रता, न्याय और समानता के लिए इसकी साझा प्रतिबद्धता का जश्न मनाता है। यह साझा लोकतांत्रिक आदर्शों और सांस्कृतिक संबंधों का जश्न मनाता है।'
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