US-Venezuela Row: वेनेजुएला में कार्रवाई ट्रंप की क्षमता की परीक्षा कैसे, 'अमेरिका फर्स्ट' नीति पर सवाल क्यों?
डोनाल्ड ट्रंप की वेनेजुएला में कार्रवाई और मादुरो को बंधक बनाने के फैसले ने अब खुद उनकी ही पार्टी में हलचल मचा दी है। शुरू में सांसदों का समर्थन जरूर मिला, लेकिन अब कुछ रिपब्लिकन नेताओं ने चिंता जताई कि ट्रंप अपनी ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति से पीछे हट रहे हैं। इस कदम ने ट्रंप की चुनावी रणनीति और नेतृत्व पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
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विस्तार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से वेनेजुएला पर कई गई कार्रवाई और फिर वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरे को बंधक बनाए जाने के मामले ने जहां एक तरफ वैश्विक राजनीति में तहलका मचा दी है। वहीं दूसरी ओर अब खुद ट्रंप के लिए ये कार्रवाई एक बड़ा राजनीतिक परीक्षण बन गया है। इस बात को ऐसे समझा जा सकता है कि जब ट्रंप ने मादुरो को पकड़कर अमेरिका लाने और उनके खिलाफ मुकदमा चलाने का आदेश दिया। तब शुरुआत में कई रिपब्लिकन नेताओं ने उनका समर्थन किया, लेकिन अब पार्टी के भीतर असंतोष देखा जा रहा है। साथ ही इस कार्रवाई से ट्रंप की चुनावी रणनीति और ‘अमेरिका फर्स्ट’ की नीति पर नए सवाल भी खड़े हो रहे हैं। आइए जानते हैं कैसे?
यह असंतोष ज्यादा प्रभावी रूप से तब सामने आया, जब राष्ट्रपति ट्रंप ने यह कहा कि शांति स्थापति होने तक अमेरिका वेनेजुएला को संचालित कर सकता है। इस बयान के बाद रिपब्लिकन के कुछ नेताओं ने चिंता जताई कि अब ट्रंप अपनी शुरुआती और पारंपरिक 'अमेरिका फर्स्ट' नीति से पीछे हट रहे हैं। उनका ध्यान दूसरी ओर केंद्रित हो रहा है।
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कौन से नेता ने क्या कहा? आइए जानते हैं।
बात अब ट्रंप के इस फैसले का विरोध करने वाले नेताओं की करें तो जॉर्जिया की ट्रंप समर्थक सांसद मार्जोरी टेलर ग्रीन ने इस पूरे मामले में अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह वही वाशिंगटन की पुरानी नीतियां हैं जो अमेरिकी लोगों के लिए नहीं, बल्कि बड़ी कंपनियों, बैंकों और तेल कंपनियों के लिए हैं। दूसरी ओर कुछ मध्यम रुझान वाले रिपब्लिकन नेताओं ने भी चेतावनी दी।
पेंसिल्वेनिया के सांसद ब्रायन फिट्जपैट्रिक ने कहा कि अमेरिका को केवल अपने देश की देखभाल करनी चाहिए, किसी और देश को नहीं चलाना चाहिए। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि ट्रंप का राजनीतिक ब्रांड हमेशा यह रहा है कि अमेरिका को अनावश्यक विदेशी युद्धों में उलझना नहीं चाहिए। 2016 में उन्होंने इराक युद्ध को 'बड़ा और गलत कहा था।
ट्रंप के समर्थन में क्या बोले ये सांसद?
वहीं मेन की सीनियर सांसद सुसान कॉलिन्स ने कहा कि मादुरो नार्को-आतंकवादी और अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्कर हैं और उन्हें मुकदमा झेलना चाहिए। वहीं केंटकी के सांसद रैंड पॉल ने कहा कि देखना होगा कि यह बदलाव बिना ज्यादा खर्च और नुकसान के सफल होगा या नहीं। रिपब्लिकन नेता मिच मैककोनेल ने मादुरो को ठग बताया। साथ ही कहा कि ट्रंप के पास सीमित सैन्य कार्रवाई का संविधानिक अधिकार है।
ट्रंप ने क्या कहा था, जिससे बयानबाजी हुई तेज?
बता दें कि इससे पहले वेनेजुएला पर की गई कार्रवाई के बाद शनिवार को ट्रंप ने कहा था कि अगर जरूरत पड़ी तो वेनेजुएला की जमीन पर अमेरिकी सैनिकों को भेजने से भी पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने जोर देते हुए कहा था कि उनका उद्देश्य अमेरिकी सुरक्षा को प्राथमिकता देना है।
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वेनेजुएला की तेल को लेकर भी बोले थे ट्रंप
इतना ही नहीं ट्रंप ने वेनेजुएला के तेल उद्योग को फिर से सक्रिय करने की बात भी की थी। यह उनके पहले के इराक युद्ध पर आलोचनाओं से मिलता-जुलता है, जब उन्होंने कहा था कि अमेरिका को तेल पर कब्जा करना चाहिए और खुद को लाभ देना चाहिए। हालांकि, मार्को रुबियो ने इस नीति पर कुछ हद तक रोक लगाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका वेनेजुएला का रोजमर्रा का प्रशासन नहीं संभालेगा, केवल तेल संबंधी प्रतिबंध लागू करेगा।
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