Israel-Iran Row: ईरानी मिसाइलों को रोकने में इस्राइल की मदद कर रहा अमेरिका; मिडिल ईस्ट में बढ़ाई सैन्य तैनाती
मध्य पूर्व में ईरान-इस्राइल तनाव के बीच अमेरिका ने इस्राइल को ईरानी मिसाइल हमलों से बचाने में मदद की। पैट्रियट और थाड सिस्टम से मिसाइलें इंटरसेप्ट की गईं। साथ ही अमेरिकी युद्धपोत और लड़ाकू विमान भी तैनात किए गए हैं। उधर दूसरी ओर ईरान में संयुक्त राष्ट्र में दावा किया है कि इस्राइली हमलों में अबतक 78 लोग मारे गए और 320 से अधिक घायल हुए हैं।
मध्य पूर्व में ईरान-इस्राइल तनाव के बीच अमेरिका ने इस्राइल को ईरानी मिसाइल हमलों से बचाने में मदद की। पैट्रियट और थाड सिस्टम से मिसाइलें इंटरसेप्ट की गईं। साथ ही अमेरिकी युद्धपोत और लड़ाकू विमान भी तैनात किए गए हैं। उधर दूसरी ओर ईरान में संयुक्त राष्ट्र में दावा किया है कि इस्राइली हमलों में अबतक 78 लोग मारे गए और 320 से अधिक घायल हुए हैं।
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विस्तार
मध्य पूर्व में ईरान और इस्राइल के बीच तनाव बढ़ने के बाद शुक्रवार को ईरान ने इस्राइल पर बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया। बढ़ते हमले को देख अब अमेरिका इस्राइल की मदद करने के लिए सामने आया है। इसके तहत अमेरिका ने ईरान के मिसाइल हमले को रोकने में इस्राइल की मदद की है।
मामले में एक अमेरिकी अधिकारी के ने बताया कि अमेरिका ने अपनी एयर डिफेंस सिस्टम्स और नौसैनिक संसाधनों की मदद से इस्राइल की मदद कर रहा है। उन्होंने बताया कि मिडिल ईस्ट में अमेरिका की पैट्रियट मिसाइल डिफेंस सिस्टम और थाड (THAAD) सिस्टम तैनात हैं, जो बैलिस्टिक मिसाइलों को इंटरसेप्ट करने में सक्षम हैं।
नौसेना की भी रही अहम भूमिका
वहीं एक अन्य अधिकारी ने बताया कि अमेरिकी नौसेना के जहाजों ने भी इस दौरान मदद की, हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि जहाजों ने मिसाइलें दागीं या सिर्फ टारगेट ट्रैकिंग में सहयोग दिया।
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अमेरिका ने आगे बढ़ाए अपने युद्धपोत
ईरान के हमले के खिलाफ और उसे रोकने के लिए अमेरिका ने कई अहम कदम उठाए है। इसके तहत ट्रंप प्रशासन अमेरिका के अपने युद्धपोत यूएसएस थॉमस हडनर को पश्चिमी भूमध्य सागर से पूर्वी हिस्से की ओर भेजा है, ताकि वह जरूरत पड़ने पर तुरंत मदद कर सके। साथ ही एक अन्य विध्वंसक जहाज को भी तैयार रखा गया है। इतना ही नहीं अमेरिका के लड़ाकू विमान इस समय क्षेत्र की निगरानी कर रहे हैं और एयरबेस पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
अमेरिका ने मिडिल इस्ट में बढ़ाई सैन्य बैठक
बढ़ते तनाव को देखते हुए अमेरिका ने मिडिल इस्ट में अपनी सैन्य ताकत बढ़ा दी है। देखा जाए तो अभी मध्य पूर्व में करीब 40000 अम तैनात हैं, जो सामान्य संख्या 30,000 से कहीं अधिक है। पिछले साल अक्तूबर में यह संख्या 43,000 तक पहुंच गई थी, जब ईरान और इस्राइल के बीच तनाव और यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा हमले तेज हो गए थे।
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ईरान-इस्राइल की तकरार में 78 लोगों की मौत, 320 घायल
वहीं दूसरी ओर संयुक्त राष्ट्र में ईरान ने एक बड़ा दावा किया है। इसके तहत ईरान के संयुक्त राष्ट्र में राजदूत अमीर सईद इरवानी ने शुक्रवार को कहा कि इस्राइल के हमलों में 78 लोग मारे गए और 320 से अधिक घायल हुए हैं। उन्होंने इसे एक बर्बर और आपराधिक हमला करार दिया और कहा कि इसमें ईरान के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और परमाणु वैज्ञानिकों को निशाना बनाया गया।
इसके साथ ही राजदूत का कहना है कि इनमें से ज्यादातर मृतक आम नागरिक, महिलाएं और बच्चे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि शुक्रवार को भी इज़राइल ने कई ईरानी शहरों में सैन्य और नागरिक ठिकानों पर हमले किए हैं।