US Court vs Trump: छंटनी पर अड़ी ट्रंप सरकार बोली- अदालत फैसला करे; वेनेजुएला के लोगों को मिला संरक्षण बरकरार
अमेरिका में बीते छह महीने में कई बार ऐसा हुआ है, जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी नीतियों का हवाला देकर कई चौंकाने वाले फैसले लिए। हालांकि, संघीय कर्मचारियों की छंटनी, बड़े देशों से पारस्परिक टैरिफ वसूलने की नीति और अवैध प्रवासियों को देश से निकालने को लेकर ट्रंप ने जो फैसले लिए हैं, इनके खिलाफ कई अदालतों में मुकदमे हो चुके हैं। ट्रंप को अदालत की सख्ती का सामना करना पड़ रहा है। जानिए किन प्रमुख मामलों में कोर्ट ने क्या कहा...
विस्तार
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरकार की तरफ से लिए गए दो बड़े फैसलों पर अब अदालतों ने रोक लगा दी है। इसमें पहला मामला फेडरल कर्मचारियों की बड़े स्तर पर की जा रही छंटनी से जुड़ा है। ट्रंप प्रशासन ने सरकारी कामकाज को छोटा करने और कर्मचारियों की संख्या घटाने के लिए एक आदेश जारी किया था। लेकिन कैलिफोर्निया की जज सुसान इल्सटन ने इस फैसले पर रोक लगा दी है। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी छंटनी के लिए कांग्रेस की मंजूरी जरूरी है।
ट्रंप प्रशासन ने आदेश को सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती
हालांकि ट्रंप प्रशासन ने इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है, जिसमें कहा गया है कि राष्ट्रपति को अपनी प्रशासनिक टीम को संचालित करने का अधिकार संविधान के तहत है और इसके लिए कांग्रेस की मंजूरी की जरूरत नहीं। अब सुप्रीम कोर्ट ने यूनियन और शहरों (जैसे बाल्टीमोर, शिकागो, सैन फ्रांसिस्को) से जवाब मांगा है।
बता दें कि इस योजना के तहत अब तक लगभग 75,000 कर्मचारी इस्तीफा दे चुके हैं या निकाले गए हैं। इससे बड़े पैमाने पर कृषि, स्वास्थ्य, पर्यावरण और सामाजिक सुरक्षा जैसे विभागों के कामकाज पर असर पड़ा है।
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वेनेजुएला के 5000 लोगों को मिला संरक्षण हटाने से कोर्ट का इनकार
दूसरा मामला वेनेजुएला के नागरिकों को अमेरिका में मिलने वाले टेम्पररी प्रोटेक्टेड स्टेटस (टीपीएस) से जुड़ा है। सैन फ्रांसिस्को की अदालत के जज एडवर्ड चेन ने 5,000 वेनेजुएलावासियों को अमेरिका में रहने और काम करने की मंजूरी बरकरार रखी है, जबकि सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में ट्रंप सरकार को टीपीएस खत्म करने की अनुमति दे दी थी।
हालांकि जज चेन ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने जिन लोगों के दस्तावेजों की वैधता 2026 तक बढ़ाई गई है, वे अभी भी अमेरिका में रह सकते हैं। इनका मामला अलग रखा गया है और उनकी अभी निर्वासन की संभावना नहीं है।
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अवैध प्रवासियों को निकालने का ट्रंप का वादा
गौरतलब है कि टीपीएस कार्यक्रम उन देशों के नागरिकों को अमेरिका में रहने की अनुमति देता है जहां प्राकृतिक आपदा या राजनीतिक संकट के कारण वापसी सुरक्षित नहीं मानी जाती। जहां डोनाल्ड ट्रंप ने अपने चुनावी वादों में अवैध प्रवासियों को निकालने और प्रवासी नीति को सख्त करने का वादा किया था, जिसके तहत अब बाइडेन सरकार की नीतियों को भी पलटने की कोशिशें जारी हैं।