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सबरीमाला विवाद: संयुक्त राष्ट्र ने कहा मंदिर में महिलाओं को प्रवेश नहीं देना मानवाधिकार का हनन
Sat, 05 Jan 2019 05:10 PM IST
अमित मंडल
भाषा, संयुक्त राष्ट्र
भाषा, संयुक्त राष्ट्र
Published by: अमित मंडल
Updated Sat, 05 Jan 2019 05:10 PM IST
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sabrimala temple
केरल के सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश के मुद्दे पर भारत के उच्चतम न्यायालय के फैसले पर गौर करते हुए संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने कहा कि वैश्विक निकाय सभी को कानून के शासन का सम्मान करने को प्रोत्साहित करता है।
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महासचिव के उप प्रवक्ता फरहान हक ने शुक्रवार को प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि सभी जानते हैं, यह ऐसा मुद्दा है जिसपर उच्चतम न्यायालय ने टिप्पणी की है। इसलिए हम इस मामले को भारत के कानून अधिकारियों पर छोड़ते हैं।
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हक ने कहा कि निश्चित तौर पर हम चाहते हैं कि सभी पक्ष कानून के फैसले का सम्मान करें संयुक्त राष्ट्र के रुख और सभी लोगों के समान अधिकारों पर इसके मौलिक रवैये को दुनिया जानती है।
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मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को लेकर केरल में व्यापक स्तर पर हुई हिंसा के संबंध में फरहान हक से सबरीमला की स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र का पक्ष जानने की कोशिश की गई थी।
हक से जब एक संवाददाता ने पूछा कि मामले में उच्चतम न्यायालय के आदेश के बावजूद महिलाओं को मंदिर में प्रवेश नहीं करने देना क्या मानवाधिकार का हनन है तो उन्होंने दोहराया कि बेशक, संयुक्त राष्ट्र देश के कानूनों का सम्मान करने के लिए सभी को प्रोत्साहित करता है।