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आर्थिक संकट से गुजर रहा संयुक्त राष्ट्र, कर्मचारियों को वेतन देने के लिए भी पैसे नहीं

Wed, 09 Oct 2019 04:01 AM IST
गौरव पाण्डेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: गौरव पाण्डेय Updated Wed, 09 Oct 2019 04:01 AM IST
सार

  • खर्च में कटौती के लिए उठाए जाएंगे कदम, भारत ने जताई चिंता
  • पिछले साल को मिलाकर करीब 1.3 अरब डॉलर की रकम बकाया
  • खर्च में कमी लाने के लिए सम्मेलनों, बैठकों को टालने की बात 

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United Nations is suffering from financial Crisis
संयुक्त राष्ट्र

विस्तार

संयुक्त राष्ट्र इस वक्त आर्थिक तंगी से गुजर रहा है और उसके पास कर्मचारियों को वेतन देने के लिए भी पैसे नहीं हैं। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि हम यह जानकर चिंतित हैं कि मौजूदा नियमित बजट वित्त वर्ष तीन महीने में खत्म हो रहा है। 

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इस साल और पिछले वर्ष को मिलाकर करीब 1.3 अरब डॉलर की रकम बकाया है। इस बकाए भुगतान का असर सत्र के दौरान समिति के कामकाज पर भी होगा। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन में प्रथम सचिव महेश कुमार ने इस पर चिंता जताई है।
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गुटेरेस ने कहा कि अक्तूबर के अंत तक संस्था के पास पैसा पूरी तरह खत्म होने की आशंका है। यूएन सचिवालय में काम करने वाले 37 हजार कर्मचारियों को लिखे पत्र में उन्होंने कहा, ‘कर्मचारियों को वेतन और अन्य भत्ते देने के लिए खर्चों में कमी लाने को लेकर अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे। 
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उन्होंने कहा, सदस्य देशों ने 2019 के लिए जरूरी हमारे नियमित बजट का केवल 70 प्रतिशत ही भुगतान किया है। इसके कारण सितंबर में संस्था के पास 23 करोड़ डॉलर नकदी की कमी है। हमारे सामने इस महीने के आखिर तक नकदी भंडार के समाप्त होने का खतरा है।’ 

उन्होंने खर्च में कमी लाने के लिए सम्मेलनों और बैठकों को टालने और दूसरी सेवाओं में कटौती की बात कही है। उन्होंने सिर्फ जरूरी कामकाज को लेकर ही आधिकारिक यात्रा और ऊर्जा बचत के लिए कदम उठाने का भी जिक्र किया। 


बता दें कि साल 2018-19 के लिए संयुक्त राष्ट्र का बजट करीब 5.4 अरब डॉलर था। इसमें अमेरिका का योगदान 22 प्रतिशत रहा। इसमें शांति स्थापना से जुड़े कार्यों के लिए होने वाला खर्च शामिल नहीं है। 

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