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United Nations : दुनिया के 34.50 करोड़ लोगों पर भुखमरी का खतरा, यूएन को अप्रत्याशित आपदा की आशंका
Sat, 17 Sep 2022 12:35 AM IST
योगेश साहू
एजेंसी, संयुक्त राष्ट्र।
एजेंसी, संयुक्त राष्ट्र।
Published by: योगेश साहू
Updated Sat, 17 Sep 2022 12:35 AM IST
सार
United Nations : संयुक्त राष्ट्र ने कोरोना महामारी के बाद उत्पन्न हुए हालातों और रूस-यूक्रेन के बीच जारी जंग के मद्देनजर अपनी चिंताओं को साझा किया है। विश्व के कई देशों में खाद्य असुरक्षा के बीच लोग अकाल के मुहाने पर खड़े हैं, ऐसे में इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।
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wheat flour
- फोटो : iStock
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विस्तार
United Nations : विश्व निकाय ने चेताया है कि दुनिया विश्व स्तरीय अप्रत्याशित आपाद स्थिति से जूझ रही है और 34.50 करोड़ लोग भुखमरी की तरफ बढ़ रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र खाद्य कार्यक्रम के प्रमुख डेविड बेस्ली ने कहा, यूक्रेन युद्ध खत्म होने तक 7 करोड़ और लोगों पर भुखमरी का खतरा मंडराने लगेगा।
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यूएन में खाद्य कार्यक्रम के कार्यकारी निदेशक ने सुरक्षा परिषद को बताया कि हमारी एजेंसी जिन देशों में सक्रिय है, उनमें से 82 देशों में 34.50 करोड़ लोग गंभीर खाद्य असुरक्षा का सामना कर रहे हैं और यह संख्या 2020 में कोरोना महामारी के आने से पहले की तुलना में ढाई गुना ज्यादा है।
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इनमें से 45 देशों में पांच करोड़ लोग अत्यंत गंभीर कुपोषण के शिकार हैं और ‘अकाल की कगार’ पर खड़े हैं। बेस्ली ने बढ़ते संघर्ष, महामारी के आर्थिक प्रभाव, जलवायु परिवर्तन, ईंधन की बढ़ती कीमतों और यूक्रेन में युद्ध की ओर इशारा करते हुए कहा, भुखमरी की लहर अब भुखमरी की सुनामी बन गई है।
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जल्द ठोस कदम उठाएं
डेविड बेस्ली ने कहा, यदि हमने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए तो 2023 में वर्तमान खाद्य मूल्य संकट जल्द खाद्य उपलब्धता संकट में बदल सकता है। दूसरी तरफ संयुक्त राष्ट्र के मानवतावादी कार्यों के प्रमुख मार्टिन ग्रिफिथ्स ने सोमालिया और अफगानिस्तान में खाद्य संकट को लेकर सचेत किया।