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तनाव बढ़ा: चीन ने उइगरों की पहचान करने वाला सॉफ्टवेयर बनाया, अमेरिका ने लगाए कड़े प्रतिबंध, म्यांमार, उत्तर कोरिया पर भी शिकंजा

Sat, 11 Dec 2021 07:18 PM IST
सुरेंद्र जोशी वॉशिंगटन, पीटीआई
वॉशिंगटन, पीटीआई Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Sat, 11 Dec 2021 07:18 PM IST
सार

अमेरिका ने अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस 10 दिसंबर के अवसर पर शुक्रवार को अमेरिका ने चीन, म्यांमार, उत्तर कोरिया व बांग्लादेश समेत कुछ देशों की दर्जनभर से ज्यादा कंपनियों व लोगों के खिलाफ मानवाधिकार प्रतिबंध लगाए हैं।

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Tension increased: Uighur identification software was created, America imposed strict sanctions on China, Myanmar also surrounded
बाइडन और जिनपिंग - फोटो : पीटीआई

विस्तार

अमेरिका ने चीन की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी सेंसटाइम ग्रुप को निवेश की काली सूची डाल दिया है। सेंसटाइम पर आरोप है कि उसने ऐसा सॉफ्टवेयर बनाया है, जो उइगर मुस्लिमों की पहचान कर लेगा। हालांकि कंपनी ने आरोपों को निराधार बताया है। इससे चीन व अमेरिका के बीच तनाव और बढ़ सकता है। 

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शुक्रवार को अमेरिका ने चीन, म्यांमार, उत्तर कोरिया व बांग्लादेश समेत कुछ देशों की दर्जनभर से ज्यादा कंपनियों व लोगों के खिलाफ मानवाधिकार प्रतिबंध लगाए हैं। अमेरिका ने अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस 10 दिसंबर के अवसर पर यह कदम उठाया। 
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चीन की तीन अन्य कंपनियों पर भी पाबंदी
चीन की तीन अन्य कंपनियों पर भी प्रतिबंध लगाए गए हैं। बाइडन के राष्ट्रपति बनने के बाद उत्तर कोरिया के खिलाफ अमेरिका ने पहली बार प्रतिबंध लगाया है। डिप्टी ट्रेजरी सेक्रेटरी वैली एडेमो ने एक बयान में कहा कि ब्रिटेन व कनाडा की साझेदारी में लगाए गए ये प्रतिबंध यह संदेश देते हैं कि विश्वभर के लोकतांत्रिक देश उन देशों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे, जो सरकारी शक्ति का दुरुपयोग व दमन करते हैं। 
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लोकतंत्र मजबूत करने के लिए कानून बनाने का एलान
अमेरिका ने ये कदम उस समय उठाए हैं, जब बाइडन ने वर्चुअल तौर पर आयोजित दो दिनी लोकतंत्र सम्मेलन के समापन पर लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए कदम उठाने और इसके पक्ष में अमेरिका में कानून बनाने का एलान किया है। बाइडन ने कहा कि 100 से ज्यादा देशों के नेताओं द्वारा सम्मेलन में जताई गई प्रतिबद्धता दुनियाभर से निरंकुशता को खत्म कर देगी और भ्रष्टाचार से मुकाबले तथा मानवाधिकार को बढ़ावा देने में मदद करेगी।

चीन ने की अमेरिकी कदम की निंदा
वॉशिंगटन स्थित चीनी दूतावास ने अमेरिका की पाबंदियों की की निंदा करते हुए इसे आंतरिक मामलों में गंभीर हस्तक्षेप और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के आधारभूत नियमों का उल्लंघन करार दिया है। 

म्यांमार पर इसलिए लगाई पाबंदियां
अमेरिका ने म्यांमार में सेना व पुलिस के लिए हथियार बनाने वाले रक्षा उद्योग महानिदेशालय पर भी प्रतिबंध लगाया है। एक फरवरी के तख्तापलट में इन हथियारों का इस्तेमाल किया गया था। इसके अलावा, जुंटा प्रशासन का नेतृत्व करने वाले मायो स्वे विन समेत चार प्रांतों के मुख्यमंत्रियों के खिलाफ भी प्रतिबंध लगाया गया है।


ब्रिटेन व कनाडा ने भी लगाए प्रतिबंध
कनाडा ने भी म्यांमार की सैन्य सरकार से जुड़े चार प्रतिष्ठानों और ब्रिटेन ने सेना के खिलाफ नए प्रतिबंध लगाए हैं। अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने उत्तर कोरिया के सेंट्रल प्रोसेक्यूटर्स आफिस व रक्षा मंत्री रि योंग गिल के खिलाफ प्रतिबंध लगाए हैं। उत्तर कोरिया को कर्मचारी उपलब्ध कराने के लिए रूस की एक यूनिवर्सिटी को भी प्रतिबंधित किया गया है। चीन, बेलारूस व श्रीलंका के 12 लोगों के खिलाफ अमेरिका में प्रवेश की पाबंदी लगाई गई है।

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