फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Taliban have no legal right to multibillion dollar Afghan fund, says US watchdog

Afghanistan: 'अफगानिस्तान के लिए तय अरबों के डॉलर के फंड पर तालिबान का अधिकार नहीं', अमेरिकी एजेंसी का बयान

Sat, 01 Feb 2025 04:31 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काबुल।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काबुल। Published by: निर्मल कांत Updated Sat, 01 Feb 2025 04:31 PM IST
सार

Afghanistan: अमेरिकी एजेंसी ने कहा कि तालिबान का अफगानिस्तान के लिए निर्धारित अरबों डॉलर के फंड पर कोई कानूनी अधिकार नहीं है, क्योंकि उसे अफगान सरकार के रूप में मान्यता नहीं मिली है और उस पर प्रतिबंध हैं। 

विज्ञापन
Taliban have no legal right to multibillion dollar Afghan fund, says US watchdog
तालिबान प्रशासन में महिलाएं - फोटो : एएनआई

विस्तार

अमेरिका की एक एजेंसी ने शनिवार को कहा कि तालिबान का अफगानिस्तान के लिए तय अरबों डॉलर की फंडिंग पर कोई कानूनी अधिकार नहीं है, क्योंकि उसे देश की सरकार के रूप में मान्यता नहीं मिली है और उस पर प्रतिबंध भी लगे हुए हैं। यह एजेंसी अफगानिस्तान को मिल रही अमेरिकी मदद की निगरानी करती है। 

विज्ञापन


अफगानिस्तान के पुनर्निर्माण के लिए अमेरिका के विशेष महा निरीक्षक ने शुक्रवार को अपनी ताजा रिपोर्ट जारी की। इस रिपोर्ट में कहा गया कि ट्रंप प्रशासन और कांग्रेस (संसद) को इस पर विचार करना चाहिए कि अफगानिस्तान के लिए निर्धारित करीब चार अरब डॉलर के फंड को वापस कैसे अमेरिकी सरकार के नियंत्रण में लाया जाए। अमेरिका ने 2022 में अफगानिस्तान के केंद्रीय बैंक के 3.5 अरब डॉलर के फंड रोके थे। ये फंड स्विट्जरलैंड स्थित 'फंड फॉर द अफगान पीपुल' में स्थानांतरित किए गए थे। हालांकि, अफगानिस्तान के लोगों को अब तक कोई भुगतान नहीं किया गया है। लेकिन य फंड उनकी अर्थव्यवस्था को स्थिर रखने के लिए है। 
विज्ञापन


रिपोर्ट में कहा गया कि तालिबान चाहता है कि ये फंड उन्हें मिलें, लेकिन उनका इस पर कोई कानूनी अधिकार नहीं है। अमेरिका ने तालिबान को अफगानिस्तान की सरकार के रूप में मान्यता नहीं दी है और वह अमेरिका व संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों के अधीन है।   
विज्ञापन
विज्ञापन


यह रिपोर्ट ट्रंप के उस फैसले के बाद आई है, जिसमें उन्होंने अफगानिस्तान के लिए नब्बे दिनों तक विदेशी मदद रोक दी, ताकि यह तय किया जा सकते कि यह मदद उनके नीतिगत लक्ष्यों के अनुरूप है या नहीं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अमेरिका ने 2021 में अफगानिस्तान से अपनी सेना हटाने के बाद करीब 3.71 अरब डॉलर खर्च किए हैं, जिनमें अधिकांश पैसा संयुक्त राष्ट्र (यूएन) की एजेंसियों को दिया गया है। 


निगरानी एजेंसी ने कहा कि अमेरिकी मानवीय मदद ने आर्थिक पतन के दौर में अकाल को टाला है। लेकिन यह मदद तालिबान को अमेरिकियों को बंधक बनाने, महिलाओं और लड़कियों के अधिकारों को खत्म करने और मीडिया पर पाबंदी लगाने, देश को आतंकवादियों के लिए सुरक्षित पनाहगाह बनने और पूर्ववर्ती अफगान सरकार के अधिकारियों को निशाना बनाने से रोक पाई है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed