China-Taiwan Dispute: गहराता जा रहा चीन-ताइवान विवाद, रक्षा मंत्रालय का दावा- सीमा में दिखे चीनी लड़ाकू विमान
चीन-ताइवान के बीच तनाव दिन-प्रतिदिन और गहराता जा रहा है। जहां अब ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि रविवार सुबह 5 चीनी सैन्य विमान, 9 नौसेना जहाज़ और 1 सरकारी पोत उसकी सीमा के पास देखे गए।
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चीन और ताइवान के बीच तनाव दिन-प्रतिदिन और बढ़ते ही जा रहे है। इसी बीच ताइवान के रक्षा मंत्रालय का बड़ा बयान सामने आया है। इसके तहत मंत्रालय ने बताया कि चीन के पांच सैन्य विमान, नौ नौसेना जहाज और एक सरकारी जहाज ताइवान के आसपास देखे गए, जिसके बाद ताइवान की सेना ने इन गतिविधियों पर नजर रखी और स्थिति के अनुसार कार्रवाई की।
ताइवान के क्षेत्र में चीनी लड़ाकू विमान
बता दें कि इससे पहले शुक्रवार को भी सात चीनी लड़ाकू विमान, आठ जहाज़ और एक सरकारी पोत ताइवान के आसपास ऑपरेट करते देखे गए थे। इनमें से चार विमान ताइवान के दक्षिण-पश्चिमी हवाई रक्षा क्षेत्र में दाखिल हुए और ‘मीडियन लाइन’ को पार किया, जो ताइवान जलडमरूमध्य में एक अनौपचारिक सीमा मानी जाती है।
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ताइवान की आदिवासी परिषद का चीन को दो टूक जवाब
इस बीच, ताइवान की आदिवासी समुदायों की परिषद ने चीन में हुए एक कार्यक्रम के दौरान दिए गए एक बयान को लेकर कड़ी आपत्ति जताई है। यह बयान पूर्व विधायक और नेशनल डोंग हुआ यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर योसी ताकुन ने चीन के यूनान मिन्जू यूनिवर्सिटी में आयोजित कार्यक्रम में दिया था। कार्यक्रम में एक बैनर पर लिखा था कि दोनों किनारे एक ही पूर्वज और संस्कृति से जुड़े हैं, हम एक ही परिवार हैं।
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सभ्यता को लेकर हो रहा विवाद
योसी ने यह भी कहा कि अल्पसंख्यक संस्कृतियां चीनी सभ्यता का अहम हिस्सा हैं। इस पर ताइवान की आदिवासी परिषद ने जवाब देते हुए कहा कि ताइवान के आदिवासी लोग यलो एम्परर की संतान नहीं हैं, बल्कि वे ऑस्ट्रोनीशियन मूल के हैं। उनकी संस्कृति और भाषा चीन की सिनो-तिब्बती परिवार से नहीं, बल्कि ऑस्ट्रोनीशियन भाषा परिवार से संबंधित है। परिषद ने ये भी कहा कि किसी भी तरह के सांस्कृतिक आदान-प्रदान में आपसी सम्मान और समानता जरूरी है, और राजनीतिक एजेंडा नहीं चलाया जाना चाहिए।