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Singapore: भारतीय मूल के सांसद पर संसदीय समिति से झूठ बोलने का आरोप, दोषी साबित हुए तो होगी तीन साल की जेल

Tue, 19 Mar 2024 04:33 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, सिंगापुर
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, सिंगापुर Published by: निर्मल कांत Updated Tue, 19 Mar 2024 04:33 PM IST
सार

Singapore: भारतीय मूल के विपक्षी नेता प्रीतम सिंह पर शपथ लेकर संसदीय समिति के सामने झूठ बोलने का आरोप लगा है। हालांकि उन्होंने एक संसद कानून का हवाला देते हुए दो मामलों में खुद को निर्दोष बताया है। 

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Singapore's Indian-origin Opposition leader charged with lying to Parliament
प्रीतम सिंह/प्रीतम सिंह - फोटो : फेसबुक

विस्तार

सिंगापुर में विपक्ष के नेता प्रीतम सिंह पर मंगलवार को संसदीय समिति के सामने शपथ लेकर झूठ बोलने का आरोप लगा है। वर्कर्स पार्टी के महासचिव प्रीतम भारतीय मूल के हैं। 

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उन पर पूर्व सांसद रईसा खान से जुड़ी विशेषाधिकार समिति की सुनवाई के दौरान झूठी गवाही देने का आरोप है। प्रीतम सिंह आज कटघरे में खड़े हुए। उन्होंने कहा कि वह संसद (विशेषाधिकार, प्रतिरक्षा और शक्तियां) अधिनियम की धारा 31 (क्यू) के तहत दो आरोपों के लिए दोषी नहीं हैं और मुकदमों का सामना करेंगे। 

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दोषी पाए जाने पर विपक्षी नेता को तीन साल की सजा हो सकती है या प्रत्येक आरोप पर 7,000 सिंगापुरी डॉलर तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। उन्होंने अपने लिए एक वकील नियुक्त करने के लिए चार सप्ताह का समय मांगा। 

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मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, 17 अप्रैल को प्री-ट्रायल कॉन्फ्रेंस होनी है। आरोप पत्र के अनुसार, 8 अगस्त 2021 को प्रीतम सिंह ने वर्कर्स पार्टी साथी सांसदों रईसा खान, सिल्विया लिम और फैसल मनप से मुलाकात की और उसके बाद 10 दिसंबर 2021 को झूठी गवाही दी कि वह चाहते थे कि रईसा खान संसद को बताएं कि उन्होंने 3 अगस्त, 2021 को सांसदों को जो बताया, वह झूठ था। 

उन पर 10 दिसंबर और 15 दिसंबर 2021 को भी झूठी गवाही देने का भी आरोप है। तब उन्होंने कहा था कि 3 अक्तूबर 2021 को रईसा खान से बात की थी तो वह चाहती थीं कि वह संसद में झूठ बोलने की बात को स्वीकार करें। 

उनके आचरण को लेकर एक रिपोर्ट संसद की विशेषाधिकार समिति के पास भेजी गई थी। कई सुनवाई के बाद समिति ने सिफारिश की कि प्रीतम सिंह को आगे की जांच के लिए लोक अभियोजन के पास भेजा जाए। विशेषाधिकार समिति की अंतिम रिपोर्ट में खास बात यह थी कि प्रीतम सिंह ने शपथ के बाद गवाही देते समय झूठ बोला था।  

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