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पुतिन के खास लोगों की हत्या का सिलसिला: कैसे यूक्रेन से जंग के बीच मारे जा रहे रूस के ताकतवर लोग, तरीका क्या?

Sat, 26 Apr 2025 08:03 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र Updated Sat, 26 Apr 2025 08:03 PM IST
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सार
रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच कौन-कौन से अहम अधिकारियों-अफसरों की हत्या हो चुकी है? इन्हें मारे जाने का क्या तरीका अपनाया गया? पुतिन के इन करीबियों की हत्या को लेकर क्या-क्या सामने आ चुका है? इसके अलावा इस पूरे घटनाक्रम का रूस और यूक्रेन की सुरक्षा के लिए क्या मायने हैं? आइये जानते हैं...
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Russia Ukraine War Vladimir Putin Close aides Military Generals Scientists Killed in Covert Ops effect explain
व्लादिमीर पुतिन के करीबियों की रूस में एक-एक कर हत्या। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

रूस और यूक्रेन के बीच जंग को 38 महीने से ज्यादा समय हो चुका है। हालांकि, दोनों ही पक्ष इस युद्ध में अपने कदम पीछे खींचने को तैयार नहीं हुए हैं। जहां रूस लगातार यूक्रेन पर हमले कर उसकी सेना को अहम सीमाई केंद्रों से खदेड़ने की कोशिश में जुटा है, तो वहीं यूक्रेन भी कभी ड्रोन हमलों तो कभी अमेरिकी हथियारों के जरिए रूस को मुंहतोड़ जवाब देकर अपनी जमीन पर किए गए कब्जे को छुड़ाने की भरसक कोशिश कर रहा है। 

चौंकाने वाली बात यह है कि दोनों देशों में जारी युद्ध के बीच रूस में ही एक के बाद एक पुतिन के कई करीबियों की हत्या की घटनाएं सामने आई हैं। इनमें ताजा नाम रूस के वरिष्ठ सैन्य अफसर लेफ्टिनेंट जनरल यारोस्लाव मोस्कालिक का नाम जुड़ गया है, जिनकी शुक्रवार को ही मॉस्को के बाहर एक कार बम धमाके में मौत हो गई। अब तक यह साफ नहीं है कि क्रेमलिन के एक अधिकारी पर इस हमले को अंजाम किसने दिया, हालांकि युद्ध के मद्देनजर इसमें यूक्रेन का हाथ होने की अटकलें ही लगाई जा रही हैं। 

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ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर अब तक रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच कौन-कौन से अहम अधिकारियों-अफसरों की हत्या हो चुकी है? इन्हें मारे जाने का क्या तरीका अपनाया गया? पुतिन के इन करीबियों की हत्या को लेकर क्या-क्या सामने आ चुका है? इसके अलावा इस पूरे घटनाक्रम का रूस और यूक्रेन की सुरक्षा के लिए क्या मायने हैं? आइये जानते हैं...

पहले जानें- कैसे हुई रूसी जनरल यारोस्लाव मोस्कालिक की हत्या?
रूस की जांच एजेंसियों के मुताबिक, यारोस्लाव मोस्कालिक रूसी सशस्त्र बलों में मुख्य अभियान निदेशालय के उपप्रमुख थे। उनकी मौत मॉस्को के बाहरी क्षेत्र में स्थित बालाशिखा शहर में हुई। उनकी हत्या के लिए पार्किंग में खड़ी एक कार में आईईडी लगाया गया था। जैसे ही मोस्कालिक इस कार के पास से गुजरे इसमें विस्फोट कर दिया गया। यह हत्या चौंकाने वाली इसलिए है, क्योंकि मोस्कालिक इसी क्षेत्र में रहते थे और इस उच्च संवेदनशील राजनयिक सुरक्षा वाले क्षेत्र में अक्सर टहलने के लिए निकलते थे। यानी हमलावरों ने उनके मूवमेंट्स को ट्रैक किया, और उसके बाद बम विस्फोट में उनकी हत्या कर दी।

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रूसी जनरल की मौत का समय भी गौर करने वाला है, क्योंकि जब उनकी हत्या हुई, उससे कुछ समय पहले ही रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने क्रेमलिन में अमेरिकी राष्ट्रपति के दूत स्टीव व्हिटकॉफ से यूक्रेन जंग रोकने पर चर्चा शुरू की थी। ऐसे में माना जा रहा है कि इस हमले का मकसद रूस-यूक्रेन जंग को रोकने की अमेरिका की शांति की कोशिशों में खलल डालना था। 

अब जानें- रूसी अधिकारियों को मारे जाने का तरीका क्या?
मोस्कालिक की तरह ही बीते वर्षों में रूस के कई सैन्य अफसरों, वैज्ञानिकों और प्रभावशाली लोगों की मौत हो चुकी है। लेकिन इन हत्याओं की जिम्मेदारी यूक्रेन ने सीधे तौर पर नहीं ली है।

रूस में पहले किस-किसकी हत्या हुई?

1. इगोर किरिलोव




इगोर किरिलोव की हत्या से ठीक पहले यूक्रेन की सुरक्षा एजेंसी- एसबीयू ने दावा किया था कि किरिलोव ने यूक्रेन में रूसी अभियान के दौरान प्रतिबंधित केमिकल हथियारों के इस्तेमाल की मंजूरी दी थी। उनकी हत्या की घटना के बाद डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से रूस-यूक्रेन जंग को रुकवाने के लिए विशेष प्रतिनिधि बनाए गए कीथ केलॉग ने कहा था कि यह जंग के नियमों का उल्लंघन हो सकता है। 

2. मिखाइल शैट्सकी



मिखाइल शैट्सकी रूस के ही एक कॉलेज में एसोसिएट प्रोफेसर के तौर पर काम कर रहे थे और रूस की Kh-59 क्रूज मिसाइल को Kh-69 स्तर पर अपग्रेड करने के कार्यक्रम से जुड़े थे। रूसी सेना ने इन्हीं मिसाइलों के दम पर यूक्रेन पर जबरदस्त हमले किए। वे रूस की अंतरिक्ष और सैन्य इंडस्ट्री के आधुनिकीकरण से भी जुड़े थे। 

3. इल्या काइवा



इल्या काइवा की हत्या की जांच में भी हत्यारे की पहचान नहीं हो पाई थी। सामने आया था कि अज्ञात शख्स ने पार्क में ही उन्हें बंदूक से गोली मार दी। यूक्रेन में रूस के पक्ष में आवाज उठाने के बाद उन्हें देश छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा था और वे लंबे समय से रूस में ही राजनीतिक शरण की कोशिश में जुटे थे।

4. स्टानिसलाव रिझित्स्की



स्टानिस्लाव पर जुलाई 2022 में यूक्रेन के विनित्सिया शहर में मासूम लोगों पर मिसाइल हमले का आदेश देने का आरोप लगा था। इस घटना में तब 27 लोगों की जान चली गई थी। स्टानिस्लाव को सबमरीन के जरिए युद्ध का विशेषज्ञ माना जाता था और वे क्रासनोदार नाम की सबमरीन के ही कमांडर रहे। 

5. सर्गेई येवसियुकोव



सर्गेई येवसियुकोव डोनेत्स्क की जिस जेल के इंचार्ज थे, वहां युद्धबंदियों को रखा जाता था। सर्गेई पर आरोप था कि उन्होंने ओलेनिवका जेल में यूक्रेनी युद्धबंदियों पर जुल्म किए। जुलाई 2022 में इस जेल पर एक मिसाइल हमला हुआ था, जिसमें 50 यूक्रेनी मारे गए थे। यूक्रेन ने इसे सर्गेई की तरफ से किया गया युद्ध अपराध करार दिया था। 

6. आर्मेन सरकिसियान



आर्मेन सरकिसियान पर हुए इस बम हमले में एक और व्यक्ति की मौत हुई थी, वहीं चार अन्य घायल हुए थे। यूक्रेन ने सरकिसियान को रूस का अपराध माफिया करार दिया था, जो कि यूक्रेन के खिलाफ लड़ाई में रूसी कैदियों की भर्ती कर रहा था। इन कैदियों पर यूक्रेन के डोनेत्स्क में मासूमों को टॉर्चर करने का आरोप लगा।

7. दारया दुगिन



अलेक्जेंडर दुगिन रूस के मशहूर राजनीतिक दार्शनिक और विश्लेषक हैं। क्रीमिया और यूक्रेन पर हमले का उन्हें मास्टरमाइंड कहा जाता है। 2015 में अमेरिका ने दुगिन पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसके अलावा क्रीमिया पर कब्जे के विरोध में कुछ यूरोपीय देशों ने भी उन पर प्रतिबंध लगाया था। यूक्रेन पर आक्रमण की पूरी प्लानिंग उन्हीं के हाथ में होने की बात सामने आती है।

8. व्लादलेन ततारस्की



व्लादलेन ततारस्की को रूस समर्थक ब्लॉगर कहा जाता था। हालांकि, वे ऐसे ब्लॉगर रहे, जिन्होंने यूक्रेन के खिलाफ जंग में भी हिस्सा लिया। ततारस्की को निशाना बनाने के लिए हमलावरों ने वैगनर समूह के प्रमुख येवेगनी प्रिगोझिन के मालिकाना हक वाले कैफे को चुना। यह हमला सेंट पीटर्सबर्ग में हुआ, जो कि पुतिन का गढ़ भी रहा है।  

रूस की सुरक्षा और यूक्रेन की नीति के लिए इन हत्याओं के क्या मायने?
द कीव इंडिपेंडेट से बातचीत में यूक्रेन के सैन्य विश्लेषक दिमित्रो झेमाइलो ने कहा कि इन हत्याओं में भले ही यूक्रेन ने सीधे तौर पर जिम्मेदारी न ली हो, लेकिन यह साफ हो रहा है कि वह रूस की राजधानी मॉस्को में घुसकर भी इन हमलों को अंजाम दे सकता है। इस तरह यूक्रेन अपने दुश्मनों के खात्मे के साथ-साथ रूसी सुरक्षा ढांचे को भी बार-बार तोड़कर उनके हौसले को तोड़ रहा है। इसके चलते रूस को सीमा पर जुटे सैनिकों को हटाकर अपनी आंतरिक सुरक्षा के लिए लगाना पड़ रहा है। इससे उसे दो मुहानों पर संघर्ष की तैयारी करनी पड़ी है। 

कुछ अन्य विशेषज्ञों का कहना है कि रूस के जितने भी जनरल या अन्य बड़े चेहरों की हत्या हुई है, उन्होंने रूस-यूक्रेन संघर्ष में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर पर कोई न कोई भूमिका निभाई थी। इस तरह इनके एक के बाद एक मरने से रूसी सुरक्षा एजेंसियों में चिंता की लहर भी देखी गई है। यूक्रेन का नाम दो और ऐसे लोगों की हत्या से जुड़ा है, जिन्हें यूक्रेन में रहते हुए रूस के समर्थन के लिए जाना जाता था।

इनमें एक नाम ओलेक्सी कोवाल्योव का है, जो कि यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के राजनीतिक दल का हिस्सा थे और बाद में रूस के कब्जे वाले खेरसन में पुतिन के समर्थन में जुट गए। उन्हें अगस्त 2022 में मार गिराया गया। इसके अलावा दूसरा नाम किरिल स्ट्रेमूसोव का है, जो कि खेरसन ओब्लास्ट में ही अवैध रूसी सरकार में शामिल थे। उनकी मौत नवंबर 2022 में एक कथित कार एक्सिडेंट में हुई थी। 
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