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दुष्कर्म के दोषी गुरमीत सिंह की अमेरिकी नागरिकता रद्द: 20 साल की सजा काट रहा; कैसे बना था अमेरिका का नागरिक?
Tue, 01 Sep 2026 12:23 AM IST
निर्मल कांत
पीटीआई, न्यूयॉर्क।
पीटीआई, न्यूयॉर्क।
Published by: निर्मल कांत
Updated Tue, 01 Sep 2026 12:23 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : एएनआई (फाइल)
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अमेरिका ने भारतीय मूल के एक व्यक्ति की नागरिकता रद्द कर दी है। वह दुष्कर्म के मामले में दोषी पाया गया था। न्यूयॉर्क की जिला अदालत ने गुरमीत सिंह की अमेरिकी नागरिकता रद्द करने का फैसला सुनाया। गुरमीत सिंह दुष्कर्म के मामले में दोषी ठहराया जा चुका है।
भारत में जन्मा गुरमीत सिंह फरवरी 1992 में अमेरिका गया था। वह घूमने के लिए अमेरिका गया था। उसे अधिकतम छह महीने तक अस्थायी रूप से अमेरिका में रहने की अनुमति थी। इसके बाद गुरमीत सिंह कई साल तक बिना अनुमति के अमेरिका में रहा। बाद में परिवार के आधार पर दिए गए प्रवासी वीजा के आवेदन के कारण जून 2000 में उसे अमेरिका का स्थायी निवासी बनने की अनुमति मिल गई।
अमेरिकी अटॉर्नी जनरल ने क्या कहा?
अमेरिका के अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लांश ने कहा कि भारत का रहने वाला और दुष्कर्म का दोषी गुरमीत सिंह अब अमेरिकी नागरिक नहीं है। उन्होंने कहा कि गुरमीत सिंह ने अमेरिकी नागरिकता लेने की प्रक्रिया के दौरान दुष्कर्म और अपहरण की घटना छिपाई थी। अब संघीय अदालत ने उसकी नागरिकता रद्द कर दी है।
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ब्लांश ने कहा कि अमेरिकी नागरिकता अपराधियों के लिए सुरक्षा कवच नहीं है। उन्होंने कहा, धोखे से हासिल की गई नागरिकता अपराधियों को न्याय से नहीं बचाएगी। अमेरिकी न्याय विभाग के नागरिक मामलों के सहायक अटॉर्नी जनरल ब्रेट शुमेट ने कहा कि गुरमीत सिंह ने खौफनाक अपराधों को छिपाकर गैरकानूनी तरीके से अमेरिकी नागरिकता के फायदे हासिल किए थे।
न्यूयॉर्क के पूर्वी जिले के अमेरिकी अटॉर्नी जोसेफ नोसेला जूनियर ने कहा कि अदालत के फैसले के बाद गुरमीत सिंह को गलत तरीके से हासिल की गई नागरिकता वापस करनी होगी।
उन्होंने कहा कि इस फैसले से उन लोगों को सख्त संदेश जाता है, जो धोखे से अमेरिकी नागरिकता हासिल करते हैं। उन्होंने कहा कि इससे यह भी साफ होता है कि प्रशासन उन सभी मामलों में नागरिकता रद्द करने की कार्रवाई करेगा, जिनमें कानून इसकी अनुमति देता है और सबूत इसका समर्थन करते हैं।
2011 में महिला यात्री के साथ क्या हुआ था?
मई 2011 में यह घटना हुई थी। उस समय गुरमीत सिंह टैक्सी चालक था। अमेरिकी नागरिक बनने के लिए आवेदन देने से कुछ ही हफ्ते पहले उसने एक महिला यात्री को टैक्सी में बैठाया था। महिला घर जाते समय टैक्सी में सो गई थी। जब महिला की आंख खुली, तो उसने देखा कि गुरमीत सिंह उसके ऊपर बैठा हुआ था। उसके गले पर चाकू लगा था। गुरमीत सिंह ने उसे धमकी दी। इसके बाद उसने महिला को बांध दिया। उसका मुंह बंद कर दिया। उसकी आंखों पर पट्टी बांध दी। उसके उसके साथ दुष्कर्म किया।
ये भी पढ़ें: नेपाल बाढ़ में अपनों की तलाश कितनी कठिन?: एक शव पर तीन परिवारों का दावा, अब डीएनए से होगी पहचान; कईअब भी लापता
इसके बाद पीड़ित महिला टैक्सी से निकलकर भाग गई। सुबह के समय उसने सड़क पर एक व्यक्ति के पास जाकर मदद मांगी।गुरमीत सिंह ने अमेरिकी नागरिकता लेने की पूरी प्रक्रिया के दौरान इन अपराधों को छिपाए रखा। इसके बाद अक्तूबर 2011 में वह अमेरिकी नागरिक बन गया।
दुष्कर्म और अपहरण के मामले में कितनी सजा हुई?
अमेरिकी नागरिक बनने के बाद गुरमीत सिंह को न्यूयॉर्क में प्रथम श्रेणी के दुष्कर्म के मामले में दोषी ठहराया गया। उसे यौन अपराध के तौर पर द्वितीय श्रेणी के अपहरण का भी दोषी पाया गया। अदालत ने उसे 20 साल जेल की सजा सुनाई।
26 अगस्त को गुरमीत सिंह की नागरिकता रद्द करने का आदेश दिया गया। यह आदेश अमेरिकी न्याय विभाग की ओर से पहले दर्ज कराई गई शिकायत के बाद आया है।
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भारत में जन्मा गुरमीत सिंह फरवरी 1992 में अमेरिका गया था। वह घूमने के लिए अमेरिका गया था। उसे अधिकतम छह महीने तक अस्थायी रूप से अमेरिका में रहने की अनुमति थी। इसके बाद गुरमीत सिंह कई साल तक बिना अनुमति के अमेरिका में रहा। बाद में परिवार के आधार पर दिए गए प्रवासी वीजा के आवेदन के कारण जून 2000 में उसे अमेरिका का स्थायी निवासी बनने की अनुमति मिल गई।
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अमेरिकी अटॉर्नी जनरल ने क्या कहा?
अमेरिका के अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लांश ने कहा कि भारत का रहने वाला और दुष्कर्म का दोषी गुरमीत सिंह अब अमेरिकी नागरिक नहीं है। उन्होंने कहा कि गुरमीत सिंह ने अमेरिकी नागरिकता लेने की प्रक्रिया के दौरान दुष्कर्म और अपहरण की घटना छिपाई थी। अब संघीय अदालत ने उसकी नागरिकता रद्द कर दी है।
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ब्लांश ने कहा कि अमेरिकी नागरिकता अपराधियों के लिए सुरक्षा कवच नहीं है। उन्होंने कहा, धोखे से हासिल की गई नागरिकता अपराधियों को न्याय से नहीं बचाएगी। अमेरिकी न्याय विभाग के नागरिक मामलों के सहायक अटॉर्नी जनरल ब्रेट शुमेट ने कहा कि गुरमीत सिंह ने खौफनाक अपराधों को छिपाकर गैरकानूनी तरीके से अमेरिकी नागरिकता के फायदे हासिल किए थे।
न्यूयॉर्क के पूर्वी जिले के अमेरिकी अटॉर्नी जोसेफ नोसेला जूनियर ने कहा कि अदालत के फैसले के बाद गुरमीत सिंह को गलत तरीके से हासिल की गई नागरिकता वापस करनी होगी।
उन्होंने कहा कि इस फैसले से उन लोगों को सख्त संदेश जाता है, जो धोखे से अमेरिकी नागरिकता हासिल करते हैं। उन्होंने कहा कि इससे यह भी साफ होता है कि प्रशासन उन सभी मामलों में नागरिकता रद्द करने की कार्रवाई करेगा, जिनमें कानून इसकी अनुमति देता है और सबूत इसका समर्थन करते हैं।
2011 में महिला यात्री के साथ क्या हुआ था?
मई 2011 में यह घटना हुई थी। उस समय गुरमीत सिंह टैक्सी चालक था। अमेरिकी नागरिक बनने के लिए आवेदन देने से कुछ ही हफ्ते पहले उसने एक महिला यात्री को टैक्सी में बैठाया था। महिला घर जाते समय टैक्सी में सो गई थी। जब महिला की आंख खुली, तो उसने देखा कि गुरमीत सिंह उसके ऊपर बैठा हुआ था। उसके गले पर चाकू लगा था। गुरमीत सिंह ने उसे धमकी दी। इसके बाद उसने महिला को बांध दिया। उसका मुंह बंद कर दिया। उसकी आंखों पर पट्टी बांध दी। उसके उसके साथ दुष्कर्म किया।
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इसके बाद पीड़ित महिला टैक्सी से निकलकर भाग गई। सुबह के समय उसने सड़क पर एक व्यक्ति के पास जाकर मदद मांगी।गुरमीत सिंह ने अमेरिकी नागरिकता लेने की पूरी प्रक्रिया के दौरान इन अपराधों को छिपाए रखा। इसके बाद अक्तूबर 2011 में वह अमेरिकी नागरिक बन गया।
दुष्कर्म और अपहरण के मामले में कितनी सजा हुई?
अमेरिकी नागरिक बनने के बाद गुरमीत सिंह को न्यूयॉर्क में प्रथम श्रेणी के दुष्कर्म के मामले में दोषी ठहराया गया। उसे यौन अपराध के तौर पर द्वितीय श्रेणी के अपहरण का भी दोषी पाया गया। अदालत ने उसे 20 साल जेल की सजा सुनाई।
26 अगस्त को गुरमीत सिंह की नागरिकता रद्द करने का आदेश दिया गया। यह आदेश अमेरिकी न्याय विभाग की ओर से पहले दर्ज कराई गई शिकायत के बाद आया है।