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Russia-China: शी जिनपिंग से मिले रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, यूक्रेन युद्ध में समर्थन जुटाने की कोशिश

Thu, 16 May 2024 08:49 AM IST
मेघा झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: मेघा झा Updated Thu, 16 May 2024 08:49 AM IST
सार

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अपने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मिलने गुरुवार को चीन पहुंचे। वह चाहते हैं कि युक्रेन में चल रहे युद्ध के लिए चीन का समर्थन करे।

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Russia-China: Russian President Vladimir Putin meets Xi Jinping, tries to garner support in Ukraine war
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग - फोटो : एएनआई

विस्तार

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अपने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मिलने गुरुवार को चीन पहुंचे। वह चाहते हैं कि युक्रेन में चल रहे युद्ध के लिए चीन का समर्थन करे।
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अपने इस कार्यकाल में यह पुतिन की पहली विदेश यात्रा है। मार्च में वह पुन: निर्वाचित हुए हैं। लगभग छह माह पहले भी वे चीन गए थे। रूस के राष्ट्रपति दो दिवसीय राजकीय यात्रा के लिए चीन गए थे। यूरोप के तीन देशों के दौरे से पिछले हफ्ते लौटे शी जिनपिंग ने मॉस्को के साथ बीजिंग के संबंधों, सस्ते रूसी ऊर्जा आयात और पावर ऑफ साइबेरिया पाइपलाइन के माध्यम से स्थित गैर शिपमेंट सहित विशाल प्राकृतिक संसाधन तक पहुंचने की आलोचना को खारिज किया। 
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वहीं रूसी राजनीतिक विश्लेषक का कहना है कि पुतिन की चीन यात्रा चीन-रूस संबंध को बढ़ाना है। हालांकि दोनों ही नेताओं ने स्पष्ट रूप से मित्रता के बारे में बात नहीं की है। उन्होंने बताया कि दोनों ही नेता मुलाकात पर व्यापक साझेदारी और रणनीतिक साझेदारी पर बात करना चाहते हैं। एक ओर चीन यूक्रेन संघर्ष में एक तटस्थ पक्ष होने का दावा करता है। वहीं दूसरी ओर बीजिंग में विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों नेता "द्विपक्षीय संबंधों, विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग और आम हित के अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों" पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे।
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क्रेमलिन ने कहा, दोनों नेता वार्ता के बाद एक संयुक्त घोषणापत्र पर हस्ताक्षर करने के लिए तैयार हैं, और दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों के 75 साल पूरे होने के अवसर पर एक शाम में भाग लेंगे।

पुतिन ने अपनी यात्रा से पहले एक साक्षात्कार में यूक्रेन संकट को हल करने में मदद करने के लिए बीजिंग की इच्छा की सराहना की थी। पुतिन चीन के प्रधानमंत्री ली कियांग से भी मिलेंगे। साथ ही व्यापार और निवेश प्रदर्शनी के लिए पूर्वोत्तर शहर हार्बिन की यात्रा करेंगे।

दरअसल पश्चिम में आर्थिक साझेदारी जांच के दायरे में आ रही है। चीनी बैंकों को अमेरिका के प्रतिबंधों का डर है। क्योंकि उन्हें वैश्विक वित्तीय प्रणाली से अलग किया जा सकता है। उन्होंने रूसी व्यवसायों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। 


अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन, जिन्होंने पिछले महीने बीजिंग में शी से मुलाकात की थी। उन्होंने कहा था कि यूक्रेन में रूस को युद्ध के लिए चीन ने समर्थन दिया है। उसने रूस को रॉकेट, ड्रोन और टैंकों का उत्पादन बढ़ाने में मदद की है। जबकि प्रत्यक्ष हथियारों के निर्यात में कमी को रोक दिया है।


लेन-देन में आई कमी
चीनी सीमा शुल्क आंकड़ों के अनुसार, यूक्रेन पर हमले के बाद से चीन-रूस व्यापार में तेजी आई है। वर्ष 2023 में व्यापार 240 अरब डॉलर हो गया है। लेकिन मार्च और अप्रैल के दौरान रूस को चीनी निर्यात में गिरावट आई। सीमा पार व्यापार में शामिल दोनों देशों के आठ लोगों ने बताया कि कई चीनी बैंकों ने रूसी ग्राहकों के साथ लेनदेन रोक दिया है या कम कर दिया है।
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