पश्चिम बंगाल: मिल्खा सिंह की जगह छाप दी फरहान की तस्वीर, मचा बवाल
फरहान ने एक यूजर लाइफ घोष के इस विषय पर ट्वीट को री-ट्वीट भी किया है। घोष ने अपने ट्वीट में कहा था कि पश्चिम बंगाल की एक पाठ्य पुस्तक में मिल्खा सिंह की जगह फरहान की तस्वीर छपी है। ऐसी गलतियां यहां आम हो गई हैं। फरहान ने शिक्षा मंत्री से इस गलती को तुरंत सुधारने के लिए कहा है। उन्होंने अपने ट्वीट में कहा, ‘क्या मंत्री जी प्रकाशक से तमाम पुस्तकों को वापस लेकर सही तस्वीर के साथ दोबारा छापने को कह सकते हैं।’ उनके ट्वीट को तीन हजार से अधिक लाइक मिल चुके हैं। इस पोस्ट को आठ सौ बार शेयर भी किया जा चुका है।
कई लोगों ने इस बात पर हैरत जताई है कि पुस्तक को छापने से पहले प्रूफ की गलतियों पर ध्यान क्यों नहीं दिया गया। तृणमूल कांग्रेस सांसद और पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता डेरेक ओ ब्रायन ने अपने जवाबी ट्वीट में इस गलती की ओर ध्यान दिलाने के लिए फरहान का आभार जताया है। उन्होंने कहा है कि इस मामले को देखा जा रहा है। आपके सुझाव के लिए धन्यवाद। सांसद ने भी चटर्जी का ध्यान इस ओर दिलाया। चटर्जी से जब संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा, 'इसका सरकार से कोई लेना-देना नहीं है। यह किताब एक निजी प्रकाशक की है। इसके बावजूद जब इसे हमारी नजर में लाया गया है, तो हम प्रकाशक से बात करेंगे और इस गलती को सुधारने की कोशिश करेंगे।'
डेरेक ओ ब्रायन ने कहा, 'मैंने इस मामले में पूछताछ की है। यह एक निजी प्रकाशक की किताब है। स्कूल का शिक्षा विभाग इसे देख रहा है।' बता दें कि मिल्खा सिंह को फ्लाइंग सिंह के नाम से भी जाना जाता है। वह पहले ऐसे भारतीय थे जिन्होंने 1958 के कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान व्यक्तिगत एथलेटिक्स में पहला गोल्ड मेडल जीता था। फिल्म में सिंह का किरदार निभाकर फरहान को काफी तारीफें मिली थीं। उन्हें इस फिल्म के लिए दो राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिले थे।
To the Minister of School Education, West Bengal.
There is a glaring error with the image used in one of the school text books to depict Milkha Singh-ji. Could you please request the publisher to recall and replace this book?
Sincerely. @derekobrienmp https://t.co/RV2D3gV5bd — Farhan Akhtar (@FarOutAkhtar) August 19, 2018
Thanks Farhan. Ref the wrong pic of Milkha Singh. Checked with Education Min of State. He tells me it isn’t a text book for government schools.Nor is it published by government. Trying to track the private publishing company. They ought to correct the mistake in future editions https://t.co/bV5gDU0jpr
— Derek O'Brien (@derekobrienmp) August 19, 2018