फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Mallika Sarabhai alleges restrictions on free expression as chancellor of Kerala Kalamandalam News In Hindi

Kerala: 'आशा कार्यकर्ताओं के लिए बोलने से रोका', केरल कलामंडलम की चांसलर ने अभिव्यक्ति की आजादी पर उठाए सवाल

Thu, 01 May 2025 02:28 PM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, त्रिशूर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, त्रिशूर Published by: शुभम कुमार Updated Thu, 01 May 2025 02:28 PM IST
सार

केरल कलामंडलम की चांसलर मलिका साराभाई ने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं के आंदोलन पर अपनी राय रखने के बाद उन्हें चुप रहने की सलाह दी गई। उन्होंने इसे अभिव्यक्ति की आज़ादी पर रोक बताया। साथ ही कहा कि आज मुझे समझ आया कि विश्वविद्यालय की चांसलर होना क्या होता है।

विज्ञापन
Mallika Sarabhai alleges restrictions on free expression as chancellor of Kerala Kalamandalam News In Hindi
केरल कलामंडलम की चांसलर मल्लिका साराभाई - फोटो : Facebook @MalikaSarabhai

विस्तार

प्रसिद्ध नृत्यांगना, सामाजिक कार्यकर्ता और केरल कलामंडलम की चांसलर मल्लिका साराभाई ने अपनी नई शैक्षणिक भूमिका में उनके बोलने की आजादी पर रोक लगाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि चांसलर बनने के बाद मुझे खुलकर बोलने की आजादी नहीं है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर किए गए एक पोस्ट में उन्होंने लिखा कि आज मुझे समझ आया कि विश्वविद्यालय की चांसलर होना क्या होता है। उन्होंने कहा कि अब मुझे समझ आ रहा है कि अब मुझे खुलकर बोलना मना है। बता दें कि मल्लिका साराभाई को 6 दिसंबर 2022 को केरल कलामंडलम (कला एवं संस्कृति के लिए मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय) का चांसलर नियुक्त किया गया था।

विज्ञापन


आशा कार्यकर्ताओं के आंदोलन का समर्थन 
मल्लिका साराभाई की यह टिप्पणी त्रिशूर में चल रहे आशा (ASHA) कार्यकर्ताओं के आंदोलन के विषय में आई है, जहां ये महिलाएं बेहतर वेतन और काम की स्थिति की मांग कर रही हैं। साराभाई ने इन कार्यकर्ताओं के प्रति समर्थन जताते हुए कहा कि महिलाएं बहुत महत्वपूर्ण काम करती हैं लेकिन उन्हें बहुत कम वेतन मिलता है और उनका शोषण होता है। 
विज्ञापन


ये भी पढ़ें:- Kolkata Hotel Fire: 'समय पर मदद मिलती तो बच सकती थीं जानें', शुभेंदु अधिकारी ने ममता सरकार पर साधा निशाना
विज्ञापन
विज्ञापन


मल्लिका साराभाई ने लगाए आरोप
मल्लिका साराभाई ने आगे जानकारी दी कि लेखिका और सामाजिक कार्यकर्ता सारा जोसेफ के नेतृत्व में चल रही एक जनता की क्राउडफंडिंग मुहिम में उन्हें शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है, जो इन वर्करों की मदद के लिए है। हालांकि, उन्होंने ये भी साफ किया कि जब उन्होंने व्यक्तिगत रूप से इस आंदोलन के पक्ष में अपनी राय रखी, तो उन्हें बोलने से परोक्ष रूप से मना किया गया। इस अनुभव ने उन्हें यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि क्या अब उनके समाजिक रूप से बोलने की आजादी नहीं है।


क्या अब मैं खुद को रोक लूं?- मल्लिका साराभाई
उन्होंने कहा कि मैंने एक सवाल के जवाब में अपनी निजी राय रखी, जैसा मैं हमेशा करती आई हूं। लेकिन अब लगता है कि ऐसा करना मना है। तो क्या अब मैं खुद को रोक लूं? क्या मैं अपने आप को बदल सकती हूं? और क्या मैं ऐसा करना चाहती भी हूं? हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि यह रोक किसने लगाई या उन्हें किसने ऐसा कहने से रोका।

ये भी पढ़ें:- SC: 'पूर्व सांसद की बेटी और CBI अधिकारी के खिलाफ दर्ज मामला बंद', आंध प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया

ऑनलाइन विरोध में शामिल हो सकतीं हैं मल्लिका
गौरतलब है कि केरल कलामंडलम की चांसलर मल्लिका साराभाई के इन आरोपों पर अभी तक न तो वामपंथी सरकार और न ही विश्वविद्यालय प्रशासन ने कोई प्रतिक्रिया दी है। हालांकि आशा कार्यकर्ताओं के एक नेता ने मल्लिका साराभाई के समर्थन का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि वह गुरुवार शाम ऑनलाइन विरोध में शामिल होंगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed