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SC: 'पूर्व सांसद की बेटी और CBI अधिकारी के खिलाफ दर्ज मामला बंद', आंध प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया
Thu, 01 May 2025 01:54 PM IST
बशु जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: बशु जैन
Updated Thu, 01 May 2025 01:54 PM IST
सार
आंध्र प्रदेश पुलिस ने दिवंगत कांग्रेस सांसद वाई एस विवेकानंद रेड्डी के पूर्व पीए एमवी कृष्णा रेड्डी की शिकायत पर विवेकानंद रेड्डी की बेटी सुनीता नारेड्डी और सीबीआई अधिकारी राम सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। आरोप था कि उन्होंने सांसद के पूर्व पीए को झूठी गवाही देने के लिए धमकाया था।
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
आंध्र प्रदेश के पूर्व मंत्री और कांग्रेस सांसद वाई एस विवेकानंद रेड्डी की हत्या के मामले में सीबीआई जांच के दौरान उनकी बेटी और सीबीआई अधिकारी के खिलाफ दर्ज मामले को राज्य सरकार ने बंद कर दिया है। आंध्र प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को यह जानकारी दी।
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पूर्व कांग्रेस सांसद रेड्डी की बेटी के सुनीता रेड्डी और सीबीआई अधिकारी राम सिंह पर आरोप था कि वाई एस विवेकानंद रेड्डी की हत्या के मामले में सीबीआई जांच के दौरान उन्होंने सांसद के पूर्व पीए को झूठी गवाही देने के लिए धमकाया था। मामले में पूर्व पीए की शिकायत और न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर पूर्व कांग्रेस सांसद रेड्डी की बेटी के सुनीता रेड्डी और सीबीआई अधिकारी राम सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने भी दोनों के खिलाफ एफआईआर रद्द करने की याचिका को खारिज कर दिया था।
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इसके बाद पूर्व कांग्रेस सांसद रेड्डी की बेटी के सुनीता रेड्डी और सीबीआई अधिकारी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। गुरुवार को मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति संजय कुमार की पीठ को राज्य सरकार के वकील ने अवगत कराया कि पुलिस ने मामले को बंद करने की मांग करते हुए स्थानीय अदालत में एक रिपोर्ट दायर की है। पीठ ने कहा कि एफआईआर रद्द करने की मांग वाली अपीलों पर आगे सुनवाई की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि क्लोजर रिपोर्ट पहले ही दाखिल की जा चुकी है। विशेष अनुमति याचिका वापस ली गई मानते हुए खारिज की जाती है।
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यह लगा था आरोप
वाईएसआरसीपी सरकार के दौरान आंध्र प्रदेश पुलिस ने कांग्रेस सांसद वाई एस विवेकानंद रेड्डी के पूर्व पीए एमवी कृष्णा रेड्डी की शिकायत पर विवेकानंद रेड्डी की बेटी सुनीता नारेड्डी और सीबीआई अधिकारी राम सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। हत्या की जांच के सिलसिले में एमवी कृष्णा रेड्डी से सीबीआई पूछताछ कर रही थी। एमवी कृष्णा रेड्डी ने आरोप लगाया था कि उन्हें कडप्पा में केंद्रीय जेल के एक गेस्ट हाउस में सीबीआई अधिकारी ने कैद किया गया था और सुनीता नारेड्डी के आदेश पर झूठे सबूत देने के लिए कहा गया था। दिसंबर 2023 में पुलिवेंदुला में एक मजिस्ट्रेट ने पुलिस को जबरदस्ती और यातना के आरोपों के आधार पर विवेकानंद रेड्डी की बेटी और अन्य के खिलाफ एक नई एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया था।
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2019 में की गई थी पूर्व मंत्री की हत्या
आंध्र प्रदेश के दिवंगत मुख्यमंत्री वाई एस राजशेखर रेड्डी के भाइयों में से एक विवेकानंद रेड्डी की राज्य में विधानसभा चुनाव से हफ्तों पहले 15 मार्च, 2019 की रात को कडप्पा जिले के पुलिवेंदुला स्थित उनके आवास पर हत्या कर दी गई थी। हत्या के मामले की जांच शुरू में राज्य सीआईडी के एक विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा की गई थी, लेकिन जुलाई 2020 में इसे सीबीआई को सौंप दिया गया था। सीबीआई ने 26 अक्टूबर, 2021 को हत्या के मामले में चार्जशीट दायर की थी और इसके बाद 31 जनवरी, 2022 को एक सप्लीमेंट्री चार्जशीट दायर की।
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